Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 राजाओं 19:1 2 राजाओं 19:2 2 राजाओं 19:3 2 राजाओं 19:4 2 राजाओं 19:5 2 राजाओं 19:6 2 राजाओं 19:7 2 राजाओं 19:8 2 राजाओं 19:9 2 राजाओं 19:10 2 राजाओं 19:11 2 राजाओं 19:12 2 राजाओं 19:13 2 राजाओं 19:14 2 राजाओं 19:15 2 राजाओं 19:16 2 राजाओं 19:17 2 राजाओं 19:18 2 राजाओं 19:19 2 राजाओं 19:20 2 राजाओं 19:21 2 राजाओं 19:22 2 राजाओं 19:23 2 राजाओं 19:24 2 राजाओं 19:25 2 राजाओं 19:26 2 राजाओं 19:27 2 राजाओं 19:28 2 राजाओं 19:29 2 राजाओं 19:30 2 राजाओं 19:31 2 राजाओं 19:32 2 राजाओं 19:33 2 राजाओं 19:34 2 राजाओं 19:35 2 राजाओं 19:36 2 राजाओं 19:37



2 राजे 19:34 — तत्कालीन संदर्भ और धार्मिक संदेश
इस पद में राजा भूमंडलीय संकट के बीच अल्प समय के लिए राहत पाते हैं, क्योंकि यहूदा के राजा इज़राइल के विशाल आक्रमण के संदिग्ध क्षण में परमेश्वर की रक्षा-हमारी की घोषणा करता है। नूहू नगर (यूहदा के लिए) शत्रु के आक्रमण से घिरा था; परन्तु परमेश्वर कहता है कि वह नगर की रक्षा करेगा “अपने निमित्त और अपने दास दाऊद के निमित्त”। यह बात यह दर्शाती है कि परमेश्वर अपने विशिष्ट चयनित लोगों के कारण भी कर्म करता है, और उसकी कृपा उसकीता के भीतर निर्भर करती है न कि व्यक्ति की अच्छाइयों पर मात्र।
ईश्वर और विश्वास का पाठ
पद स्पष्ट करता है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए लड़ता है। इसमें एक कंठस्थ विचार है: राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यक्तिगत संकल्प परमेश्वर की सुरक्षा के माध्यम से पूर्ण होते हैं। यह न सिर्फ सैन्य जीत की गारंटी देता है, बल्कि यह विश्वास को स्थिर करने की प्रेरणा भी देता है कि भिन्न परिस्थितियों में परमेश्वर अपने दाऊद-सामर्थ्य के अनुसार नबी-भागीदारी के साथ चलता है।
शब्दों और चित्रों की स्पष्टीकरण
“इस नगर की रक्षा करके इसे बचाऊँगा” का कथन परमेश्वर की प्रतिज्ञा-आकृति है। यहाँ “रक्षा” से आश्वस्ति और “बचाऊँगा” से उद्धार का आश्वासन निकलता है—यह केवल सेना की शक्ति नहीं, बल्कि परमेश्वर की दयालुता और विश्वासयोग्यता का परिचायक है।“अपने निमित्त और अपने दास दाऊद के निमित्त” वाक्य मान्य यह दर्शाता है कि परमेश्वर दाऊद के वंश के साथ, उसके चयन से जुड़े लोगों के लिए काम करता है; यह दाऊद के नाम पर नहीं, बल्कि दाऊद के चरित्र और परमेश्वर के वादे की साख पर आधारित है।
संबद्ध पासेज़ (संक्षेप में)
संक्षेप में, यह पद यह सिखाता है कि कठिन समय में भी परमेश्वर अपने लोगों के साथ है, उनके लिए सुरक्षा की प्रतिज्ञा करता है और दाऊद-वंश के साथ उसकी निश्चय-योजना पूरी होती है।
प्रासंगिक क्रॉस-रेफरेंसेस
जुड़ाव स्पष्ट करता है कि उद्धार ईश्वर के पूरे चरित्र—करुणा, विश्वासयोग्यता और सामर्थ्य—का परिणाम है, न कि मानव की सफलता पर निर्भर।
आज की अनुप्रयोगी दृष्टि
नोट: इस पवित्र पाठ पर Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार-सार तत्व मिलते हैं। इनमें से कोई भी पूर्ण उद्धरण नीचे उद्धृत नहीं होता, पर उनकी भावनात्मक उन्नयन और नैतिक निर्देश इस सार को सुदृढ़ करते हैं। इनमें से कोई-कोई विचार इस प्रकार हैं: परमेश्वर की रक्षा का कारण उसकी कृपा है; दाऊद के नाम से प्रेरणात्मक संकेत नहीं, बल्कि उसका आंतरिक परमेश्वर-विश्वास है; संकट में भी ईश्वर के उद्देश्य पूर्ण होते हैं।