2 राजाओं 1:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

उन्होंने उससे कहा, “एक मनुष्य हम से मिलने को आया, और कहा कि, 'जिस राजा ने तुम को भेजा उसके पास लौटकर कहो, यहोवा यह कहता है, कि क्या इस्राएल में कोई परमेश्‍वर नहीं जो तू एक्रोन के बाल-जबूब देवता से पूछने को भेजता है? इस कारण जिस पलंग पर तू पड़ा है, उस पर से कभी न उठेगा, परन्तु मर ही जाएगा।'”

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2 राजाओं 1:6 पद-दर-पद बाइबल टीका

2 राजाओं 1:6 का हिंदी टीका

पवित्र इतिहास में जब अक्कन के नरेश आहेज़ के पास एक संदेश पहुँचे, तब यह verse अपनी गूढ़ता के साथ आता है। यहाँ यहूदा और इस्रॉएल का परमेश्वर यह बात कहता है कि वहाँ कोई ऐसा परमेश्वर नहीं जो एक्रोन के बाल-जबूब देवता (ब्रेस्ड-ड्यूटेड देवता) से पूछने को भेजे जा सके? इस संदेश का लक्ष्य है—राजा के अघोर निर्जीव विश्वास के सामने यह स्पष्ट करना कि सत्ता और निर्णय केवल इस्राएल के परमेश्वर Yahweh के हाथ में है, न कि किसी अन्य देवता के पास।

केंद्रीय अर्थ

यह संदेश एक प्रकोप-धक्का है जो यह दर्शाता है कि राजा ने खुद अपने भाग्य के लिए मानवीय और कृत्रिम मार्ग खोजे—एक्रोन की देवी-देवताओं से पूछना—परन्तु यह प्रभु का संकेत है कि ऐसे मार्ग असफल होंगे। पलटकर कहने वाला वक्ता (ईश्वर की ओर से) यह कह रहा है कि राजा का bed और जीवन-संयोजन उसी परमेश्वर के आदेश के अधीन है, जो इस्राएल के साथ सम्बंध रखता है।

मुख्य थीम

  • यथार्थ की पहचान: सत्ता और निर्णय के परम स्रोत का विवेचन—महाधर्मशास्त्र में एकेश्वरवाद का पुष्टि।
  • विश्वास vs. विश्वासघात: राजा का आश्रय मानव-यत्नों में, पर ईश्वर की योजना सर्वोपरि है।
  • धर्म-सत्य की पुकार: फैलाव और अंधविश्वास के विरुद्ध ईश्वर का स्पष्ट शब्द।

संबद्ध पाठ

यह सीमा-रेखा अन्य जगहों पर भी दिखती है जहाँ ऐतिहासिक विश्वास-आचार पर प्रश्न उठते हैं और नये सत्य का उद्घाटन होता है—यदा-यदा नास्तिक-परायण विचार बेनियम होते हैं। साथ ही एक्रोन-देवताओं से पूछना, परमेश्वर के एकात्मक शासन के विरुद्ध है, जिसे इस दर्जे पर स्पष्ट किया गया है।

क्रॉस-रेफरेंसेस

यही तर्ज़ इस प्रकार के संदर्भों में मिलते हैं:

  • निर्गमन 20:3—“तुम मेरे सामने एक से अधिक देवता न मानो”—परमेश्वर की एक्वायर्ड सत्ता का सिद्धांत।
  • यसूब 24:15—“जो तुम चुनो वह तुम्हारा परमेश्वर होगा”—विश्वास की पसंद बनाम वैकल्पिक देवताओं का चयन।
  • 1 राजा 18:21—याकूबाच्या द्वंद्व की तरह ईश्वर की एकता के लिए चेतावनी और सत्य की चुनौती।

व्यावहारिक अनुभाव

आज के पाठकों के लिए यह भाग एक चेतावनी है: अपने निर्णयों में ईश्वर के अलावा दूसरों की सलाह अधिक मानना मानसिकता रूप में यहूदी-यानी विश्वास की कमजोरी है। जीवन के निर्णायक क्षणों में, अगर हम मानव-नीति को प्राथमिकता दें, तो हम ईश्वर के उद्देश्य से भटकते हैं। परमेश्वर की ओर लौटना और उसकी वाणी पर धैर्यपूर्वक भरोसा रखना ही वास्तविक सुरक्षा है।

संक्षिप्त सार

2 राजाओं 1:6 हमें याद दिलाता है कि जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों में ईश्वर की एकमात्र सत्ता है, और किसी मानव-यन्त्र या अन्य देवताओं से पूछना न केवल अविश्वास है, बल्कि असफलता की दिशा भी हो सकती है। जो भी मार्ग चुनें, वह परमेश्वर की योजनाओं के अनुरूप हो, न कि अपनी संतुष्टि के लिए बने।

संक्षेप में, यह वचन यह सिखाता है कि हर स्थिति में परमेश्वर की प्रामाणिकता और उसकी आपूर्ति पर निर्भर रहना चाहिए; मानव-यंत्रों के भरोसे से नहीं।

विशिष्ट उद्धरण (Matthews Henry, Albert Barnes, Adam Clarke) से प्रयुक्त स्पष्ट शब्द: अगर इनमें से किसी भी commentator के स्पष्ट उद्धरण उपलब्ध हों, उन्हें नीचे नोट किया गया है—

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 राजाओं 1:6 समानांतर पद और संबंधित वचन

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भजन संहिता 16:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 16:4 (HINIRV) »
जो पराए देवता के पीछे भागते हैं उनका दुःख बढ़ जाएगा; मैं उन्हें लहूवाले अर्घ नहीं चढ़ाऊँगा और उनका नाम अपने होंठों से नहीं लूँगा*।

2 राजाओं 1:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 राजाओं 1:2 (HINIRV) »
अहज्याह एक जालीदार खिड़की में से, जो शोमरोन में उसकी अटारी में थी, गिर पड़ा, और बीमार हो गया। तब उसने दूतों को यह कहकर भेजा, “तुम जाकर एक्रोन के बाल-जबूब* नामक देवता से यह पूछ आओ, कि क्या मैं इस बीमारी से बचूँगा कि नहीं?”

1 इतिहास 10:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 इतिहास 10:13 (HINIRV) »
इस तरह शाऊल उस विश्वासघात के कारण मर गया, जो उसने यहोवा से किया था; क्योंकि उसने यहोवा का वचन टाल दिया था, फिर उसने भूतसिद्धि करनेवाली से पूछकर सम्मति ली थी।

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