Old Testament
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सपन्याह 3:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इस्राएल के बचे हुए लोग न तो कुटिलता करेंगे और न झूठ बोलेंगे, और न उनके मुँह से छल की बातें निकलेंगी। वे चरेंगे और विश्राम करेंगे, और कोई उनको डरानेवाला न होगा।” (प्रकाशित. 14:5)
सपन्याह 3:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
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सपन्याह 3:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 60:21 (HINIRV) »
तेरे लोग सब के सब धर्मी होंगे; वे सर्वदा देश के अधिकारी रहेंगे, वे मेरे लगाए हुए पौधे और मेरे हाथों का काम ठहरेंगे, जिससे मेरी महिमा प्रगट हो। (प्रका. 21:27, इफि. 2:10, 2 पत. 3:13)

सपन्याह 2:7 (HINIRV) »
अर्थात् वही समुद्रतट यहूदा के घराने के बचे हुओं को मिलेगा, वे उस पर चराएँगे; वे अश्कलोन के छोड़े हुए घरों में सांझ को लेटेंगे, क्योंकि उनका परमेश्वर यहोवा उनकी सुधि लेकर उनकी समृद्धि को लौटा ले जाएगा।

मीका 4:7 (HINIRV) »
और लँगड़ों को मैं बचा रखूँगा, और दूर किए हुओं को एक सामर्थी जाति कर दूँगा; और यहोवा उन पर सिय्योन पर्वत के ऊपर से सदा राज्य करता रहेगा।
सपन्याह 3:13 का हिन्दी व्याख्या (HINIRV)
पद इस्राएल के बचे हुए लोगों के बारे में आश्वासन देता है कि वे कुटिलता, झूठ और छल-छद्म से मुक्त रहेंगे। यह उद्धार के समय के दृष्टिकोण से एक उच्च और शांत भविष्य का चित्र है, जिसमें चूँकि दयालु प्रभु के संरक्षण में उनका जीवन ईमानदारी और स्थिरता से भरा है। सन्तोष और शांति की यह स्थिति उनके अपने कर्मों की वजह से नहीं, बल्कि परमेश्वर की कृपा और उद्धार के पूर्ण संकल्प के कारण है। प्रदत्त प्रकाशन-युग में यह वर्तमान पीढ़ी के लिए भी एक प्रेरणा बनती है कि विश्वास के साथ जीवन को साफ-सुथरा और निडर बनाए रखें।
मुख्य अभिप्रेत अर्थ
यह वचन उन बचे हुए लोगों के नैतिक परिवेश की पुष्टि करता है: उनका मुँह छल से मुक्त रहेगा, वे सच बोलेंगे, और उनके चारों ओर डराने-धमकाने वाला कोई नहीं होगा। वे चरेंगे और विश्राम करेंगे—यानी सुरक्षित और शांत स्थिति में जीवनयापन करेंगे। यह युग-ध्यान उन्हें सच्चाई, सुरक्षा और सरल आचरण की ओर बुलाता है, जिसमें ईश्वर की कृपा से उनकी रक्षा और स्थायित्व सुनिश्चित है।
तीन प्रमुख विषय
क्रॉस-रेफरेंसेस और उनके प्रकाश
- पवित्र जीवन के लिए आचार-निर्माण (यशायाह 33:15-16): ईमानदारी और निष्कपट आचरण के परिणामों का उद्घाटन।
- सत्यप्रियता की महिमा (यूहन्ना 8:32): सत्य से लोग मुक्त होते हैं, और यह उद्धार के मार्ग को मजबूत करता है।
- सुरक्षा में विश्राम (यूहन्ना 14:27): यीशु के शांति-उद्धार से मन शांत रहता है, भय कम होता है।
सूक्ष्म समझ और उद्धार-आचरण
पुराने अनुशासन में कहा गया है कि ईश्वर के लोग सत्यप्रियता में रहते हैं, जिससे समाज में विश्वास बढ़े और विरोधी भी सत्य के सामने दबे रहें। प्रेरित पाठों की रोशनी में यह स्पष्ट है कि मसीह की आत्मा विश्वासियों के भीतर भरोसा और नैतिकता की प्रेरणा बनाती है, जिससे झूठ और छल से दूरी बनी रहती है।
व्यावहारिक चिंतन
संक्षेप
सपन्याह 3:13 बचे हुए लोगों के लिए एक विशुद्ध, सुरक्षित और शांत जीवन की प्रतिज्ञा है, जो ईश्वर की कृपा से संभव है। सच बोलना, कुटिलता से दूरी और भय के बिना जीवन—ये सभी किर्तन-आचरण का अंग बनते हैं, ताकि वे परमेश्वर के राज के प्रकाश में स्थिर रहें।
प्रमुख उद्धरण: "न तो कुटिलता करेंगे और न झूठ बोलेंगे" (सपन्याह 3:13).