Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 राजाओं 16:18 बाइबल पद की व्याख्या
2 राजाओं 16:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
विश्राम के दिन के लिये जो छाया हुआ स्थान भवन में बना था, और राजा के बाहरी प्रवेश-द्वार को उसने अश्शूर के राजा के कारण यहोवा के भवन से अलग कर दिया।
2 राजाओं 16:18 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
2 राजाओं 16:18 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 राजाओं 10:5 (HINIRV) »
और उसके कर्मचारी किस रीति बैठते, और उसके टहलुए किस रीति खड़े रहते, और कैसे-कैसे कपड़े पहने रहते हैं, और उसके पिलानेवाले कैसे हैं, और वह कैसी चढ़ाई है, जिससे वह यहोवा के भवन को जाया करता है, यह सब जब उसने देखा, तब वह चकित रह गई।

2 राजाओं 11:5 (HINIRV) »
और उसने उन्हें आज्ञा दी, “एक काम करो: अर्थात् तुम में से एक तिहाई लोग जो विश्रामदिन को आनेवाले हों, वे राजभवन का पहरा दें।

यहेजकेल 46:2 (HINIRV) »
प्रधान बाहर से फाटक के ओसारे के मार्ग से आकर फाटक के एक खम्भे के पास खड़ा हो जाए, और याजक उसका होमबलि और मेलबलि तैयार करें; और वह फाटक की डेवढ़ी पर दण्डवत् करे; तब वह बाहर जाए, और फाटक सांझ से पहले बन्द न किया जाए।
अर्थ का सीधा निष्कर्ष
2 राजाओं 16:18 के इस वचन में कहा गया है कि विश्राम के दिन के लिए जो छाया हुआ स्थान भवन में बना था, तथा राजा के बाहरी प्रवेश-द्वार को अश्शूर के राजा के कारण यहोवा के भवन से अलग कर दिया गया। सरल शब्दों में, राजा की नीति और जगह के प्रयोग में धार्मिक स्थल और राज्य के प्रतीक के बीच की दूरी बढ़ी, जो यहोवा के भवन की पवित्रता और आदर्श मान्यताओं से भटकाव को दर्शाती है।
पृष्ठभूमि संक्षेप
यहूदी राजा की राजधानी के मंदिर और विश्राम के दिन के लिए निर्धारित पवित्र स्थानों के बीच एक भेद दिखाई देता है। अश्शूर के राजा के प्रभाव ने धार्मिक संस्थानों की प्रथाओं पर दबाव डाला और कुछ व्यवस्थाओं को राजकीय अधिकार के अधीन कर दिया गया। यह इतिहासिक प्रसंग संकेत देता है कि शासन और धार्मिक व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।
व्याख्यात्मक बिंदु
महत्त्वपूर्ण पारिभाषिक बिंदु
यहाँ प्रमुख विचार यह है कि मंदिर और विश्राम के स्थान के विवाद ने धार्मिक पवित्रता की सीमा को स्पष्ट किया, और धार्मिक संस्थाओं के भीतर सत्ता-आवश्यकताओं के दबाव को दिखाया। यहूदी शासन-व्यवस्था में ऐसे कदम गहराई से चिंता पैदा करते हैं कि कैसे मानव निर्णय पवित्र टेक्स्ट और आराधना के उचित स्थान को प्रभावित करते हैं।
संकेतक संदर्भ (क्रॉस-रेफरेंसे)
यह Luke के समान नहीं, बल्कि पुराने अनुशासन के भीतर प्रमुख धाराओं के साथ यह देखते हैं कि कब्र स्थान, आराधना और राज्य-प्रबंधन में संतुलन कैसे बिगड़ता है:
सरल अनुप्रयोग
हम अपने समय में यह सीखते हैं कि विश्वास-आधारित संस्थाओं को राजनीतिक दबावों से सुरक्षित रखना, और देने वाले दिशा-निर्देशों के अनुरूप पवित्रस्थान की व्यवस्था करना आवश्यक है। संतुलन वह मूल्य है जो न तो धर्म को राज्य के अधीन कर दे, न राज्य के दबाव से परम-आज्ञाओं को भूला दे।
कथन-उद्धरण (एंटों-शब्द)
नीचे दी गई पंक्तियाँ वे प्रामाणिक टिप्पणीकारों के उद्धरण हैं जिन्हें इस विश्लेषण में सीधे संदर्भित किया गया है, यदि उपलब्ध हो:
निष्कर्ष
यह verse एक चेतावनी के रूप में काम करता है—राजनीति और पूजा के बीच संतुलन बनाए रखना अनिवार्य है, ताकि धार्मिक सत्य और मंदिर की पवित्रता बनी रहे।