Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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निर्गमन 9:23 पर टिप्पणी — आकाश से ओले और मेघ
कन्या-जनों, निर्गमन के इस भाग में मिस्र पर सातवा नौटंकी-प्रहार चल रहा है, जिसमें परमेश्वर की चेतावनी के अनुसार मिस्र के सभी क्षेत्रों में आपदा घटने लगती है। इस वच के संदर्भ में मूसा ने परमेश्वर की दी हुई लाठी ऊपर उठाई और आकाश से मेघ गरजने, ओले गिरने और आग की झलकियां पृथ्वी पर उतरती हैं। यह मिस्र के दासत्व और उसकी धार्मिक-धार्मिक व्यवस्थाओं को तोड़ने हेतु एक निर्णायक संकेत है कि यह तड़कती बिजली-सी चेतावनी परमेश्वर का है।
केंद्रित अर्थ
यह Verse परमेश्वर की शक्ति के प्रत्यक्ष प्रदर्शन की घटना है। ओले गिरना, आग का आना और मेघ-गरजना एक साथ मिस्र की भूमि पर क्रमबद्ध आघात है—यह दिखाने हेतु कि धार्मिक-राजनैतिक शक्ति के साथ-साथ प्राकृतिक संसार भी प्रभु के नियंत्रण में है। एक प्रकार से यह ऐसी चीत्कार है जो Pharaoh और उसकी सेना के लिये निर्णायक मोड़ बनती है; यह संकेत देता है कि ईश्वर का इरादा दासत्व के बंधन को तोड़ना और इस्राइल के लिए स्वतंत्रता उजागर करना है।
मुख्य विषय
Related passages (संयोगी संदर्भ)
1) निर्गमन 7:14-25 — पहली महाविपत्ति (नीलगामी जल के खारेपन, रेनर-फेर) के साथ परमेश्वर की चेतावनी का क्रम। यह दिखाता है कि किस प्रकार हर दंड भविष्य के उद्धार के मार्ग खोलता है।
2) निर्गमन 10:13-14 — मध्यावकाशी अवसाद के समय ओले और भारी ओले की विभीषिका का पुनरावर्तन, जो मिस्र के साथ उनके कृषि-जीवन को प्रभावित करता है।
3) योहन्ना 1:9 (उद्धार के संकेत के साथ-साथ प्रकृति की प्रतिक्रिया) — परमेश्वर के प्रकाशन और मनुष्यों के प्रतिक्रिया-स्वरूप दृष्टिकोण का संयोजन।
व्यावहारिक विचार
यह अध्याय देखते हुए हमारे लिए सीख है कि कठिन परिस्थितियां चाहे कितनी भी भयावह क्यों न हों—परमेश्वर की योजना में एक उद्धारकारी उद्देश्य छिपा है। जीवन के कार्यों में जब विपत्ति आती है, तब विश्वास की स्थिरता और परमेश्वर के पवित्र उद्देश्य पर यकीन रखना चाहिए। हमारी सामाजिक-आर्थिक आराम-आकांक्षा के बीच भी परमेश्वर सत्य रहता है, और उसकी चेतावनियाँ हमारे लिए आज भी मार्गदर्शन हैं।
छोटा संदर्भ-सार
यह पंक्ति मूसा के समर्पण को दर्शाती है—लाठी उठाने से भगवान की शक्ति मैदान-ए-युद्ध में प्रकट होती है। यह संदेश दे रहा है कि परमेश्वर के आदेशों के अनुसार कदम उठाने पर, विपत्ति भी उद्धार के लिए मंच बनती है।
संक्षेप
निर्गमन 9:23 में आपदा के साथ-साथ ईश्वर की शक्ति और उद्धार की दिशा स्पष्ट है—मेघ, ओले और आग के साथ मिस्र पर छाया प्रचण्ड चेतावनी एक नई परिस्थिति बनाती है। यह घटनाक्रम यह संकेत देता है कि प्रभु के आदेश पर मनुष्यों के निर्णय और प्रतिक्रिया के अनुसार इतिहास का मोड़ निर्धारित होता है, और इस्राइल के लिए स्वतंत्रता का मार्ग खुलता है।
पुष्ट उद्धरण (ऐतिहासिक टिप्पणीकारों के विचार)
Adam Clarke, Matthew Henry, Albert Barnes द्वारा पूर्व-स्वीकृत टिप्पणीकारों के संक्षिप्त संकेत ये हैं: Clarke ने इस घटना को परमेश्वर की न्याय-प्रधान सत्ता के प्रतीक के रूप में देखा; Henry ने यह कहा कि यह धमक मिस्र की दण्डित नीतियों के विरुद्ध एक चेतावनी थी; Barnes ने इसे दासत्व से मुक्त कराने के लिए ईश्वर के निर्णायक कदम के रूप में समझा।