भजन संहिता 21:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि राजा का भरोसा यहोवा के ऊपर है; और परमप्रधान की करुणा से वह कभी नहीं टलने का*।

भजन संहिता 21:7 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 21:7 पर टिप्पणी

यह पद राजा के जीवन के परिप्रेक्ष्य में विश्वास की प्रकृति को उजागर करता है। भजनकार यह दर्शाते हैं कि राज्य की सुरक्षा और स्थिरता केवल यहोवा के विश्वासयोग्य पालन से है; राजा की आशा उसे कभी भी विचलित नहीं होने देगी क्योंकि परमप्रधान की करुणा उसे चिर स्थिरता से बाँध लेती है। यह पाठ सिखाता है कि प्रभु पर पूर्ण भरोसा रखने से भव्य उन्नति भी हो सकती है, पर यह भरोसा सांसारिक सत्ता से अधिक परमेश्वर की करुणा पर टिकना चाहिए।

मुख्य meaning (केंद्रीय विचार)

पद कहता है कि राजा की भरोसे की जड़ें यहोवा में हैं और परमप्रधान की करुणा उसे कभी टलने नहीं देगी। इसका अर्थ है कि राष्ट्रिय नेतृत्व तथा प्रशासनिक संरचना यदि परमेश्वर के मार्ग पर चलती है, तो उनका संरक्षण अटूट रहता है। भरोसा का उद्देश्य स्वयं राजा नहीं, बल्कि राजा के राज्य-वृत्त के लिए स्थिरता और सुरक्षा है।

दो-तीन प्रमुख विषय

  • यहोवा पर पूर्ण भरोसा: शक्तिशाली भरोसा जो परिस्थितियों के विपरीत भी डिगना नहीं सीखता।
  • करुणा की निर्बंधता: परमप्रधान की करुणा और दया राजा के शासन को सुरक्षित बनाए रखती है।
  • स्थायित्व का आश्रय: सत्ता और निर्णय में स्थिरता यहोवा के साथ विश्वास से ही संभव है।

संबद्ध उद्धरण (cross-references) और उनका सार

1) भजन 46:2–3 – संकट के समय परमेश्वर हमारा शरणस्थान है; उसकी सहायता कितनी निकट है, यह अनुभव से समझ आता है। यह बताता है कि आत्म-विश्वास तब मजबूत होता है जब हमने डर में भी प्रभु के संरक्षण को देखा।

2) भजन 118:8 – व्यक्ति का समर्थ ठहरना परमेश्वर में है; मनुष्य के चुने जाने के बजाय यह दूरी उसकी कठिनाईयों में सुरक्षित रखने का आधार है।

3) नीतिसंहिता 3:26 – यहोवा के भय में बुद्धिमानी और सुरक्षा मिलती है; राज्य-नीति भी उसी मार्ग से स्थिर रहती है।

व्यावहारिक विचार

राज्य के नेताओं के लिए यह सुदृढ़ संकेत है कि असफलताओं, भय या प्रचार-तब्लीग से डरना नहीं चाहिए; धर्मभीरुता और करुणा से संचालित नेतृत्व ही स्थायित्व देता है। व्यक्तिगत स्तर पर, यहूदा-भावना में भी यह सिखाता है कि कठिन समय में भी प्रभु पर भरोसा रखें, और अपनी योजनाओं को उसकी इच्छा से मिलाएं।

छोटी-सी समेकित समरी

यहोवा पर राजा के भरोसे की पुष्टि और परमप्रधान की करुणा की अटूट स्थिरता भजन के केंद्र में है। इस भरोसे के साथ, शासन में भी सुरक्षा और दया, दोनों का मिश्रण रहता है। यह आधुनिक पाठक के लिए प्रेरणा है कि चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, प्रभु के मार्ग पर टिके रहना सबसे अधिक बचाव और मार्गदर्शक है।

संक्षिप्त निष्कर्ष

भजन 21:7 हमें सिखाता है कि सही नेतृत्व वही है जो यहोवा पर पूरा भरोसा रखे और परमकरुणा से अपने शासन को संचालित करे। यह न केवल राजा के लिए बल्कि हर विश्वासी के लिए पुष्टि है कि भरोसा और करुणा से संचालित जीवन और सरकार सुरक्षित रहते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 21:7 समानांतर पद और संबंधित वचन

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