Old Testament
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सपन्याह 3:19 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
उस समय मैं उन सभी से जो तुझे दुःख देते हैं, उचित बर्ताव करूँगा। और मैं लँगड़ों को चंगा करूँगा, और बरबस निकाले हुओं को इकट्ठा करूँगा, और जिनकी लज्जा की चर्चा सारी पृथ्वी पर फैली है, उनकी प्रशंसा और कीर्ति सब कहीं फैलाऊँगा।
सपन्याह 3:19 पद-दर-पद बाइबल टीका
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सपन्याह 3:19 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 49:25 (HINIRV) »
तो भी यहोवा यह कहता है, “हाँ, वीर के बन्दी उससे छीन लिए जाएँगे, और दुष्ट का शिकार उसके हाथ से छुड़ा लिया जाएगा, क्योंकि जो तुझसे लड़ते हैं उनसे मैं आप मुकद्दमा लड़ूँगा, और तेरे बाल-बच्चों का मैं उद्धार करूँगा।

यशायाह 60:14 (HINIRV) »
तेरे दुःख देनेवालों की सन्तान तेरे पास सिर झुकाए हुए आएँगी; और जिन्होंने तेरा तिरस्कार किया सब तेरे पाँवों पर गिरकर दण्डवत् करेंगे; वे तेरा नाम यहोवा का नगर, इस्राएल के पवित्र का सिय्योन रखेंगे।

यिर्मयाह 30:16 (HINIRV) »
परन्तु जितने तुझे अब खाए लेते हैं, वे आप ही खाए जाएँगे, और तेरे द्रोही आप सबके सब बँधुआई में जाएँगे; और तेरे लूटनेवाले आप लुटेंगे और जितने तेरा धन छीनते हैं, उनका धन मैं छिनवाऊँगा।
सपन्याह 3:19 पर नज़दीकी टिप्पणी
यह वायदा स्पष्ट करता है कि परमेश्वर दुःख में डूबे भक्तों के लिए कैसे करुणामय क्रिया करेगा। नीचे उसके पथों का सार, अध्याय का संदर्भ, और व्यावहारिक अनुप्रयोग दिया गया है ताकि पाठक एक साहसपूर्ण विश्वास के साथ आगे बढ़ सके।
पाठ के बारे में संक्षिप्त अवलोकन
सपन्याह के अध्याय 3 में यह गूढ़ वाक्य उन लोगों के लिए आशा के दीपक के रूप में है जो समाज में अभिशोचित और अपमानित हैं। अगले-पीछे के संदर्भों में विश्वासयोग्यों के लिए उद्धार का संदेश स्पष्ट है: परमेश्वर अत्यंत दयालु है, वह लज्जित, रोगी और दीर्घ-प्रतीक्षित पीड़ितों के लिए发动 करता है। इस वाक्य के अंतर्गत प्रमुख सत्यों की झलक मिलती है—उचितता, चिकित्सा, एकत्रिकरण और महान ख्याति का पुनःप्रकाशन।
कथा का केंद्र वाक्य
जहाँ–जहाँ प्रभु दयालुता को दिखाई देगा, वहीं–वहीं बंधन टूटेंगे: गरीबों को न्याय मिलेगा, लंगड़े चंगे होंगे, पराए बंधन खुलेंगे और बेअवसर व्यक्तियों की ख्याति पुनः फैलेगी। यह नये निवास की प्रत्याशा है जहाँ परमेश्वर अपने लोगों के पक्ष में निर्णायक रूप से चलता है।
मुख्य आध्यात्मिक शिक्षा
अनुपम तुलना: पवित्र ग्रंथ से संबंधित संदर्भ
1) यशायाह 61:1-3 में उद्धारकर्ता के आयन का वर्णन है—आनंद, ऊँचाई और रोग-चंगाïय। यह सपना स्पश्ट करता है कि उद्धार का अभियान दबे-कुचलों के लिए है।
2) मत्ती 11:28-30 में येशु कहते हैं, “आओ, तुम सब विश्राम पाओ”—यह भी एक आह्वान है जहाँ जीवन के बोझ हल्के होते हैं, और शांति का चंगा मिलता है।
3) रिकवरी और पुनर्स्थापन के लिए “कहानी” के समान अन्य संदर्भों में रोम 8:28-30 और पिल 2:9-11 भी प्रेरणा देते हैं कि परमेश्वर कैसे प्रभु यीशु के जरिये व्यक्ति-समुदाय को पुनः उच्च स्थिति में लाते हैं।
हिंदी में संपूर्ण अनुप्रयोग
- अपने दुःख और लज्जा के समय में परमेश्वर पर आशा रखें: वह आपकी चिकित्सा करेगा और आपकी प्रतिष्ठा लौटाएगा।
- कमजोर, शारीरिक या सामाजिक रूप से दबे लोगों के लिए सहानुभूति और सहायता के ठोस उपाय अपनाएं; समुदाय में सम्मिलन और सम्मान को बढ़ावा दें।
- कठिनाई के बीच विश्वास बनाए रखें क्योंकि ईश्वर का उद्देश्य यहाँ “प्रशंसा और कीर्ति” का पुनर्स्थापना है — चाहे वह आज के दिन में कैसे दिखे।
व्यावहारिक दृष्टांत
कथन-सार और संदर्भ
इस अध्याय के प्रमुख संदेश की पुष्टि “कथन-सार” में मिलती है: परमेश्वर उन लोगों की मदद करता है जो दुःख से दबे हैं और अंततः उनकी चंगाïय, एकत्रिकरण और महिमा से उनकी लज्जा दूर होती है।
क्रॉस-रेफरेंसेज़
- यशायह 61:1-3 — उद्धारकर्ता की भूमिका और मंसूबे की पुष्टि।
- मत्ती 11:28-30 — आना और विश्राम पाना, आत्मा की चंगाïय।
- रोम 8:28-30 — ईश्वर की योजना में सभी चीज़ों की उचितता और पुनर्स्थापन।
महत्वपूर्ण उद्धरण: इस पंक्ति के भीतर सीधे Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के पूर्ण वाक्यों का उद्धरण यहाँ नहीं दी गयी है, ताकि पाठ की पवित्रता और हिन्दी अनुवाद के साथ निर्भरता बनी रहे। यदि आप चाहें, तो मैं उनके विशिष्ट संक्षेप टिप्पणी पंक्तियाँ हिंदी अनुवाद के साथ दे सकता हूँ।
इस वाक्य का अंतर्देश्य है—जो लोग अपमानित और दुखित हैं, वे राजसी सम्मान के लिए बुलाये जाते हैं; और परमेश्वर अपनी महान कृपा से उनका उद्धार और महिमा वापस लाएगा।