भजन संहिता 140:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

हे यहोवा, दुष्ट की इच्छा को पूरी न होने दे, उसकी बुरी युक्ति को सफल न कर, नहीं तो वह घमण्ड करेगा। (सेला)

भजन संहिता 140:8 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 140:8 पर टिप्पणी

इस छंद में दाऊद प्राथना करते हैं कि परमेश्वर दुष्ट की योजनाओं को सफल न होने दे और उसे घमंड से प्रेरित न करे। संदर्भ में यह शिविर-धर्मी जीवन के संघर्षों के बीच ईश्वर की सुरक्षा के भरोसे की मांग है—जब समाज में बुराई तंत्र के खिलाफ ढाल बनना मुश्किल लगता है, तब भी जीवन एक ईमानदार मन से भगवान की सहायता माँगता है। यह पद आत्म-रक्षा और ईश्वर-निर्भरता की रक्षा-प्रार्थना का निरूपण है, न कि मात्र रक्षण की रट लगाना।

मुख्य अर्थ

दाता अनुरोध कर रहे हैं कि दुष्ट की योजना-विकल्प को निष्फल किया जाए ताकि घमण्ड उनके भीतर न पनपे। यह दिखाता है कि भली-भांति समझ लिया जाना चाहिए कि बुराई एक चेतावनी नहीं है, बल्कि एक खतरा है जो इंसान के हृदय में घमण्ड और अन्याय को उकसाता है। परमेश्वर की योजना के अधीन रहने से ही वह खतरा कम हो सकता है।

दो तीन केंद्रीय विषय

  • ईश्वर की सुरक्षा बनाम दुष्ट की योजनाएँ: प्रार्थना यह है कि प्रभु उनकी चाल को उलट दे ताकि दुष्ट दूसरों के लिए प्रेरणा न बनें।
  • घमण्ड का खतरा: घमण्ड अंदर से बढ़कर बाहर भी प्रकट होता है; यह भयावह नतीजों को आमंत्रित करता है यदि परमेश्वर मार्ग परिवर्तन नहीं कराते।
  • अनुकंपा और साहस: दाऊद निर्भय होकर Yahweh से साहाय मांगते हैं, यह दिखाता है कि भय के बावजूद ईश्वर में refuge पाया जाता है।

प्रासंगिक क्रॉस-रेफरנסים

1) भजन 2:4 — परमेश्वर दुष्ट की घमण्ड के विरुद्ध विरक्ति नहीं करते, बल्कि उनके मंसूबों को परखते हैं; इससे स्पष्ट होता है कि बुरे विचारों के प्रति ईश्वर की प्रतिक्रिया गहन और न्यायपूर्ण है.

2) भजन 37:7 — धैर्य के साथ प्रभु की सहायता मांगना, न कि जलन या जल्दबाजी में निर्णय लेना; यह संदर्भ दर्शाता है कि प्रभु से सहायता मिलती है जब हम अपनी योजनाओं को उसकी योजना के अधीन करते हैं।

3) उत्पत्ति 4:6-7 — कबिल और उसके सारी योजना-योजनाओं पर परमेश्वर की दृष्टि; घमण्ड जब असत्य और क्रूरता में बदले, तब ईश्वर सही मार्ग दिखाते हैं।

व्यावहारिक विचार

हमारी प्रार्थनाओं में यह verse एक स्पष्ट क्रम बनाती है: जो कुछ भी समाज के दबाव से उभर कर आता है, उसे परमेश्वर की रोशनी में परखे, और यदि वह बुराई की तरफ ले जाए तो विनम्रतापूर्ण शरण माँगें। साथ ही यह प्रेरणा देता है कि हम अपने भीतर घमण्ड या जिद को जड़ से दूर करें ताकि दूसरे को नुकसान न हो।

छोटा समापन

यह पद स्पष्ट करता है कि प्रभु के साथ हमारा संपर्क और उसकी कृपा में आश्रय लेना ही वास्तविक सुरक्षा है। दुष्ट की युक्तियों की सफलता को रोके बिना हमारा लक्ष्य नहीं, बल्कि हमारा ध्येय है कि हमारे जीवन में ईश्वर की इच्छा पहले आये और घमण्ड से मुक्त होकर एक सत्य-जीवन चले।

संक्षेप

भजन 140:8 हमें एक ऐसी प्रार्थना सिखाता है जिसमें भय या दबाव के समय भी हम प्रभु से सहायता माँगते हैं ताकि दुष्ट की योजनाओं को असफल किया जा सके और हमारे हृदय में सत्य और नम्रता बनी रहे।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 140:8 समानांतर पद और संबंधित वचन

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