Old Testament
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सपन्याह 3:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
“उस दिन, तू अपने सब बड़े से बड़े कामों से जिन्हें करके तू मुझसे फिर गई थी, फिर लज्जित न होगी। उस समय मैं तेरे बीच से उन्हें दूर करूँगा जो अपने अहंकार में आनन्द करते है, और तू मेरे पवित्र पर्वत पर फिर कभी अभिमान न करेगी।
सपन्याह 3:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
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सपन्याह 3:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 54:4 (HINIRV) »
“मत डर, क्योंकि तेरी आशा फिर नहीं टूटेगी; मत घबरा, क्योंकि तू फिर लज्जित न होगी और तुझ पर उदासी न छाएगी; क्योंकि तू अपनी जवानी की लज्जा भूल जाएगी*, और अपने विधवापन की नामधराई को फिर स्मरण न करेगी।

यशायाह 11:9 (HINIRV) »
मेरे सारे पवित्र पर्वत पर न तो कोई दुःख देगा और न हानि करेगा; क्योंकि पृथ्वी यहोवा के ज्ञान से ऐसी भर जाएगी जैसा जल समुद्र में भरा रहता है। इस्राएलियों का पुनः इकट्ठा होना

योएल 2:26 (HINIRV) »
“तुम पेट भरकर खाओगे, और तृप्त होंगे, और अपने परमेश्वर यहोवा के नाम की स्तुति करोगे, जिस ने तुम्हारे लिये आश्चर्य के काम किए हैं। और मेरी प्रजा की आशा फिर कभी न टूटेगी।
सपन्याह 3:11 पर टिप्पणी — एक दिन में उद्धार और अभिमान का अंत
इस वच्न का प्रमुख संदेश है: उस दिन परमप्रधान अपने लोगों के बीच से अहंकार और निर्भरता की कमी को दूर कर देंगे, ताकि वे पुनः नम्रता और पवित्रता में रहें। यह उद्धार का क्षण है, जिसमें हर प्रकार की लज्जा दूर होगी और अभिमान के कारण उत्पन्न भ्रम दूर हो जाएगा।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
सपन्याह ने यह रचना नबियों में एक मजबूत न्याय और दया का संयोजन प्रस्तुत करते हुए की है। पुस्तक का केंद्र बचाव और पुनर्प्राप्ति है—यहोवा के चुने हुओं को भक्ति के मार्ग पर लौटना और प्रतिफल के रूप में पवित्र राज्य की स्थापना। अध्याय 3 के पाठ में विशेष रूप से यरूशलेम के भीतर की कुटिलता, दमन और घमंड के विरुद्ध ईश्वर की आक्रामक पराकाष्ठा और फिर उनकी कृपा की बहाली दिखाई देती है। हालाँकि यह संदेश तत्काल ऐतिहासिक संदर्भ में भी पहचाना जाता है, परन्तु भविष्य के उद्धारक दिवस के प्रति भी संकेत देता है।
interpretive observations
एक-सार/themes
क्रॉस-रेफरेंस और उनसे मिली समझ
यहाँ तीन संवेदी क्रॉस-रेफरेंस हैं जो पाठ के अर्थ को बढ़ाते हैं:
व्याख्या: इन संकेतों से स्पष्ट होता है कि अभिमान-रहित जीवन और ईश्वर केआशीर्वाद के भीतर ही वास्तविक उद्धार संभव है—जो दिन आएगा वह हर ऊँचे दावे को चुनौती देगा और पवित्र अस्तित्व की प्रतिष्ठा बनेगी।
व्यावहारिक Takeaway
संदर्भ के साथ संक्षेप विचार
सपन्याह 3:11 इस बात का स्मरण कराता है कि उद्धार के दिन परमेश्वर अपने लोगों के भीतर नये रूप में आकर अभिमान को दूर कर देंगे। यह केवल व्यक्तिगत मोक्ष नहीं है, बल्कि समुदाय के भीतर पवित्रता और सन्तुलन की स्थापना है।
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Matthew Henry के अनुसार: “…” (उद्धरण संक्षेप, प्रकाशित public-domain commentary से)
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Adam Clarke के अनुसार: “…” (उद्धरण संक्षेप, प्रकाशित public-domain commentary से)