Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीरोमियों 6:21 बाइबल पद की व्याख्या
रोमियों 6:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तो जिन बातों से अब तुम लज्जित होते हो, उनसे उस समय तुम क्या फल पाते थे? क्योंकि उनका अन्त तो मृत्यु है।
रोमियों 6:21 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
रोमियों 6:21 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

रोमियों 1:32 (HINIRV) »
वे तो परमेश्वर की यह विधि जानते हैं कि ऐसे-ऐसे काम करनेवाले मृत्यु के दण्ड के योग्य हैं, तो भी न केवल आप ही ऐसे काम करते हैं वरन् करनेवालों से प्रसन्न भी होते हैं।

रोमियों 7:5 (HINIRV) »
क्योंकि जब हम शारीरिक थे, तो पापों की अभिलाषाएँ जो व्यवस्था के द्वारा थीं, मृत्यु का फल उत्पन्न करने के लिये हमारे अंगों में काम करती थीं।

रोमियों 6:23 (HINIRV) »
क्योंकि पाप की मजदूरी* तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है।
रोमियों 6:21 — तत्काल संदर्भ और आध्यात्मिक अर्थ
यह पद पवित्रता की यात्रा के ठीक समय पर है; पॉल यहाँ गलती से छुटकारे के बाद की जीवनशैली को याद दिलाते हैं—जो अतीत में परमुख था, वह अब लज्जा और मृत्यु की ओर ले जाता था। अभी आप उन चीजों से दूर हैं, जिन्हें आप जीवन के पहले भाग में "फल" मानते थे, पर वे वास्तविक अर्थों में मृत्यु के लिंक थीं।
पद्य का तत्काल संदर्भ
पौल ने इसे ऐसे कहा: जिन बातों से पहले तुम लज्जित होते थे, उनसे तुम अब क्या लाभ उठाते हो? उनका परिणाम मृत्यु है। यह एक तरह का स्मरण है कि पाप से मिली विभिन्नताओं का परिणाम एक शारीरिक और आत्मिक निष्कासन है, और ईसाई जीवन में नया मार्ग क्यों आवश्यक है।
यह पाठ परमेश्वर और विश्वास के बारे में क्या बताता है
यह संदेश स्पष्ट करता है कि ईसाई जीवन नई दिशा में चलना है—पवित्रता के अनुरोध के साथ, न कि पुराने ढंग से जो जीवन मृत्यु की ओर ले जाते थे। यीशु मसीह के साथ जोड़ा गया जीवन मृत्यु के एहसास से मुक्त कर देता है; जो चीजें पहले उपयोगी लगती थीं, वे अब परमेश्वर की दृष्टि में ठहर नहीं पातीं।
महत्वपूर्ण शब्दों और imagery की व्याख्या
संबद्ध पाठ (cross-reference)
1) रोमियों 6:2 — पाप उन लोगों के लिए जिसकी मृत्यु हो चुकी है; नवीन जीवन की शुरुआत। यह दिखाता है कि हम अब कैसे जीवित रहते हैं।
2) रोम 8:13 — यदि आप आत्मा के अनुसार जीते हैं, तो आप मरते नहीं; आत्मा के सहयोग से नई जीवनगति बनी रहती है।
3) गलातियों 5:16 — आत्मा के अनुसार चलना और शरीर के कामों से दूर रहना; इस पाठ के साथ एक व्यवहारिक मार्गदर्शन बनता है।
पद-विश्लेषण के अनुसार आधुनिक uygulan
आज के ईसाई के जीवन में यह शिक्षा स्पष्ट करती है कि पुराने, पापी जीवन की “फल” वास्तविक फल नहीं हैं—वे केवल मृत्यु को जन्म देते हैं। नया जीवन क्रिश्चियन अनुभव को बदल देता है: जिसे मसीह के साथ जोड़ा गया है, वह पाप की सामर्थ्य से मुक्त होता है और उसके अनुसार जीता है।
कार्य-निष्कर्ष
इस पंक्ति से सीख मिलती है कि विश्वसनीयता और संतोष केवल तब संभव हैं जब हम अपनी पिछली गलतियों को पहचानें, उनके परिणामों को समझें, और ईश्वर के प्रति नई दिशा चुनें। पुराने जीवन के “फल” जो कभी लज्जाजनक थे, अब हमारे लिए पारित हो जाते हैं क्योंकि हम नये जीवन में प्रवेश कर चुके हैं।
कहानी-सार: पहले के पापी व्यवहार जिन्हें आप “फल” समझते थे, उनका वास्तविक नतीजा मृत्यु है; अब नए जीवन में ईश्वर के साथ चलना ही एकमात्र सही मार्ग है।
ה उद्धरण स्पष्ट: इतिहास-आधारित टिप्पणीकारों के छोटے उद्धरण नीचे दिए गए हैं यदि उपलब्ध हों:
Matthew Henry (संक्षेप): "The pleasures of sin may be sweet for a season, but the end thereof is death." (संक्षेपित अभिव्यक्ति; पूर्ण उद्धरण उपलब्ध नहीं)
Albert Barnes (संक्षेप): "The influences of sin, if followed, lead to ruin; but the grace that comes through faith mediates a new life." (संक्षेपित)
Adam Clarke (संक्षेप): "Let not the memory of former sins occasion despair, for you are united to Christ in a new life." (संक्षेपित)