Old Testament
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2 राजाओं 16:20 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
अन्त में आहाज मर कर अपने पुरखाओं के संग जा मिला और उसे उसके पुरखाओं के बीच दाऊदपुर में मिट्टी दी गई, और उसका पुत्र हिजकिय्याह उसके स्थान पर राज्य करने लगा।
2 राजाओं 16:20 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 राजाओं 16:20 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 1:1 (HINIRV) »
आमोत्स के पुत्र यशायाह का दर्शन, जिसको उसने यहूदा और यरूशलेम के विषय में उज्जियाह, योताम, आहाज, और हिजकिय्याह नामक यहूदा के राजाओं के दिनों में पाया।

मत्ती 1:9 (HINIRV) »
उज्जियाह से योताम उत्पन्न हुआ, योताम से आहाज उत्पन्न हुआ, और आहाज से हिजकिय्याह उत्पन्न हुआ।

2 राजाओं 18:1 (HINIRV) »
एला के पुत्र इस्राएल के राजा होशे के राज्य के तीसरे वर्ष में यहूदा के राजा आहाज का पुत्र हिजकिय्याह राजा हुआ।
पाठ-सारांश
2 राजा 16:20 का यह अंतर्भाग सिकिया राजा आहाज की मृत्यु और उनके उत्तराधिकार के कदमों को दर्शाता है। आहाज के मरते ही उसका पुत्र हिजकिय्याह राजा के रूप में शासन ग्रहण करता है। यह वाक्या उस युग के राजवंशिक परिवर्तन को संकेत करता है और परमेश्वर की योजनाओं के अनुसार राजा-प्रबंधन के मार्ग-दर्शक नियमों को उजागर करता है—किस प्रकार वैध उत्तराधिकार और उद्धार के लिए परमेश्वर की इच्छा मार्गदर्शक बनती है।
कथा के भीतर verse का विश्लेषण
यह उद्धृत वाक्य आहाज की मृत्यु और दाऊदपुर के दफन होने के साथ ही उनके उत्तराधिकार के स्थानांतरण को स्पष्ट करता है: “अन्त में आहाज मर कर अपने पुरखाओं के संग जा मिला और उसे उसके पुरखाओं के बीच दाऊदपुर में मिट्टी दी गई, और उसका पुत्र हिजकिय्याह उसके स्थान पर राज्य करने लगा।” यह शासन-परम्परा का सामान्य चक्र भी है: बेटे अपने पिता की विरासत को ग्रहण करते हैं, और राष्ट्र के नेतृत्व के लिए यह परिवर्तन एक नया चरण शुरू करता है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ (Spiritual Lesson)
अनुसंगत ग्रंथ-तुलन (Cross-references) और संक्षिप्त स्पष्टीकरण
व्यावहारिक अनुप्रयोग
- नेतृत्व में परिवर्तन सामान्य है; विश्वासियों के लिए यह याद दिलाता है कि राजकीय-युग के परिवर्तन भी परमेश्वर के मार्गदर्शन के अधीन होते हैं। अपनी भूमिका में ईमानदारी, धैर्य और सतर्कता रखें।
- हर रेखा में यह देखें कि कैसे परिवारिक विरासत और धार्मिक विरासत एक साथ चलते हैं: परिवार के भीतर आस्था को सुरक्षित रखें, ताकि नए समय में भी परमेश्वर के वचन का प्रचार और पालन होता रहे।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यह वाक्य राजा आहाज की मृत्यु के साथ हिजकिय्याह के शासन-काल की शुरुआत को संकेत देता है, जो पुराने राजा-वंश के एक निर्णायक क्रम का हिस्सा है। यह स्मरण कराता है कि सत्ता-परिवर्तन सुविधाओं के साथ परमेश्वर की योजना और पवित्रता बनी रहनी चाहिए।