उत्पत्ति 25:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इसहाक की पत्‍नी तो बाँझ थी, इसलिए उसने उसके निमित्त यहोवा से विनती की; और यहोवा ने उसकी विनती सुनी, इस प्रकार उसकी पत्‍नी रिबका गर्भवती हुई।

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उत्पत्ति 25:21 पद-दर-पद बाइबल टीका

अर्थ का सीधा सार

उत्पत्ति 25:21 में यह कहावत है कि इसहाक की पत्नी रिबका बाँझ थीं, और परमेश्वर ने रिबका की विनती सुनकर उनके गर्भ में उत्तरदायी होकर गर्भवती होना संभव बनाया।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह अंश उत्पत्ति के उन घटनाक्रमों का भाग है जहाँ ईश्वर के वादों के क्रम में परिवार के घेरे में परिवर्तन होते हैं। इसहाक, अब्राहम के पुत्र, अपने जीवन में ईश्वर की योजनाओं को पूरी करने वाले मार्ग पर है। रिबका का बाँझ होना एक सामान्य मानवीय अनुभव था जिसे परमेश्वर के निर्देश और आशीष से बदला गया।>

पहले कृत्यों में दिखता है कि इसहाक ने अपनी पत्नी के लिए यहोवा से विनती की, और वह विनती सुन ली गई—यानी परमेश्वर ने गर्भधारण संभव किया। यह घटना दर्शाती है कि ईश्वर के उद्देश्य मानव इतिहास के केंद्र में रहते हैं और वे कैसे एक दंपति के सचेत प्रार्थनापूर्ण पहल पर प्रतिक्रिया करते हैं।

विश्लेषणात्मक बिंदु

  • त्वरित उद्धार: बाँझपन के बावजूद ईश्वर ने योजना पूरी करने की दिशा बनाई। यह दर्शाता है कि परमेश्वर मानव सीमाओं के ऊपर हैं और उनकी कृपा निर्बाध है।
  • विश्वास की प्राथना: रिबका के बारे में कहा गया कि वह विनती करती हैं; यह संकेत है कि आध्यात्मिक कुंजियाँ आशीर्वाद के द्वार खोल सकती हैं जब मनुष्य ईमानदारी से प्रार्थना करते हैं।
  • परीक्षण और पात्रता: गर्भ में से ही दो प्रतियोगी बच्चेदानी की धारणाएं शुरू होती हैं—याकूब और एसेव—जो भविष्य की कहानी का आधार बनते हैं और ईश्वर की योजना में उनके चयन के मार्ग की ओर संकेत करते हैं।

सहायक विषय-वस्तु (थीमैटिक क्लीनिस)

  1. ईश्वर की कृपा बनाम मानवीय असफलता: बाँझपन के बावजूद परमेश्वर ने दम्पति के लिए आशा दे दी।
  2. प्रार्थना और उत्तर: विनती के परिणामस्वरूप गर्भधारण संभव हुआ, जो विश्वास का एक प्रमाण है।

अन्य संबंधित पाठ (संक्षेप में व्याख्या)

यही घटना यह दर्शाती है कि पिता-पुत्र के वादे कैसे समय-सारिणी में पूरा होते हैं; उदाहरण के लिये अन्य जगहों पर भी माता-पिताओं की दुआएँ ईश्वर के स्मरण में रहती हैं, और उनका उत्तर जीवन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाता है।

छनादार निष्कर्ष

इसहाक और रिबका के ईमानदार प्रार्थना और ईश्वर की कृपा से गर्भधारण होना एक प्रेरक मिसाल है कि प्रभु के वचनों के अनुसार जीवन की दिशा तब बनती है जब मनुष्य अपनी कमियों को स्वीकार कर उसके लिए निर्भय प्रार्थना करते हैं।

क्रॉस-रेफरेंसेज़ और उनका संक्षिप्त सार

1) प्रेरणा: परमेश्वर की योजनाओं के लिए विश्वासपूर्वक माँगना। 2) आशीष और उत्तर: ईश्वर की कृपा से बाधाओं को पार करना संभव होता है। 3) भविष्य की तैयारी: यह कहानी आगे आने वाले बेटों के भाग्य से जुड़ी है; वे अगली पीढ़ी के इतिहास को आकार देंगे।

व्यावहारिक takeaway

जब कभी हमें निजी बाधाओं का अनुभव हो, विनती और विश्वास के साथ प्रतीक्षा करें—ईश्वर समय पर उत्तर देते हैं और हमारे जीवन में अपने वादों को पुख्ता करते हैं।

नोट: इस पाठ की एक विशिष्ट उद्धरण-सीमा के भीतर, Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संक्षिप्त विचारों से प्राप्त प्रेरक बिंदु नीचे संक्षेप में सम्मिलित किए गए हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 25:21 समानांतर पद और संबंधित वचन

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एज्रा 8:23 (HINIRV) »
इसी विषय पर हमने उपवास करके अपने परमेश्‍वर से प्रार्थना की, और उसने हमारी सुनी।

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2 इतिहास 33:13 (HINIRV) »
तब उसने प्रसन्‍न होकर उसकी विनती सुनी, और उसको यरूशलेम में पहुँचाकर उसका राज्य लौटा दिया। तब मनश्शे को निश्चय हो गया कि यहोवा ही परमेश्‍वर है।

1 इतिहास 5:20 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 इतिहास 5:20 (HINIRV) »
उनके विरुद्ध इनको सहायता मिली, और हग्री उन सब समेत जो उनके साथ थे उनके हाथ में कर दिए गए, क्योंकि युद्ध में इन्होंने परमेश्‍वर की दुहाई दी थी और उसने उनकी विनती इस कारण सुनी, कि इन्होंने उस पर भरोसा रखा था।

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