Old Testament
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सपन्याह 3:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यहोवा ने तेरा दण्ड दूर कर दिया* और तेरे शत्रुओं को दूर कर दिया है। इस्राएल का राजा यहोवा तेरे बीच में है, इसलिए तू फिर विपत्ति न भोगेगी।
सपन्याह 3:15 पद-दर-पद बाइबल टीका
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सपन्याह 3:15 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 51:22 (HINIRV) »
तेरा प्रभु यहोवा जो अपनी प्रजा का मुकद्दमा लड़नेवाला तेरा परमेश्वर है, वह यह कहता है, “सुन, मैं लड़खड़ा देनेवाले मद के कटोरे को अर्थात् अपनी जलजलाहट के कटोरे को तेरे हाथ से ले लेता हूँ; तुझे उसमें से फिर कभी पीना न पड़ेगा;

यहेजकेल 39:29 (HINIRV) »
और उनसे अपना मुँह फिर कभी न मोड़ लूँगा, क्योंकि मैंने इस्राएल के घराने पर अपना आत्मा उण्डेला है, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।”

यहेजकेल 37:24 (HINIRV) »
“मेरा दास दाऊद उनका राजा होगा; और उन सभी का एक ही चरवाहा होगा। वे मेरे नियमों पर चलेंगे और मेरी विधियों को मानकर उनके अनुसार चलेंगे। (यहे. 34:23)
सपन्याह 3:15 पर टिप्पणी—Contextual स्पष्टव्याख्या
पवित्र यरूशलेम के उद्धारकर्ता के संदर्भ में यहोवा का संदेश यहोशापूर्वक भय-भरी चेतावनी नहीं है, बल्कि उद्धार की घोषणात्मक बानगी है। संदर्भ में, यहोवा यहोशफात की सत्ता-धारणा और दयालु कृपा के बीच संकट के समय में लोगों को आश्वस्त करता है कि वह उनके साथ है और दण्ड-आधारित भय से मुक्त कर देगा। यह verse यह दिखाता है कि परमेश्वर का अभिसरण उनके चुने हुए लोगों के साथ सक्रिय है—वे सक्षम और सुरक्षित रहेंगे क्योंकि प्रभु उनका राजा और मित्र है।
मुख्य अर्थ
यहोवा ने दण्ड दूर कर दिया—यह उद्धार का संदेश है: परमेश्वर ने जातीय गड़बड़ी, खतरे और शत्रुओं के प्रभाव को घटाया है। इस्राएल का राजा यहोवा तेरे बीच में है—एक महत्वपूर्ण दृश्यों का संकेत: परमेश्वर स्वयं अपने लोगों के बीच क्षितिज में उपस्थित है। इसलिए तू फिर विपत्ति न भोगेगी—आश्वासन कि भविष्य के संकट अब स्थिर नहीं रहेंगे; अवसर के समय में भी, प्रभु उनका संरक्षक बना रहता है।
मुख्य विषय
संबंधित पवित्र ग्रंथ
- यशायाह 41:10 का संदेश भी यह कहता है कि परमेश्वर तुम्हारे साथ है, डरना नहीं; यह संदेष एक समान आश्वासन देता है कि प्रभु की उपस्थिति भय को हर देती है।
- यूहन्ना 14:27 में यीशु कहता है, शांति तुम्हें दूँ—जो दुनिया दे उसे न दूँ; यह उद्धारकत्व के साथ शांति का बंधन दर्शाता है।
- जेह 2:27 में ‘मैं तुम में रहूँगा’ का विचार यहोवा की उपस्थिति और सामुदायिक सुरक्षा को प्रकट करता है।
इन संदर्भों में यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर की उपस्थिति और सुरक्षा, संकट-मुक़ाबले में भक्तों के लिए क्रमशः स्थिर भरोसा बनती है।
व्यावहारिक विचार
आज के जीवन में यह verse हमें यह सिखाता है कि जब संसार भय और चुनौतियों से घिरा हो, तब भी हमारी आशा परमेश्वर की उपस्थिति में होनी चाहिए। यह चेतावनी नहीं, बल्कि प्रेरणा है कि प्रभु हमारे बीच रहते हैं, इसलिए मन शांत रहे और सेवा-जीवन को निर्भयता से आगे बढ़ाया जा सके। विश्वासियों को अपने सुरक्षा-कर्ता के प्रति संबंध मजबूत करना चाहिए—नौकरी, स्वास्थ्य या परिवार पर कोई भी संकट क्यों न हो, प्रभु के साथ संगति बनाए रखना ही असल सुरक्षा है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
सपन्याह 3:15 यह संदेश देता है—दण्ड दूर, शत्रु-वृत्ति घटित और परमेश्वर स्वयं के बीच में रहने से भविष्य के विपत्तियाँ न्यून होती हैं। यह verse एक ऐतिहासिक उद्धार-आज्ञा है, जिसे आज भी आत्मिक सुरक्षा और आश्वासन के स्रोत के रूप में पक्का माना जा सकता है।
चर्च-उद्धरणीय टिप्पणी (महत्वपूर्ण उद्धरण)
डिटेल टिप्पणीकारों से संक्षेपित विचार:
Matthew Henry के शब्दों से—“God is with us, and our safety lies in His presence.” (स्टैण्डर्ड संस्करण का सार) यह उद्धार का संदेश है कि नये संकटों में भी परमेश्वर की उपस्थिति ही हमारी रोक-थाम है।
Albert Barnes ने कहा कि—यहोवा के साथ रहना ही दक्षिणावर्त सुरक्षा के स्रोत है, और शत्रुओं की औछी चालों से मुक्त रहने का आधार यही है।
Adam Clarke ने स्पष्ट किया कि—प्रभु की उपस्थिति के कारण राज्य-उद्धार संभव है, क्योंकि राज्य-कर्ता वही है जो न्याय-सम्मत शासन से मनुष्यों को बचाता है।
cross-reference संक्षिप्त विवेचन
1) यशायाह 41:10 — प्रभु के साथ होने की आश्वासनात्मक सुरक्षा; उपस्थिति भय को हर देती है।
2) यूहन्ना 14:27 — यीशु की शांति, शत्रुओं की स्थिति में भी मानसिक शांति का स्रोत।
3) जेह 2:27 — दिव्य-उपस्थिति और समुदाय में परमेश्वर के साथ रहने का दृढ़ विश्वास।