Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 राजाओं 1:16 बाइबल पद की व्याख्या
2 राजाओं 1:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और उससे कहा, “यहोवा यह कहता है, 'तूने तो एक्रोन के बाल-जबूब देवता से पूछने को दूत भेजे थे तो क्या इस्राएल में कोई परमेश्वर नहीं कि जिससे तू पूछ सके? इस कारण तू जिस पलंग पर पड़ा है, उस पर से कभी न उठेगा, परन्तु मर ही जाएगा।'”
2 राजाओं 1:16 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
2 राजाओं 1:16 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

2 राजाओं 1:2 (HINIRV) »
अहज्याह एक जालीदार खिड़की में से, जो शोमरोन में उसकी अटारी में थी, गिर पड़ा, और बीमार हो गया। तब उसने दूतों को यह कहकर भेजा, “तुम जाकर एक्रोन के बाल-जबूब* नामक देवता से यह पूछ आओ, कि क्या मैं इस बीमारी से बचूँगा कि नहीं?”

निर्गमन 4:22 (HINIRV) »
और तू फ़िरौन से कहना, 'यहोवा यह कहता है, कि इस्राएल मेरा पुत्र वरन् मेरा पहलौठा है,

1 राजाओं 21:18 (HINIRV) »
“चल, शोमरोन में रहनेवाले इस्राएल के राजा अहाब से मिलने को जा; वह तो नाबोत की दाख की बारी में है, उसे अपने अधिकार में लेने को वह वहाँ गया है।
2 राजा 1:16 — संदर्भ और पाठ के पीछे का संदेश
immediate setting: यह पद संदर्भ जीवित इतिहास का है जब यहोवा-नबियों के समय आक्रमण-युग से संकेत देता है कि राजा अहाज़िय्या के मरने के पूर्व यह्रू की सत्ता-चालों में एक्रोन के बाल-जबूब देवता से पूछने की हरक़त से यहूदियों की सुरक्षा नहीं होगी। आहाज की गलती ने उस समय के यहूदा-राज्य के लिए गम्भीर परिणाम दिखाए।
पाठ में दर्शित मुख्य बात
यह शास्त्र यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर एकेश्वर-विश्वास के विरुद्ध किसी भी मानव-निर्मित देव-प्रतिमा या अशुभ उपाय के सहारे से मार्ग ढूंढ़ने को अस्वीकार करते हैं। येशु के बाद के परमेश्वर-केन्द्रित विश्वास में यह बताया गया है कि यहोवा ही वास्तविक सत्ता है, और जो शंका-समझ से परे उसे खोजते हैं, वही जीवन और मृत्यु के निर्णय को प्रभु पर छोड़ते हैं। यहाँ एक्रोन के बाल-जबूब देवता के प्रति पूछ-ताछ का निष्कर्ष यह है कि परमेश्वर के साथ वैकल्पिक कृत्रिम देवताओं में से कोई भी क्रिया नहीं—यही न्याय है।
परिभाषित शब्दों और imagery की सरल समझ
अन्य पवित्र ग्रंथों के संदर्भ
जीवित-शास्त्र में एक ही सत्य repeated है: परमेश्वर अकेला सत्ताधीश है।
cross-reference 1: याकूब 4:4—विश्वास का द्वंद्व और परमेश्वर से विरुद्ध अन्य देवताओं की प्राथमिकता का परिणाम। टिप्पणी: यह दिखाता है कि विश्वास के मूल में एकता है और परमेश्वर-सेवा में भिन्नता अस्वीकार्य है।”
cross-reference 2: 1 समुएल 5-6—धार्मिक प्रस्तुति में प्रतिमा-पूजा के परिणाम में अशुद्धता और प्रभु की अनुग्रह की कमी। टिप्पणी: ईश्वर की महिमा के विरुद्ध प्रतिमा-पूजा का विरोध साफ़ है।
cross-reference 3: दानियेल 3—तीन-मनुमा लोग किसी भी देवता के बजाय परमेश्वर की भूमिका पर भरोसा करते हैं; विश्वास की चट्टानी स्थिरता का उदाहरण।
पवित्र ग्रंथों के साथ संरेखण
यह पाठ यह बताता है कि ईश्वर एकविश्वासी को डगमगाने नहीं देता; वह अपने लोगों के लिए न्याय और उसकी पवित्रता की रक्षा करते हैं। यह भी स्पष्ट करता है कि परमेश्वर पर अडिग faith रखना ही वास्तविक जीवन का मार्ग है, भले ही परिणाम कितने कड़े हों।
आज के संदर्भ में व्यवहारिक अनुप्रयोग
मैथ्यू हेनरी, अॅल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क से सार-सार वक्तव्य
यहां बुनियादी धारा बताती है कि मूर्तिपूजा और अन्य देवताओं के चक्र में फँसना परमेश्वर के विरुद्ध एक भागना है; परमेश्वर एकेश्वरवादी रीति से ही सच्चे जीवन की राह दिखाते हैं।
उद्धृत संक्षेपनों के लिए: - मैथ्यू हेनरी के विचारों के अनुसार, मूर्तिपूजा से निष्कासन और परमेश्वर की सच्ची उपासना जरूरी है; यह दंडात्मक नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी का संकेत है। - अॅल्बर्ट बार्न्स कहते हैं कि यह पाठ सत्य को रेखांकित करता है कि परमेश्वर के विरुद्ध अन्य देवताओं की खोज करना निष्कारण है। - एडम क्लार्क का उल्लेख यह दर्शाता है कि यह दिखावटी देवताओं पर निर्भर रहने से मोक्ष और संबंध-निर्माण में जटिलता आती है।
नोट: उपरोक्त उद्धरण केवल संकेतिक सार में हैं; मुख्य ग्रंथ के उद्धरण पूर्ण नहींकरणे के लिए पाठ के मूल संदर्भ देखें।