2 राजाओं 19:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

हे यहोवा, सच तो है, कि अश्शूर के राजाओं ने जातियों को और उनके देशों को उजाड़ा है।

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2 राजाओं 19:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

2 राजाओं 19:17 – संदर्श: अश्शूर के आक्रमण के संदूक में ईश्वर की सत्ता

परिसर का क्षण: इस आयत में राजा होशेया/अयूब के समय की अवस्थिति दिखती है जब इस्राएली राज्य अस्सूर साम्राज्य के अत्याचार से दबे थे और फ़कीर-निर्भरता के बीच परमेश्वर के सामने सहायता की पुकार उठती है। यहोवा से यह स्पष्ट माँग है कि वह अपने नाम के कारण, अपने लोक के लिए कदम उठाए और दुष्ट शक्तियों के प्रभाव को कम करे।

ईश्वर या विश्वास के बारे में टेक्सट से जो स्पष्ट होता है

यह आयत एक ऐसी स्थिति को दर्शाती है जहाँ लोग भयभीत हैं कि अन्य राष्ट्रों ने गुलामी और विनाश के रास्ते चुने हैं, परन्तु परमेश्वर के सामने आकर भरोसा बनता है कि वह सत्ता के स्रोत हैं। यह टेक्सट यह नहीं कहता कि मानव प्रयास निष्फल हैं, बल्कि यह पुष्टि करता है कि परमेश्वर के न्याय और दया के साथ ही शांति संभव है।

महत्वपूर्ण शब्दों/प्रतीकों की स्पष्टीकरण

  • यहोवा – यह परमेश्वर का नाम है जो covenant-प्रस्ताव के साथ अपने लोगों से जुड़ा है; वह उद्धार का तारणहार और न्याय का स्रोत है।
  • अश्शूर के राजा – एक बड़े साम्राज्य की शक्तिशाली सेना, जो देशों को उजाड़ने का आह्वान करती है; यहाँ वे मानव-शक्ति के प्रतीक हैं जिनके सामने ईश्वर की निर्बाध सत्ता को प्रत्यक्ष किया गया है।

संबंधी विस्तृत पठन (Cross-references)

1) यशायाह 37:28-29 – राज्य-आघात के समय ईश्वर की घोषणा कि वह अस्सूर को नहीं छोड़ेंगे; यह भी दिखाता है कि परमेश्वर महत्ता को बनाए रखने में विश्वास की भूमिका रहती है।

2) भजन 46:1-3 – परमेश्वर हमारा सहारा और बल है; विपत्ति में भी उसकी सहायता शांति देती है।

3) दानियेल 4:35 – परमेश्वर सत्ता के उच्च स्रोत हैं और राष्ट्रों के शासन भी उनके हाथ में हैं; उनकी योजना में ही स्थिरता है।

प्रमुख पाठक-समझ की बातें

- परमेश्वर की महिमा और सत्य-न्याय की सत्ता कभी क्षीण नहीं होती; जब समुदाय डगमगा जाए, उसी की ओर देखने से आशा फिर से जीवित होती है।

- दैवीय सहायता के लिए विश्वास-व्यवहार जरूरी है: समुदाय की मिलीजुली प्रार्थना, निष्ठा और धर्म-पालन ने उद्धार का मार्ग खोला।

आज के लिए अनुप्रयोग

  • जोशीले राजनीतिक दबाव या नीतिगत संकटों में भी हम परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखें। वह सत्ता-स्वामी है और उसकी योजना समय पर खुलती है।
  • आत्म-विश्वास बनाम परमेश्वर की सक्षा: अपनी ताकत से नहीं, बल्कि उसकी कृपा से संघर्षों का सामना करें।
  • जिम्मेदारी के साथ प्रार्थना और सामुदायिक सहयोग से संकट का सामना करें; भय के स्थान पर विश्वास का वातावरण बनाएं।

उद्धरण संकेत: Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से यदि समान उद्धरण उपलब्ध हो, तो नीचे दिया गया है:

कड़े शब्द: “यहोवा … है” के स्वरूप में Henry की प्रेरित प्रशंसा के नमूने मिलते हैं, और Clarke में उद्धार के मार्ग के रूप में परमेश्वर की सत्ता पर बल दिया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 राजाओं 19:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

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2 राजाओं 17:24 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 राजाओं 17:24 (HINIRV) »
अश्शूर के राजा ने बाबेल, कूता, अव्वा, हमात और सपर्वैम नगरों से लोगों को लाकर, इस्राएलियों के स्थान पर शोमरोन के नगरों में बसाया; सो वे शोमरोन के अधिकारी होकर उसके नगरों में रहने लगे।

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2 राजाओं 16:9 (HINIRV) »
उसकी मानकर अश्शूर के राजा ने दमिश्क पर चढ़ाई की, और उसे लेकर उसके लोगों को बन्दी बनाकर, कीर को ले गया, और रसीन को मार डाला।

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होशे के नौवें वर्ष में अश्शूर के राजा ने शोमरोन को ले लिया, और इस्राएलियों को अश्शूर में ले जाकर, हलह में और गोजान की नदी हाबोर के पास और मादियों के नगरों में बसाया।

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