Old Testament
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2 राजाओं 16:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
वह ऊँचे स्थानों पर, और पहाड़ियों पर, और सब हरे वृक्षों के नीचे, बलि चढ़ाया और धूप जलाया करता था।
2 राजाओं 16:4 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 राजाओं 16:4 समानांतर पद और संबंधित वचन
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व्यवस्थाविवरण 12:2 (HINIRV) »
जिन जातियों के तुम अधिकारी होंगे उनके लोग ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों या टीलों पर, या किसी भाँति के हरे वृक्ष के तले, जितने स्थानों में अपने देवताओं की उपासना करते हैं, उन सभी को तुम पूरी रीति से नष्ट कर डालना;

1 राजाओं 14:23 (HINIRV) »
उन्होंने तो सब ऊँचे टीलों पर, और सब हरे वृक्षों के तले, ऊँचे स्थान, और लाठें, और अशेरा नामक मूरतें बना लीं।

2 राजाओं 14:4 (HINIRV) »
उसके दिनों में ऊँचे स्थान गिराए न गए; लोग तब भी उन पर बलि चढ़ाते, और धूप जलाते रहे।
2 राजाओं 16:4 — स्पष्ट सेटिंग और संदर्भ
यह पद इस समय के धार्मिक-राजनीतिक वातावरण का दृश्य प्रस्तुत करता है जहाँ राजा इस्राइल के जातीय विश्वास परंपराओं के अनुसार ऊँचे स्थानों पर बलि चढ़ाने और धूप जलाने की प्रथा को अपनाए हुए था। नीचे के ग्रीष्मकालीन वनों, पहाड़ियों और हरित वृक्षों के नीचे किए जाते ये कर्म उस संस्कृति के धर्मिक-आडंबर और वैचारिक वैधता की ओर संकेत करते हैं, जो परमेश्वर के एकत्व और उसका अपेक्षित आधिपत्य मानती है।
पाठ से जो संकेत मिलते हैं
वह ऊँचे स्थानों, पहाड़ियों और हर वृक्षों के नीचे बलि चढ़ाने का वर्णन हमें यह बताता है कि लोग परमेश्वर के समान अन्य देवताओं की पूजा में malevolent syncretism का मार्ग अपनाते थे। यह “स्थानों का चयन”—जहाँ लोग अपने धर्म-समारोह करते थे—आमतौर पर उन मान्यताओं के प्रतीक बन जाते थे जो एकेश्वरिता के विपरीत थीं। यह गतिविधि परमेश्वर की निंदा-यात्रा को भी उजागर करती है कि प्रशासनिक सत्ता उनकी आध्यात्मिक दिशा से दूर है, और लोगों की आस्था समावेशी पथ पर चलती है।
ईश्वर के बारे में प्रकाश डालने वाले बिंदु
अन्य प्रासंगिक संदर्भ
1) संस्थानों के लिए जगह-निर्देशन: पुराने नियम में ऊँचे स्थानों पर पूजा की प्रथा के बारे में अन्य संदर्भ साफ दिखाते हैं कि मानवीय मार्गों के साथ परमेश्वर के रास्ते टकराते थे।
2) धार्मिक-आचरण बनाम नैतिकता: सत्ता के साथ जुड़े धर्म-आचरण में सचेतन नैतिक आकलन जरूरी है—क्या मंदिर-आचरण से जीवन की न्यायसंगतता और दयालुता बढ़ती है?
3) आदर्श व कानून: राजा के कदम सीधे-सीधे कानून-परंपराओं के बीच परमेश्वर के निर्देशों से टकराते हैं, जो भविष्य के सुधार के लिए संकेत देता है।
2-3 क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप समझ के साथ)
उच्च स्थानों पर पूजा के विरुद्ध चेतावनी देने वाले संदर्भ परिचित हैं; यह पाठ भी यह बताता है कि परमेश्वर अपने जन-समुदाय को एक जोड़ी नीतियों के अनुरूप चलाने की मांग करता है।
यद्यपि यहाँ पूर्ण पद नहीं दिए जाते, यह क्रॉस-रेफरेंस दर्शाते हैं कि विशिष्ट पात्रों के धर्म-कर्म में बहुदेववाद से हटकर एकेश्वरिता की अपेक्षा रही है, और नैतिक-आचार का महत्व बना रहा।
आधुनिक अनुप्रयोग
आज की प्रेरणा यह है कि राज-नेतृत्व और आध्यात्मिक आचरण एक साथ कैसे चलते हैं। चाहे नेतृत्व कितना शक्तिशाली हो, उसे परमेश्वर के एकत्व और सत्य के अनुसार रास्ता चुनना चाहिए। धार्मिक-आचरण केवल रीति-रिवाज तक सीमित नहीं होते; वे जीवन के व्यवहार, न्याय, दया और ईमानदारी तक फैले हुए होने चाहिए। व्यक्तिगत उपাসना में भी हमें ऊँचे स्थानों, बाहरी ढांचे या धार्मिंक-चलनों से आगे परमेश्वर की आदेश-राशि को प्राथमिकता देनी चाहिए।
नोट: इस पंक्ति में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के व्याख्या-उद्धरण संक्षेप रूप में सम्मिलित हैं यदि उपलब्ध हों।
उद्धरण संकेत (यदि उपलब्ध)
Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के मौलिक वाक्यों के स्वतंत्र उद्धरण केवल यदि उपलब्ध हों, उनके संरक्षित पाठ से लिए गए हों तो कहा गया है, परन्तु यहाँ संक्षेप रूप में विचारों को समेकित किया गया है।