1 शमूएल 12:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब शमूएल ने यहोवा को पुकारा, और यहोवा ने उसी दिन मेघ गरजाया और मेंह बरसाया; और सब लोग यहोवा से और शमूएल से अत्यन्त डर गए।

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1 शमूएल 12:18 पद-दर-पद बाइबल टीका

पठ: 1 शमूएल 12:18 – एक दया और भय की घड़ी

पाठ में शमूएल ने यहोवा को पुकारा और यहोवा ने मेघ गरजाया और बरसाई—यह वही क्षण है जब दया और न्याय दोनों एक साथ प्रकट होते हैं। यह verse एक ऐसे समय को दर्शाता है जब लोग परमेश्वर की महिमा और सामर्थ्य के सामने झुकते हैं, और राजा सत्य के ऊपर अस्थिर न्याय की स्थिति में भी ईश्वर के प्रति डर और विश्वास की प्रतिक्रिया दिखाते हैं.

पाठ का संक्षिप्त उद्देश्य

शमूएल 12 अध्याय में, इच्छुक शिष्यों, नेताओं और यरूशलेम के नागरिकों के बीच यह संदेश है कि परमेश्वर के चहुँओर नियंत्रण को मानना चाहिए। इस verse में यह स्पष्ट है कि प्रार्थना और उपस्थिति का उत्तर ईश्वर की शक्ति से आता है। जब लोग परमेश्वर से डरते हैं और शमूएल से डरते हैं, तब यह संकेत है कि उनका दिल और निर्णय परमेश्वर के निर्देशों के प्रति खुला है।

मुख्य विचार और स्रोतों का संकेत

इस प्रसंग में यह दर्शाया गया है कि परमेश्वर की गरज और वर्षा, भले ही एक चेतावनी हो, लोगों के पथ को साफ करता है। यहोवा के दयालु और न्यायप्रिय स्वर दोनों को एक साथ अनुभव कराया जाता है, जिससे समुदाय के लिए नये समर्पण की शुरुआत होती है। पारंपरिक टिप्पणीकार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्गर्भित अनुप्रयोगों से यह पाठ यह संकेत देता है कि शमूएल की निष्ठा, लोगों की भीतरी चिंताएँ, और परमेश्वर के ऐतिहासिक उपकार एक दूसरे के साथ संचालक भूमिका निभाते हैं. (जहाँ आवश्यकता हो, नीचे उनके विशेष शब्दों के संक्षेप उल्लेख दिए गए हैं.)

पाठ का अध्याय-स्तर पर विश्लेषण

1 शमूएल 12 में, परमेश्वर ने चयनित नेतृत्व और समुदाय की नैतिक स्थिति के बारे में स्पष्ट चेतावनी दी है। इस verse का समय, एक पल-पल में बदलने वाला है जब समूह अपने पाप-पथ से च कर मुख्य मार्ग की ओर लौट सकता है या डगमगाहट में ही रहे। यद्यपि यहा्म गरज और वर्षा एक संकेत है, परन्तु यह भी दिखाता है कि परमेश्वर अपने दया-न्याय के साथ हर परिस्थिति को मोड़ सकता है—ताकि लोग सचेत होकर सत्य की ओर लौटें।

केंद्रीय आध्यात्मिक पाठ

सार यह है: परमेश्वर का भय साधना और आस्था के साथ जुड़ा हुआ है। जब लोग प्रभु के सामने सत्यनिष्ठ रहते हैं और नेताओं के निर्देशों में भी परमेश्वर की इच्छा को प्राथमिकता देते हैं, तब उनका हृदय उद्धार और आशीष पाता है। यह verse हमें स्मरण दिलाता है कि प्रभु की महिमा निर्बाध है, और हमारे स्मरण-फेरों से ही समाज की दिशा निर्धारित होती है।

अनुप्रयुक्त व्यवहारिक अनुपात

  • पर्यवेक्षण: हमारी प्रार्थना में ईश्वर की चमत्कारी शक्ति की ओर ध्यान दें, जब वह हमें डर और आस्था दोनों देता है.
  • आचरण: जीवन के निर्णयों में परमेश्वर की इच्छा से संगत रहना—यही सच्चे भय और विश्वास की पराकाष्ठा है.

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप) और उनसे संबंध

- प्रेरणा में एकांत और सामुदायिक जवाबदेही: यह Psalm 29:3–4 के समान है जहाँ प्रभु की आवाज़ गरज के साथ आती है और पृथ्वी trembles करती है।

- परमेश्वर के वैध नेतृत्त्व की मान्यता: यह 2 इतिहास 20:6 के अनुरूप है कि कोई राजा परमेश्वर के बिना स्थिर नहीं ठहरता।

- भय और विश्वास का एकत्रीकरण: इब्रानियों 12:28-29 जैसी रक्षा-आवाज़ से यह स्पष्ट होता है कि भय और भक्ति साथ चलते हैं, ताकि हमारे जीवन में परमेश्वर की महिमा स्थापित हो।

एप्लिकेशन खंड

आज के संदर्भ में यह पाठ reminds करता है कि किसी भी समय जब हम कठिन परिस्थितियों में भय या असमर्थता अनुभव करें, हमें शमूएल की तरह ईश्वर से स्पष्ट और दृढ़ प्रार्थना करनी चाहिए। परमेश्वर की शक्ति के सामने हमारा भय और आत्म-नियंत्रण मजबूत होता है, और इससे हमारी सामुदायिक जिम्मेदारियाँ स्पष्ट और पवित्र बनती हैं।

संक्षिप्त निष्कर्ष

1 शमूएल 12:18 में यह दर्शाया गया है कि परमेश्वर की गरज और वर्षा एक संकेत है कि वह अपनी अदालत के साथ साथ उदार करुणा भी दिखाते हैं। यह पाठ हमें प्रेरित करता है कि हम परमेश्वर के भय में रहें, प्रार्थना के साथ तादात्म्य बनाए रखें, और समुदाय के लिए सत्य और उपाय खोजें—ताकि समाज सत्य के मार्ग पर लौट सके।

उद्धरण (Matthew Henry): " ... " [कुल उद्धरण स्पष्ट संदर्भ में शैलीगत सार के रूप में समाहित किए गए हैं; यदि उपलब्ध, सीधे शब्दों के संक्षेप नीचे दिए गए हैं।]

सूचनात्मक संदर्भ: - यहोवा की शक्ति तथा दया का संतुलन - नेतृत्व और समुदायिक आचरण की जिम्मेदारी

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 12:18 समानांतर पद और संबंधित वचन

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और यहोवा ने मिस्रियों पर जो अपना पराक्रम दिखलाता था, उसको देखकर इस्राएलियों ने यहोवा का भय माना और यहोवा की और उसके दास मूसा की भी प्रतीति की।

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तब यहूदा और बिन्यामीन के सब मनुष्य तीन दिन के भीतर यरूशलेम में इकट्ठे हुए; यह नौवें महीने के बीसवें दिन में हुआ; और सब लोग परमेश्‍वर के भवन के चौक में उस विषय के कारण और भारी वर्षा के मारे काँपते हुए बैठे रहे।

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तब मूसा ने अपनी लाठी को आकाश की ओर उठाया; और यहोवा की सामर्थ्य से मेघ गरजने और ओले बरसने लगे, और आग पृथ्वी तक आती रही। इस प्रकार यहोवा ने मिस्र देश पर ओले बरसाएँ।

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