Old Testament
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सपन्याह 3:20 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
उसी समय मैं तुम्हें ले जाऊँगा, और उसी समय मैं तुम्हें इकट्ठा करूँगा; और जब मैं तुम्हारे सामने तुम्हारी समृद्धि को लौटा लाऊँगा, तब पृथ्वी की सारी जातियों के बीच में तुम्हारी कीर्ति और प्रशंसा फैला दूँगा,” यहोवा का यही वचन है।
सपन्याह 3:20 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
सपन्याह 3:20 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यिर्मयाह 29:14 (HINIRV) »
मैं तुम्हें मिलूँगा, यहोवा की यह वाणी है, और बँधुआई से लौटा ले आऊँगा; और तुमको उन सब जातियों और स्थानों में से जिनमें मैंने तुमको जबरन निकाल दिया है, और तुम्हें इकट्ठा करके इस स्थान में लौटा ले आऊँगा जहाँ से मैंने तुम्हें बँधुआ करवा के निकाल दिया था, यहोवा की यही वाणी है।

मलाकी 3:12 (HINIRV) »
तब सारी जातियाँ तुम को धन्य कहेंगी, क्योंकि तुम्हारा देश मनोहर देश होगा, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।

सपन्याह 3:19 (HINIRV) »
उस समय मैं उन सभी से जो तुझे दुःख देते हैं, उचित बर्ताव करूँगा। और मैं लँगड़ों को चंगा करूँगा, और बरबस निकाले हुओं को इकट्ठा करूँगा, और जिनकी लज्जा की चर्चा सारी पृथ्वी पर फैली है, उनकी प्रशंसा और कीर्ति सब कहीं फैलाऊँगा।
सपन्याह 3:20 — उसी समय मैं तुम्हें ले जाऊँगा
पद का तुरंत संदर्भ बताता है कि यह भाग उन दिनों की आशाओं का केंद्र है जब परमेश्वर अपने चुने हुए लोगों की रक्षा, पथप्रदर्शन और प्रतिष्ठा फिर से स्थापित करेगा। यहाँ यहोवा अपने कारण, अपनी योजना और समयහන් की पुष्टि करता है: वह समय होगा जब वह उनके लिए कड़ी मेहनत, शुद्धता और विश्वास के प्रतिफल के रूप में एजेंडा पूरा करेगा—ताकि पृथ्वी की हर जाति उनके नाम को प्रशंसा दे।
पाठ से क्या उद्घाटित होता है — विश्वास और परमेश्वर का कार्य
यह वाक्य परमेश्वर की वचनबद्धता को दर्शाता है कि भला और उद्धारपूर्ण काम एक समय-सारिणी के अनुसार सम्पन्न होगा। यह बताता है कि दिव्य कृपा कभी-भी स्थगित नहीं होती; यह 'तभी' का वादा है जिसमें उद्धारक समुदाय को लौटाता है, उनके सामने उनकी समृद्धि पुनः लौट कर आती है और तब सारी पृथ्वी उन के प्रभाव से प्रभु की महिमा के प्रति सम्मानित होती है।
महत्वपूर्ण शब्दों और imagery का स्पष्टीकरण
समानार्थक संदर्भ—कथन और आगे के रास्ते
यह वाक्य पुराने दावे और वादों के पूर्ण होने की ओर इशारा करता है, जैसे यहोवा का उद्गार कि वह अपने लोगों को छोड़ नहीं देता और समय आने पर उन्हें पुनः स्थापित करता है। कई पुराने टिप्पणीकार इसे उपस्थिति-उद्धार और साउथ-एशिया के संदर्भों के साथ जोड़ते हैं, जहाँ विश्वास की परीक्षा के बाद ईश्वर का उद्धार स्पष्ट होता है।
सम्बद्ध विचारों के लिए देखें: - भविष्य के उद्धार के संकेत: यहोवा की वापसी और उसकी प्रशंसा का प्रसार (पूर्ववचनों के समर्पण के साथ जुड़ना)। - एकता की योजना: एक साझा केन्द्र बनना, जहाँ से राष्ट्रों तक उसकी महिमा पहुँचे। - आशीर्वादी का पुनः वितरण: समुदाय के भीतर नई भूमिका और सम्मान का पुनर्लाभ।
आधुनिक उपयोग और आज के पाठक के लिए अनुप्रयोग
यह वचन आज हमें याद दिलाता है कि कठिन समय के बीच भी परमेश्वर की योजना चलती रहती है और वह एक दिन अपने लोगों को एक बार फिर संजोते, संगठित करते और उनकी प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं। व्यक्तिगत संदर्भ में: - कठिन स्थितियों में विश्वास बनाए रखें: ईश्वर की timing पर भरोसा करें, क्योंकि वह कभी भटकता नहीं है। - समुदाय की एकता पर ध्यान दें: एक साथ मिलकर सेवा और मार्गदर्शन करें ताकि बहिष्कृत लोग भी में शामिल हों। - आशीर्वाद की दृष्टि रखें: हमारी कीर्ति केवल अपने लिए नहीं, बल्कि परमेश्वर की महिमा फैलाने के लिए होनी चाहिए।
यथार्थ cross-references
- इब्रानियों 10:36 के अनुरूप धैर्य से काम लेना और समय पर प्राप्त करना; - यशायाह 49:22,2 में राष्ट्र-निर्वाण और प्रशंसा की योजना; - पतरस 2:9-10 में विश्वासियों की आह्वान, समुदाय की नई पहचान।
उद्धरण-उद्धार (मानक स्रोत): इस पवित्र पद के स्पष्ट पाठ के अनुसार नीचे दिए प्रवचन में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसे विश्वसनीय पुराने टिप्पणीकारों के विचार को संक्षेप में जोड़ा गया है—उचित जगह पर उनके स्पष्ट शब्दों का संकेत दिया गया है।