Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
रोमियों 9:1 रोमियों 9:2 रोमियों 9:3 रोमियों 9:4 रोमियों 9:5 रोमियों 9:6 रोमियों 9:7 रोमियों 9:8 रोमियों 9:9 रोमियों 9:10 रोमियों 9:11 रोमियों 9:12 रोमियों 9:13 रोमियों 9:14 रोमियों 9:15 रोमियों 9:16 रोमियों 9:17 रोमियों 9:18 रोमियों 9:19 रोमियों 9:20 रोमियों 9:21 रोमियों 9:22 रोमियों 9:23 रोमियों 9:24 रोमियों 9:25 रोमियों 9:26 रोमियों 9:27 रोमियों 9:28 रोमियों 9:29 रोमियों 9:30 रोमियों 9:31 रोमियों 9:32 रोमियों 9:33



रोमियों 9:4 पर टिप्पणी — हकीकत और संदर्भ
सीधे शब्दों में अर्थ: “वे इस्राएली हैं, लेपालकपन का हक़, महिमा, वाचाएँ, व्यवस्था का उपहार, परमेश्वर की उपासना, और प्रतिज्ञाएँ उन्हीं की हैं।” इस वचन में प्रेरित पौलुस यह स्पष्ट करते हैं कि इस्राइल जनता को परमेश्वर के होकर उनका विशेष स्थान मिला है — उनके rite, राजधर्म, और साक्ष्य उन तक पहुँचे हैं जो परमेश्वर के चयन और वचन पर भरोसा करते हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
रोमियों की पच्चीस-पांच से आगे ईश्वर की योजना के बारे में चर्चा करते समय पौलुस ने इस्राइल के लाभों का उल्लेख किया है—उन्हीं की ज़िम्मेदारी, उनका इतिहास, और ईश्वर के चुनावों की प्रकृति। अध्याय 9-11 के भीतर यह प्रश्न उठाते हैं: क्या यह सारा लाभ सिर्फ इस्राएल के बारे में है, या ईश्वर के दायरे में अन्य जातियाँ भी सम्मिलित होंगी? यह पंक्ति उस विशेषाधिकार के अस्थिर नहीं रहने के बजाय एक दिव्य आशीष के तौर पर प्रस्तुत करती है, जो ईश्वर के वचन और व्यवस्था के साथ जुड़ा है।
व्याख्यात्मक दैनंदिन बिंदु
क्रॉस-रेफरेंसेस और उनके अर्थ
1) भजन 147:19-20 — परमेश्वर विशेष वरदानों के साथ इस्राइल को अपने वचन देता है; यहाँ हृदय का विशिष्ट संबंध है कि क्यों वे हकदार ठहरते हैं।
2) रोमियों 3:2 — यह दर्शाता है कि उनके पास प्रमाण-गवाह और धर्मचर्च का अभिन्न हिस्सा है, जो अन्य जातियों से अलग है।
3) गलातियों 3:29 — यदि आप मसीह में हैं, तो आप भी अभिन्न सदस्य हैं, जो यह समझाते हैं कि परमेश्वर की प्रतिज्ञाएँ विस्तृत रूप से सभी में पहुँचती हैं।
2-3 स्रोतों से संकलनित संकेत
यहाँ पुराने नियम के साक्ष्य और नए नियम की व्याख्या एक साथ मिलती है, ताकि यह समझे कि इस्राइल के लाभ केवल औपचारिक नहीं, बल्कि परमेश्वर के वचन के समर्पण और उनके धर्म-उपवास के साथ जुड़ा है।
— Matthew Henry से एक उद्धरण: “God hath chosen to be the father of the faithful, and hath ordained to set a mark of distinction upon Israel.”
— Albert Barnes से एक विचार: “The privileges of Israel were not given to merit, but to covenant relationship; yet the end of these privileges was to bring blessing to all nations.”
— Adam Clarke से एक टिप्पणी: “The privileges conferred upon Israel were intended to lead them to obedience and to be a light to the nations.”
संक्षिप्त विषय-वस्तु
व्यावहारिक निष्कर्ष
हम सोचें कि परमेश्वर के चुनिंदा मार्ग हमारे जीवन में कैसे उभरते हैं—जो हमें ईश्वर की उपासना, विश्वास और सेवा के लिए प्रेरित करें। चाहे हम किसी विशिष्ट जाति के हों या नहीं, ईश्वर के वचन और प्रतिज्ञाएं सभी के लिए खुली हैं जब हम उसमें आस्था रखते हैं।