रोमियों 9:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तो हम क्या कहें? क्या परमेश्‍वर के यहाँ अन्याय है? कदापि नहीं!

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रोमियों 9:14 पद-दर-पद बाइबल टीका

रोमियों 9:14 – परमेश्वर के न्याय में मानवीय उत्पत्ति और अधिकार

यह श्लोक हमें यह बताता है कि परमेश्वर के चयन और दया के विषय में हमारी समझ कितनी सरल हो, कितनी गहराई से प्रेरित है। जब पौलुस ने रोमियों के पाठक-समुदाय के सामने यह प्रश्न उठाया: “तो हम क्या कहें? क्या परमेश्वर के यहाँ अन्याय है? कदापि नहीं!”—तो उसका उद्देश्य यह स्पष्ट करना था कि परमेश्वर की चयनों और उसकी करुणा के पीछे मानवीय मानदंडों की धारणा नहीं चलती। यह वाक्य एक तर्क का भाग है कि दया और चुनाव परमेश्वर की स्वतंत्र सत्ता के अनुसार होते हैं, न कि हमारी योग्यताओं के अनुरूप।

प्रारम्भिक संदर्भ और मूल अर्थ

रोमियों 9 अध्याय में पौलुस परमेश्वर के चुनने के अधिकार, इस्राएल की स्थिति, और किस प्रकार दया और कठोरता मानवीय दावे से परे कार्य करती है, इन सभी पर विचार करते हैं। verse 14 वह स्पष्ट कथन है जो यह बताता है कि परमेश्वर के निर्णय में अन्याय नहीं हो सकता। यह एक तरह का नैतिक ध्वनि-संदेश है: परमेश्वर मुक्त रूप से चुनता है, दया दिखाता है, और उसे मानवीय समता के तराजू पर नहीं तौला जा सकता।

मुख्य संदेश

  1. परमेश्वर की स्वायत्त सत्ता: चयन और दया परमेश्वर की इच्छा के अनुसार होती है, न कि मनुष्य की योग्यता के अनुसार।
  2. धार्मिक सुरक्षा: यदि परमेश्वर निर्णय में समानता या अन्याय नहीं करते, तो वह सत्य, न्याय और पवित्रता के अनुरूप रहता है।
  3. समझने की सीमा: हम मानवीय दृष्टिकोण से परमेश्वर की योजनाओं को पूरी तरह नहीं समझ पाते, परन्तु भरोसा रखें कि वह धर्मी है।

पवित्र शास्त्र परिप्रेक्ष्य और थीम

रोमियों 9 में दया, चुनाव और न्याय की गूंज है। Paul यह स्थापित करता है कि परमेश्वर के चुनाव स्वतंत्र हैं और वे इतिहास की पूर्ति के प्रयास में चलते हैं, न कि केवल व्यक्तिगत मेरिट पर टिकते हैं। इस संदर्भ में विश्राम देता है कि परमेश्वर की शक्तिशाली और दयालु करुणा बंधन नहीं बनाती; वह स्वयं के मालिक के रूप में शासन करता है।

वैश्विक तादात्म्य के संदर्भ

1) कृत्यों 13:48 — जबGentiles ने विश्वास किया, तो यह दिखाता है कि दया का ढांचा केवल इस्राएल की परम्परा तक सीमित नहीं रहता।

2) י़ाह 55:8-9 (उद्धरण नहीं किया गया पर संदर्भित) — परमेश्वर की योजना मानव-सीमा से ऊँची है, और उसकी राहें हमारी समझ से परे जा सकती हैं।

3) ईब्र 6:11-12 — धैर्य और दृढ़ विश्वास से परमेश्वर की व promises पर टिके रहने का आह्वान देता है।

पवित्र ग्रंथों के साथ Cross-References

  • रोमियों 11:33–36: परमेश्वर की ज्ञान-गुण और उसकी निर्णय-प्रतिभा का अलौकिक विस्तार।
  • यशायाह 46:9–10: परमेश्वर की योजनाएं पूर्व निर्धारित हैं; वह सब कुछ अपने समय पर पूरा करता है।
  • याकूब 1:13–16: temptation से परमेश्वर को न जोड़ा जाए; चयनों के दायरे में मानव बलिहारी नहीं।

इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि परमेश्वर के निर्णय मानव योग्यता से ऊपर हैं, और उसकी दया न्याय के साथ संतुलित रहती है।

ऐतिहासिक-स्तर पर टिप्पणीकारों के संज्ञान से संजीव व्याख्या

पुस्तक के भीतर नीति-निष्ठ टिप्पणीकारों ने संकेत किया है कि इस verse में उत्तरदायित्व नहीं कि “क्यों” के पीछे उठे सवालों पर, बल्कि यह कि परमेश्वर की स्वतंत्र सत्ता के कारण हमारी समझ निहित रहती है।

संक्षिप्त devotional thought

जब हमारी तर्कशक्ति कहती है, “क्या परमेश्वर अन्याय नहीं करता?” तो शब्द आवाज देता है: नहीं। हमारा जन्म, हमारे कर्म, या हमारी योग्यता परमेश्वर के चयन को निर्धारित नहीं करते; परमेश्वर का प्रेम और दया स्वतंत्र है। इस विश्वास में सुखद शांति है—कि वह जो बनाता है, वह न्याय और करुणा से भरपूर है।

संक्षिप्त क्रॉस-रेफरेंसेस के योगदान

इन मार्गदर्शियों से सीख मिलती है कि परमेश्वर का चयन हमें आश्वस्त करता है कि उसकी योजना पूरी है और वह सदा विश्वासयोग्य रहता है।

उद्धरण नोट: इस पाठ के अंतर्गत Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के ठीक शब्दों से अगर शामिल किया गया है, तो वे निम्नलिखित छोटे-छोटे उद्धरण सार्वजनिक-डोमेन प्रविष्टियों से मिलना सम्भव है।

क्लीन निष्कर्ष: परमेश्वर के चयन का प्रश्न मात्र न्याय और प्रेम के परिप्रेक्ष्य में समझा जाए; कभी-कभी हमारा संदेह भी उसे और गहराई से देखने का अवसर देता है ताकि हम अपनी निर्भरता और श्रद्धा को मजबूत करें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

रोमियों 9:14 समानांतर पद और संबंधित वचन

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अब यहोवा का भय तुम में बना रहे; चौकसी से काम करना, क्योंकि हमारे परमेश्‍वर यहोवा में कुछ कुटिलता नहीं है, और न वह किसी का पक्ष करता और न घूस लेता है।” (रोम. 2:11)

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“वह चट्टान है, उसका काम खरा है*; और उसकी सारी गति न्याय की है। वह सच्चा परमेश्‍वर है, उसमें कुटिलता नहीं, वह धर्मी और सीधा है। (रोमी. 9:14)

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