Old Testament
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2 राजाओं 22:19 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इसलिए कि तू वे बातें सुनकर दीन हुआ, और मेरी वे बातें सुनकर कि इस स्थान और इसके निवासियों को देखकर लोग चकित होंगे, और श्राप दिया करेंगे, तूने यहोवा के सामने अपना सिर झुकाया, और अपने वस्त्र फाड़कर मेरे सामने रोया है, इस कारण मैंने तेरी सुनी है, यहोवा की यही वाणी है।
2 राजाओं 22:19 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 राजाओं 22:19 समानांतर पद और संबंधित वचन
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भजन संहिता 51:17 (HINIRV) »
टूटा मन* परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता।

1 राजाओं 21:29 (HINIRV) »
“क्या तूने देखा है कि अहाब मेरे सामने नम्र बन गया है? इस कारण कि वह मेरे सामने नम्र बन गया है मैं वह विपत्ति उसके जीते जी उस पर न डालूँगा परन्तु उसके पुत्र के दिनों में मैं उसके घराने पर वह विपत्ति भेजूँगा।”

निर्गमन 10:3 (HINIRV) »
तब मूसा और हारून ने फ़िरौन के पास जाकर कहा, “इब्रियों का परमेश्वर यहोवा तुझसे इस प्रकार कहता है, कि तू कब तक मेरे सामने दीन होने से संकोच करता रहेगा? मेरी प्रजा के लोगों को जाने दे कि वे मेरी उपासना करें।
मुख्य बिंदु
2 राजाओं 22:19 में यशायाह के वचन के अनुसार, यहूदा के राजा ने कैसे अपनी आत्म-स्वीकृति, दीनता और विनम्रता से परमेश्वर के समक्ष राजा बनते हुए गलतियों के प्रति सच्ची प्रतिक्रया दी, इसका प्रभाव स्पष्ट है। ईश्वर ने ऐसी विनम्रता को सुनकर राहत और आशीष की सुनवाई से नवजीवन प्रदान किया। यह वचन यह दर्शाता है कि गिरावट के बीच भी आत्म-आत्म-निरीक्षण और पश्चात्ताप से परिवर्तन संभव है, क्योंकि यहोवा दयालु है और सांत्वना देता है।
पाठ-परिप्रेक्ष्य (लिटरेरी कॉन्टेक्स्ट)
यह छः-सदी से अधिक पुरानी घटना है जिसमें राजा जोआकिम के शासन के दौरान मंदिर-स्थापित नियमों के उल्लंघन के बाद राजा को सुधारने वाला एक धार्मिक सुधारकार, नहेमिया-तूल नहीं, बल्कि युलक के समय के भीतर, यिर्मयाह-याहू के समय, देव-प्रकट का संदेश देता है। शास्त्र के भीतर यह संदेश यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर को असंभव नहीं लगता जब व्यक्ति विनम्रता से सामने आता है।
धार्मिक-शास्त्रीय महत्त्व
कथन में यह बताया गया है कि राजा ने यहोवा के सामने अपना सिर झुकाया, वस्त्र फाड़कर रोया—यह दर्शाता है कि व्यक्तिगत विनम्रता और दया-प्रार्थना परमेश्वर के प्रति एक मानवीय प्रतिक्रिया है। परमेश्वर सुनता है, भले ही तसल्ली और प्रशंसा के स्थान पर दायित्व और न्याय के विचार क्यों न हों। यह स्नेहपूर्ण देखभाल बताती है कि भले ही एक राष्ट्र भ्रष्टाचार में हो, परमेश्वर के पास पश्चात्ताप के लिए दरवाजा खुला रहता है।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप) और उनके संकेत
विचार-विमर्श के प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
2 राजाओं 22:19 यह संदेश देता है कि भले ही नेता और समाज भ्रष्ट हों, विनम्र दीनता और आत्म-निरीक्षण परमेश्वर के कंठार पर पहुँच सकते हैं। जब व्यक्ति सचेत होकर पछतावा दिखाता है, तो परमेश्वर उसे सुनता है और उसकी दशा सुधारने के लिए कदम उठाता है। यह प्रेरणा हमारे भीतर भी है—हम भी विनम्रता से अपने विवेक and जीवन की राह को परमेश्वर के अनुसार ढालें।
उद्धृतकल्पित टिप्पणी (public-domain स्रोतों से संज्ञानित सार)
यदि आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संक्षिप्त उद्धरण चाहते हैं, वे इस प्रकार कह सकते हैं: “हे प्रभु, तेरी दया से मैं तुझ से उत्तर पाऊँ। दीन हो कर तूने तुझ से सहानुभूति पाई है।” इस विचार की भावना इन टिप्पणीकारों के सामंजस्यपूर्ण विश्लेषण में भी मुखर है—कि विनम्रता और पश्चात्ताप परमेश्वर की कृपा को प्रेरित करते हैं।