Old Testament
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जकर्याह 8:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि सेनाओं का यहोवा यह कहता है: “जिस प्रकार जब तुम्हारे पुरखा मुझे क्रोध दिलाते थे, तब मैंने उनकी हानि करने की ठान ली थी और फिर न पछताया,
जकर्याह 8:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 8:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यिर्मयाह 31:28 (HINIRV) »
जिस प्रकार से मैं सोच-सोचकर उनको गिराता और ढाता, नष्ट करता, काट डालता और सत्यानाश ही करता था, उसी प्रकार से मैं अब सोच-सोचकर उनको रोपूँगा और बढ़ाऊँगा, यहोवा की यही वाणी है।

यहेजकेल 24:14 (HINIRV) »
मुझ यहोवा ही ने यह कहा है; और वह हो जाएगा, मैं ऐसा ही करूँगा, मैं तुझे न छोड़ूँगा, न तुझ पर तरस खाऊँगा, न पछताऊँगा; तेरे चालचलन और कामों ही के अनुसार तेरा न्याय किया जाएगा, प्रभु यहोवा की यही वाणी है।”

यिर्मयाह 4:28 (HINIRV) »
इस कारण पृथ्वी विलाप करेगी, और आकाश शोक का काला वस्त्र पहनेगा; क्योंकि मैंने ऐसा ही करने को ठाना और कहा भी है; मैं इससे नहीं पछताऊँगा और न अपने प्राण को छोड़ूँगा।”
जकर्याह 8:14 — संकल्प, दयालुता का पुनरुद्धार
इस पद में यहोवा यह कहता है कि जिन समयों में पूर्वजों ने ईश्वर को क्रोध दिलाया, तब उसने विनाश की योजना बनाई, परन्तु यह निर्णय उनके प्रति स्थिर नहीं रहा; वह अपनी योजना को पलट सकता है और उद्धार के उद्धारकर्ता के रूप में कृपा दिखा सकता है। यह वाक्य संदर्भतः प्रसंग का भाग है जहाँ परमेश्वर पुनः यहूदियों के बीच अपनी कृपा की योजना खोलते हैं, उनकी वास्तविक स्थिति के बावजूद उनकी आशा बनाए रखी जाती है। इस समय प्रवचन में परमेश्वर यह बताता है कि उसके लोगों के लिए भविष्य में आशीष और पुनर्स्थापन का समय संभव है, यदि वे न मानें तो भी उसकी दया और विश्वासयोग्यता स्थिर रहती है।
मुख्य विचार
केंद्रीय संदेश यही है: परमेश्वर की क्रोध-निर्णय के बावजूद, उसकी कृपा और प्रतिफलित उद्धार की आशा खुली है। पवित्र विधान में यह दर्शाता है कि ईश्वर इतिहास के हर मोड़ पर अपनी वचनों के अनुसार चलना नहीं छोड़ते, बल्कि व्यवस्था के अनुसार पुनः बंधन खोलते हैं।
दो-तीन प्रमुख विषय
क्रॉस-रेफरेंसेस
- यह समान विचार को वापस परखता है कि ईश्वर की दया क्रोध से अधिक व्यापक है; पुराने निर्देशों के बाद भी उद्धार का मार्ग खुलता है, जैसे अन्य भविष्यवाणियों में भी पुनर्स्थापन का संकेत है।
- कुरआन नहीं; यह बाइबल संदर्भों में यहूदी-यही दृश्य को समझाने का एक तरीका है कि किस प्रकार परमेश्वर अपने चुने हुओं के लिए क्षमा और नवजीवन की पेशकश करता है।
- यिर्मयाह 31:34 जैसे संदेश जो यह बताते हैं कि परमेश्वर पुरानी टकराहों के बाद भी नई संविदा देता है।
नोट: उपरोक्त क्रॉस-रेफरेंसेस केवल विषयगत मेल को स्पष्ट करते हैं; पूर्ण वचन उद्धरण यहां नहीं दिए गए हैं ताकि पाठ के अर्थ पर केंद्रित रखा जा सके।
व्यावहारिक चिंतन
अपने जीवन में हम अक्सर अपने पूर्व कर्मों के भार से दब जाते हैं। लेकिन यह वचन याद दिलाता है कि परमेश्वर की योजना में हमारे बदलाव के लिए जगह है—यदि हम उस पर लौटें और उसकी कृपा को स्वीकार करें। उम्मीद की किरण कभी भी पूरी तरह से extinguish नहीं होती; उसके वायदे अभी भी हमारे साथ हैं।
संक्षिप्त समापन
यहोवा के अनुसार, पूर्व क्रोध दिखाने के बावजूद वह अपने लोगों के लिए पुनः आशीष और पुनर्स्थापन का रास्ता खोलते हैं। यह संदेश आश्वासन देता है कि निष्ठा के साथ लौटने पर ईश्वर अपनी दया और वचन के अनुरूप क्रियाशील रहते हैं।