Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 राजाओं 16:3 बाइबल पद की व्याख्या
2 राजाओं 16:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
परन्तु वह इस्राएल के राजाओं की सी चाल चला, वरन् उन जातियों के घिनौने कामों के अनुसार, जिन्हें यहोवा ने इस्राएलियों के सामने से देश से निकाल दिया था, उसने अपने बेटे को भी आग में होम कर दिया*।
2 राजाओं 16:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
2 राजाओं 16:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

व्यवस्थाविवरण 12:31 (HINIRV) »
तू अपने परमेश्वर यहोवा से ऐसा व्यवहार न करना; क्योंकि जितने प्रकार के कामों से यहोवा घृणा करता है और बैर-भाव रखता है, उन सभी को उन्होंने अपने देवताओं के लिये किया है, यहाँ तक कि अपने बेटे-बेटियों को भी वे अपने देवताओं के लिये अग्नि में डालकर जला देते हैं।

लैव्यव्यवस्था 18:21 (HINIRV) »
अपनी सन्तान में से किसी को मोलेक के लिये होम करके न चढ़ाना, और न अपने परमेश्वर के नाम को अपवित्र ठहराना; मैं यहोवा हूँ।

2 राजाओं 21:2 (HINIRV) »
उसने उन जातियों के घिनौने कामों के अनुसार, जिनको यहोवा ने इस्राएलियों के सामने देश से निकाल दिया था, वह किया, जो यहोवा की दृष्टि में बुरा था*।
2 राजाओं 16:3 — इस्राएल के इतिहास में चेतावनी भरी सीख
यह पद हमें राजा की नीति और धर्म के बीच टकराव की कड़ा सच बताता है। राजा ने वे चलन अपनाए जो यहोवा के विरोधी रहे राष्ट्रों के व्यवहार से प्रेरित थे—घिनौने कर्म, जिससे परमेश्वर ने उन जातियों को इस्राइल की भूमि से बाहर कर दिया था। यहूदा के राजा हिज़किया के समय नहीं, बल्कि अपने पथ को आग में होम कराने जैसे घोर पापों की ओर बढ़ते हुए दिखाने वाला एक दुखद चित्र है। इसका महत्व यही है कि धार्मिक आधिपत्य और सत्ता-लाभ के लिए चापलूसी, मार्ग से भटकना, और परलोक की दृष्टि खोना एक राजा की नीति के भीतर कैसे पनप सकता है।
अनुवादित संदर्भ और मूल संदेश
इसVerset में उल्लेखित “घिनौने काम” उस तबके के आचार्यों के समान हैं जिन्हें यहोवा ने इस्राएलियों के सामने से बाहर कर दिया था। राजा ने अपने बेटे को आग में होम करने जैसा कृत्य करके परमेश्वर के निर्देशों के विरुद्ध चलना चुना। यह कदम न केवल परिवार संदिग्धता की मिसाल है, बल्कि राज्य के ढांचे में धर्मनिष्ठता की कमी का भी स्पष्ट प्रदर्शन है। यह संदेश देता है कि सत्ता, अगर परमेश्वर के निर्देशों से विमुख हो जाए, तब वह आत्म-उद्धार के दायरे से बाहर हो जाती है, और सामाजिक-धार्मिक ढांचे संकट में पड़ सकता है।
परिस्थितिक संदर्भ और थीम
2 राजाओं के इतिहास में यहूदा-राज्य की आचार-व्यवस्था, धर्मी और दुराचारी दोनों तरह के नेतृत्व से गुजरती है। परमेश्वर के प्रति अविश्वास, अर्यों के बुरे चलन, और नीतिगत घोटालों की प्रचलनशीलता के खिलाफ चेतावनी यह अध्याय रचता है। इस verse में दिख रहा पाप सत्ता के अभिमान के साथ जुड़ा है: यहूदा के राजाओं के तरीकों में वे धार्मिक सम्मेलनों के बाहर जाकर भी प्रशंसा बटोरने की चेष्टा शामिल रही है।
क्रॉस-रेफरेंस और संक्षिप्त जिक्र
इन क्रॉस-रेफरेंसों से यह स्पष्ट होता है कि पाप के नतीजे व्यक्तिगत और सामूहिक स्तर पर होते हैं, और देवत्व के साथ नज़दीकी बनाए रखना नीति-निर्णयों की सफलता का आधार है।
पद के साथ प्रेरणा और देवotional निष्कर्ष
एक राजा के रूप में सत्ता की चकाचौंध कभी-कभी परमेश्वर के नियमों से आँखें चुरा देती है। हमें इस संदेश से यह स्मरण मिलता है कि नेतृत्व में सच्चाई, सम्मान, और धार्मिक-संवेदना अनिवार्य हैं। यदि हम अपने निजी जीवन में भी यही त्रुटि करें—इतनी शक्ति के बावजूद ईश्वर को पहले स्थान पर न रखना—तो हम समाज-स्थर को भी खतरे में डालते हैं। परंपराओं के नाम पर पाप के मार्ग चुनना, बच्चों को भी गलत आदतों की ओर मोड़ना है, और यह परमेश्वर के विरुद्ध है। याद रखें: परमेश्वर जो कुछ भी करता है, वह न्याय और प्रेम के संतुलन के साथ होता है; पारदर्शिता, करुणा और धर्मप्राण उत्साह को बनाए रखना हर नेता के लिए अनिवार्य है।
मूक उद्धरण संदर्भ (महत्त्वपूर्ण नोट)
हिंदी-परिवर्तन HINIRV के लिए आवश्यक उद्धरण-आधार में, Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसे सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के सीधे शब्द नहीं दिए गए हैं; उनकी संकल्पनात्मक सहायता से भावार्थ को सांस दी गई है। नीचे उनके विशिष्ट शब्दों के संक्षेपण संदर्भ उपलब्ध होते हैं, लेकिन यहां सीधे पाठ नहीं दिए गए:
आखिरकार, यह verses एक गंभीर चेतावनी है कि सत्ता और पवित्रता एक साथ नहीं रह सकतीं जब मनुष्य परमेश्वर के मार्ग से भटक जाए। हमें अपने जीवन और नेतृत्व में ईमानदारी, धर्मनिष्ठता और दयालुता बनाए रखनी चाहिए ताकि आध्यात्मिक सुरक्षा बनी रहे।