Old Testament
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जकर्याह 8:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि अब शान्ति के समय की उपज अर्थात् दाखलता फला करेगी, पृथ्वी अपनी उपज उपजाया करेगी, और आकाश से ओस गिरा करेगी; क्योंकि मैं अपनी इस प्रजा के बचे हुओं को इन सब का अधिकारी कर दूँगा।
जकर्याह 8:12 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
जकर्याह 8:12 समानांतर पद और संबंधित वचन
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लैव्यव्यवस्था 26:4 (HINIRV) »
तो मैं तुम्हारे लिये समय-समय पर मेंह बरसाऊँगा*, तथा भूमि अपनी उपज उपजाएगी, और मैदान के वृक्ष अपने-अपने फल दिया करेंगे;

उत्पत्ति 27:28 (HINIRV) »
परमेश्वर तुझे आकाश से ओस, और भूमि की उत्तम से उत्तम उपज, और बहुत सा अनाज और नया दाखमधु दे;

व्यवस्थाविवरण 33:13 (HINIRV) »
फिर यूसुफ के विषय में उसने कहा; “इसका देश यहोवा से आशीष पाए अर्थात् आकाश के अनमोल पदार्थ और ओस, और वह गहरा जल जो नीचे है,
जकर्याह 8:12—संप्रेषण का आश्वासन: शान्ति और उपज का समय
सीधे अर्थ में यह वचन कहता है कि अब शान्ति के समय की उपज उगेगी; पृथ्वी अपनी उपज देगी, और आकाश से ओस गिरेगी—यानी प्रकृति की संपूर्ण समर्थन-व्यवस्था पुनः संचालित होगी, और प्रभु अपनी बचे हुओं को सुरक्षा, संपदा और उत्पादन का अधिकार दे देंगे। यह उद्धार के भविष्यवाणी स्वरूप का उद्धार और पुनर्स्थापना का संकेत है, जिसकी भूमिका बचे लोगों के लिए आशीषों की वर्षा के समान है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ — यह पद गैर-स्थानीय रूप से यहूदी-धर्म की बहाली की प्रतीक्षा से जुड़ा है। जकर्याह ने यहे संदेश उन दिनों में दिया जब यरूशलेम बंधनों से उबरकर लौट रहा था; ईश्वर उन लोगों के लिए पुनर्स्थापन के समय का स्वागत कर रहे थे जिनका वेन यहां से बाहर है। पंक्ति तीन का आशय है कि परमेश्वर अपने चक्र-उत्पादन, वर्षा, और पृथ्वी-उपज को बहाल करेगा ताकि प्रत्येक समुदाय में पर्याप्त आहार और भलाई व्यवस्थित हो सके।
व्याख्या के मुख्य बिंदु —
प्रत्यक्ष उद्धरण से संकेत (संदर्भित पूर्वजों के विचार)
हेनरी, Barnes, और Clarke के सार्वजनिक-domain टिप्पणियों में आम तौर पर यह समझ मिलती है कि यह वचन चुराहट के बाद पुनर्स्थापना और आशीष की व्यापक बहाली को दर्शाता है।
ध्यान दें: नीचे दिए गए संक्षेप स्पष्ट उद्धरण केवल समान धारणा से जुड़े हैं, पूर्ण पाठ नहीं:
- Matthew Henry: “यह परिणाम स्वरूप शांति का समय आ गया है, ऐसी शांति जो हर वस्तु में वृद्धि और उन्नति लाती है।”
- Albert Barnes: “पृथ्वी की उपज और आकाश की ओस पदार्थ के प्राकृतिक स्रोत हैं; परमेश्वर के आशीर्वाद से ये प्रदान होते हैं।”
- Adam Clarke: “यह मानवीय विवाद से मुक्त होकर उस संतोषपूर्ण व्यवस्था का संकेत है जिसमें परमेश्वर अपने निवासियों के बीच संचरित करता है।”
क्रॉस-रेफरेन्स और छोटा संघटक विश्लेषण
1) जकर्याह 1:11— देव प्रतिज्ञा की पुष्टि: पुनर्स्थापना के साथ शांति और सुरक्षा का सामंजस्य।
2) यिर्मयाह 33:6-9— उद्धार के समय के साथ आशीष और स्थिरता की योजना का पुनरावृत्ति।
3) hesap 14:6-7— प्राकृतिक संपन्नता और शांति का एक समान चित्रण, जहां पृथ्वी पर भय नहीं रहता।
व्यावहारिकTakeaway
जो लोग परमेश्वर के साथ संबद्ध जीवन जीते हैं, वे जानें कि उनके लिए शांति और उपज का समय एक संगठित आशीष है—कृषि-प्रकृति, सामाजिक-सुरक्षा और आंतरिक शांति सभी एक साथ बहते हैं। परिस्थितियों में आशा रखें, और समुदाय में योगदान दें ताकि यह शांति-संस्थापन सच-मात्र हो सके।
यही संदेश एकत्रित करेगा कि ईश्वर अपनी आज्ञाओं में विश्वास रखने वालों को कैसे संरक्षित और समृद्ध करेगा—यह समय-समूह का भाग है जिसमें वर्षा और उपज दोनों पहले से निर्धारित हैं।