Old Testament
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रोमियों 6:22 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
परन्तु अब पाप से स्वतंत्र होकर और परमेश्वर के दास बनकर तुम को फल मिला जिससे पवित्रता प्राप्त होती है, और उसका अन्त अनन्त जीवन है।
रोमियों 6:22 पद-दर-पद बाइबल टीका
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रोमियों 6:22 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 पतरस 2:16 (HINIRV) »
अपने आप को स्वतंत्र जानो* पर अपनी इस स्वतंत्रता को बुराई के लिये आड़ न बनाओ, परन्तु अपने आपको परमेश्वर के दास समझकर चलो।


पाठ का सीधा अर्थ
रोमियों 6:22 कहता है: पाप से स्वतंत्र होकर और परमेश्वर के दास बनकर तुम्हें जो फल मिला है, वह पवित्रता प्राप्त करना है, और उसका अन्त अनंत जीवन है। इसका सरल सार यह है कि मसीही जीवन पाप के दासत्व से छूटकर ईश्वर की सेवकाई में प्रवेश करने पर वास्तविक परिणामस्वरूप पवित्रता और निरंतर जीवन पनपता है।
परिप्रेक्ष्य–संक्षेप
यह पाठ रोमियों पथ-प्रवचन के एक भाग में आता है, जहां प्रेरित पौलूस बताता है कि परमेश्वर के सितंबर-नियम से पूर्व हम पाप के दास थे, पर अब मसीह के साथ नई स्थिति में आए हैं। बपतिस्मा के दृश्य में डूबकर हमारे पुराने स्वभाव की मृत्यु और नये जीवन की आरम्भ को दर्शाया गया है। यहाँ “फल” से आशय न केवल नैतिक परिणामों से है, बल्कि ईश्वरीय प्रकृति के अनुरूप जीवन जीने से है।
व्याख्यात्मक बिंदु
कथन के भीतर से निकले विचार
1) पाप से मुक्ति एक स्वतंत्रता है, न कि license। इस स्वतंत्रता के साथ दासत्व का परिवर्तन आता है—हम अब स्वेच्छा से परमेश्वर की राह चुनते हैं।
2) पवित्रता एक क्रिया है, परिणामस्वरूप आन्तरिक परिवर्तन से बाहर झलकती है—जीवन की रोजमर्रा की छुट-पुट क्रियाओं में भी धरणी-परक बदलाव दिखता है।
3) अनन्त जीवन एक भौतिक आयु से बढ़कर संबंध का माप है—ईश्वर के जीवन के संग जीने की निरंतरता।
संबद्ध शास्त्रीय विचार (संक्षिप्त उद्धरण संकेत)
समर्थन के तौर पर तीनों सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के निहित भाव देखें: पॉल ने मसीह के साथ नई पहचान को प्रमुख माना है—हैं।
निर्देशिका रूपरेखा: एक संक्षिप्त थीमैटिक सूची
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप व्याख्या)
रोमियों 6 के आसपास के अन्य पद क्रियात्मक परिवर्तन के सिद्धांत दिखाते हैं—जैसे कि रोमियों 6:4 में बपतिस्मा के प्रतीक के रूप में पुराने जीवन की मृत्यु और नए जीवन की शुरुआत। इब्रानियों 12:14 से प्रेरणा मिलती है कि पवित्रता सभी के लिए अनिवार्य है। 1 कुरिन्थियों 15:22 में बतलाया गया है कि यदि मर चुके नहीं तो जीवन का लाभ दूभर है; पर Christus के साथ जीना वास्तविक जीवन है।
संक्षिप्त व्यवहारिक निष्कर्ष
आज आप कैसे पवित्र जीवन की दिशा पकड़ें? पाप की ताकत कमज़ोर करने के लिए परमेश्वर के वचन को रोज़ पढ़ें, प्रतिदिन नम्र प्रार्थना और सेवक-निष्ठा के साथ दूसरों के लिए व्यवहार निर्माण करें। यह जीवन केवल विचारों में न रहे, बल्कि व्यवहार में परिलक्षित हो और आपके संबंध परमेश्वर के साथ गहरे हों।