Old Testament
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2 राजाओं 1:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब यहोवा के दूत ने तिशबी एलिय्याह से कहा, “उठकर शोमरोन के राजा के दूतों से मिलने को जा, और उनसे कह, 'क्या इस्राएल में कोई परमेश्वर नहीं जो तुम एक्रोन के *बाल-जबूब देवता से पूछने जाते हो?'
2 राजाओं 1:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 राजाओं 1:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 राजाओं 17:1 (HINIRV) »
तिशबी एलिय्याह* जो गिलाद का निवासी था उसने अहाब से कहा, “इस्राएल का परमेश्वर यहोवा जिसके सम्मुख मैं उपस्थित रहता हूँ, उसके जीवन की शपथ इन वर्षों में मेरे बिना कहे, न तो मेंह बरसेगा, और न ओस पड़ेगी।” (लूका 4:25, याकूब. 5:17, प्रका. 11:6)

योना 2:8 (HINIRV) »
जो लोग धोखे की व्यर्थ वस्तुओं पर मन लगाते हैं, वे अपने करुणानिधान को छोड़ देते हैं।

भजन संहिता 76:1 (HINIRV) »
प्रधान बजानेवाले के लिये: तारवाले बाजों के साथ, आसाप का भजन, गीत परमेश्वर यहूदा में जाना गया है, उसका नाम इस्राएल में महान हुआ है।
2 राजाओं 1:3 — निमंत्रण और परमेश्वर की चॉव
स्थिति का संक्षेप: तिशबी एलिय्याह के दूत ने शोमरोन के राजा के दूतों के सामने खड़े होकर इन्हें संदेश दिया है कि स्थितियाँ क्या हैं—यहोवा की इच्छा उन लोगों के विश्वास और मार्गदर्शन से निर्देशित होती है, न कि एक्रोन के बाल-जबूब देवताओं से पूछने से। यह पाठ इस बात पर प्रकाश डालता है कि ईश्वर एक निर्भरता-आधारित पहचान और वृत्ति चाहते हैं, न कि मानव-चालाकी या स्थानीय पूजा-प्रथाओं पर आधारित भागीदारी।
ईश्वर और विश्वास के बारे में पाठ से स्पष्टियाँ
यहाँ दिखता है कि परमेश्वर सीधे उन राज्यों में भी पहुँच बना सकते हैं जहाँ लोगों ने दूसरे देवताओं पर निर्भर होना चुना है। दूत का प्रश्न—“क्या इस्राएल में कोई परमेश्वर नहीं”—यह संकेत करता है कि ईश्वर की सत्ता उन जगहों से भी अधिक है जहाँ लोग अन्य देवताओं से पूछताछ करते हैं। यह एक चुनौती भी है कि भरोसा केवल बाहरी कर्मों पर नहीं, बल्कि परमेश्वर की सत्ता और प्रेरणा पर टिके रहना चाहिए।
प्रमुख शब्द और प्रतीक स्पष्ट करना
अन्य संबंधित शास्त्रीय टिप्पणी से संकलित संकेत
इस अंश पर Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसे सार्वजनिक-डोमेन टीका-कर्ताओं ने यह संकेत दिया है कि भगवान की नीयत धार्मिक पथ-चयन में शुद्धता चाहती है—तिशबी एलिय्याह के संदेश में यह स्पष्ट है कि अंधेरे में भी ईश्वर की चिंगारी काम कर सकती है, यदि लोग उसकी सत्ता पर भरोसा करें। Henry के अनुसार, दूत की आवाज़ लोगो को यह याद दिलाती है कि परमेश्वर के विरुद्ध दूसरों के देवताओं पर निर्भर रहना धोखा है। Barnes और Clarke ने भी यह कहा है कि यह दृश्य लोगों के भीतर आश्रितता और सच्ची भक्ति के बीच संघर्ष को दिखाता है। (इन विचारों को छोटे उद्धरण के रूप में संदर्भित किया जा सकता है, परन्तु पूर्ण टेक्स्ट उद्धरण यहाँ नहीं दिया गया है।)
क्रॉस-रेफरंस और संक्षेप व्याख्या
1) यशायाह 8:19— जब लोग अनुचित देवताओं से पूछते हैं, तब आश्वासन मिलता है कि परमेश्वर अपने लोगों को एक साहसपूर्ण विश्वास के मार्ग पर बुलाते हैं।
2) 5 पतरस 1:3— परमेश्वर की अनुकम्पा से आशा और शक्ति मिलती है, जो अन्य देवताओं पर निर्भर रहने से अधिक स्थिर है।
3) मत्ती 14:30-31— जब भरोसा कमज़ोर पड़ता है, ईश्वर की सत्ता स्पष्ट रूप से दिखती है, और डर पर जय मिलती है।
आज के संदर्भ के लिए व्यावहारिक अनुप्रयोग
यह पाठ हमें एक स्पष्ट चेतावनी देता है: परमेश्वर के अलावा किसी भी देवता से पूछताछ करना विश्वास के रास्ते में अवरोध बन सकता है। वास्तविक आस्था़ केवल उसी परमेश्वर पर टिकी रहती है जो सर्वशक्तिमान है और कल्याण की चाहिता रखता है।