Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
रोमियों 9:1 रोमियों 9:2 रोमियों 9:3 रोमियों 9:4 रोमियों 9:5 रोमियों 9:6 रोमियों 9:7 रोमियों 9:8 रोमियों 9:9 रोमियों 9:10 रोमियों 9:11 रोमियों 9:12 रोमियों 9:13 रोमियों 9:14 रोमियों 9:15 रोमियों 9:16 रोमियों 9:17 रोमियों 9:18 रोमियों 9:19 रोमियों 9:20 रोमियों 9:21 रोमियों 9:22 रोमियों 9:23 रोमियों 9:24 रोमियों 9:25 रोमियों 9:26 रोमियों 9:27 रोमियों 9:28 रोमियों 9:29 रोमियों 9:30 रोमियों 9:31 रोमियों 9:32 रोमियों 9:33



रोमियों 9:10 — पूरक पृष्ठभूमि और गहन अर्थ
पद का तात्पर्य यह है कि वह प्रसंग—उनका जिनके जीवन की योजना परमेश्वर के चयन और वायदा के अनुसार बनी—यही प्रभुत्व और निर्णय की गहराई दिखाता है। रोमियों 9 अध्याय में पवित्र NOTHING: परमेश्वर की चुनाव-स्वतंत्रता और मानव की प्रतिक्रिया, विशेषकर इश्वर-चयन के कारणों पर गहराई से विचार किया गया है। यहां रोमी 9:10 में रिबका के गर्भधारण का उल्लेख है, जब एक ही समय में इसहाक और रेबीका गर्भवती थीं। यह उदाहरण यह दर्शाता है कि परमेश्वर के वादे और चुनाव कैसे बच्चों के जन्म के समय से पहले ही निर्धारित होते हैं, और यह मानवीय योजना से परे होता है।
ईश्वर के चयन और विश्वास की गहराई
इस पाठ में ईश्वर के चयन की स्वतंत्रता स्पष्ट हो जाती है। परमेश्वर अपने उद्देश्य के अनुसार भाइयों-बहनों के बीच से चुन-चुन कर काम करता है, ताकि उसकी महिमा और विश्वास का मार्ग उजागर हो। यह चुनाव सिर्फ सांसारिक योग्यता पर निर्भर नहीं—बल्कि ईश्वर की कृपा और उद्देश्य पर निर्भर है।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
समानांतर उद्धरण और सम्बन्धित अंश
1) एडम क्लार्क एवं मैथ्यू हेनरी के टिप्पणियों में इस विचार को बार-बार दिखाया गया है कि ईश्वर की चयन-योजना मानवीय समझ से परे है और उसके उद्देश्य के अनुसार बनती है।
2) अल्बर्ट बार्न्स के दृष्टिकोण से यह दिखता है कि परमेश्वर के चुनाव का तात्पर्य भविष्यसूचक पवित्र योजना से है, जिसे विश्वास में मानना चाहिए।
गूढ़ता के साथ संदर्भ
- उत्पत्ति 25:21 में परावर्तित कथा—यह बताता है कि इसहाक और रिबका के घर में बोला गया वचन और उनके बच्चों के जन्म-क्रम से आगे बढ़कर ईश्वर के वचन के प्रतिफल बनते हैं।
- चाहे अन्य क्षेत्रों में भी ईश्वर के चुनाव के संकेत मिलते हैं, परन्तु यहाँ बहुधर्मिता से नहीं, बल्कि एक ठोस विश्वास-प्रक्रिया से सत्य उभरता है कि परमेश्वर किसे चुनता है और कब।
आज के जीवन में प्रायोगिक अनुप्रयोग
कुल मिलाकर, रोमियों 9:10 हमें यह सन्देश देता है कि ईश्वर की चुनाव-योजना प्रारम्भ से ही निर्धारित है और विश्वास के द्वारा ही हमें इसकी गहराई समझ में आती है। यह पाठ हमें नम्रता और आश्वासन दोनों देता है: हमारे भाग्य के स्रोत परमेश्वर के स्वभाव और वादे में सुरक्षित हैं।
संदर्भ-टुकड़े: उत्पत्ति 25:21; रोमियों 9 के अन्य संदर्भ; एडम क्लार्क, मैथ्यू हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स के टिप्पणियाँ की सामान्य पारमार्थिक लाइनें—जहाँ वे मानते हैं कि चयन का आधार मानव योग्यता नहीं, बल्कि परमेश्वर की इच्छा और कृपा है।