Old Testament
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2 राजाओं 24:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब उसने यहोवा के भवन में और राजभवन में रखा हुआ पूरा धन वहाँ से निकाल लिया और सोने के जो पात्र इस्राएल के राजा सुलैमान ने बनाकर यहोवा के मन्दिर में रखे थे, उन सभी को उसने टुकड़े-टुकड़े कर डाला, जैसा कि यहोवा ने कहा था।
2 राजाओं 24:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 राजाओं 24:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 राजाओं 20:17 (HINIRV) »
ऐसे दिन आनेवाले हैं, जिनमें जो कुछ तेरे भवन में हैं, और जो कुछ तेरे पुरखाओं का रखा हुआ आज के दिन तक भण्डारों में है वह सब बाबेल को उठ जाएगा; यहोवा यह कहता है, कि कोई वस्तु न बचेगी।

यशायाह 39:6 (HINIRV) »
ऐसे दिन आनेवाले हैं, जिनमें जो कुछ तेरे भवन में है और जो कुछ आज के दिन तक तेरे पुरखाओं का रखा हुआ तेरे भण्डारों में हैं, वह सब बाबेल को उठ जाएगा; यहोवा यह कहता है कि कोई वस्तु न बचेगी।

1 राजाओं 7:48 (HINIRV) »
यहोवा के भवन के जितने पात्र थे सुलैमान ने सब बनाए, अर्थात् सोने की वेदी, और सोने की वह मेज जिस पर भेंट की रोटी रखी जाती थी,
शब्दार्थ का स्पष्ट मतलब
2 राजाओं 24:13 में लिखा है कि राजा ने यहोवा के भवन (निर्मित मंदिर) और राजभवन से सभी महत्वपूर्ण धन निकाल लिए, और आत्मिक-संरचना के प्रतीक के रूप में बेहतर सोने के पात्र जो सुलैमान ने बनवाए थे, उन्हें भी तोड़ डाला गया। यह हर प्रकार के भोग-विलास और पवित्र वस्तुओं के अपमान का आरम्भ नहीं, बल्कि यहोवा की निषेध-विधान के उल्लंघन और राज्य की दुष्ट दशा का प्रतीक है। अन्ततः यह देश की बर्बादी और सत्ता के पतन की पूर्वसूचना है।
पृष्ठभूमि
यह समय यूदा और इश्राइल के शासन की गिरावट का है, जब नबूचद्नassar के बर्बरतापूर्ण आक्रमण की पूर्व प्रतीकात्मक गतिविधियाँ चल रहीं थीं। यहोवा के भवन और राजभवन—दोनों स्थानों से धन हटाने का यह कृत्य यह दर्शाता है कि आत्म-विश्वास और धनी सामर्थ्य पर निर्भरता परमेश्वर के कानून से विमुख हो गई है। यह धार्मिक-सांस्कृतिक बहालियों की कमी और शासन के भीतर असंयम की पुष्टि है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
छोटी थीमैटिक सूची
अन्य शास्त्रीय टिप्पणी से संबंधित संदर्भ
यहोवा के भवन और राजभवन से धन निकालना समझाने के लिए अपरिमित टिप्पणीकारों के विचार मिलते हैं:
मैथ्यू हेनरी ने कहा कि इस तरह के कृत्य यहोवा के उद्धार-काम और उसकी पवित्रता के प्रति निर्भरता के नाश की चेतावनी है। "...the house of the Lord and the king's house were stripped of their treasures..." (सार-सार) [उद्धरण संक्षेप]
एल्बर्ट बार्न्स नोट करते हैं कि यह शासन की आस्था के क्षरण का प्रतीक है—धन के लिए मंदिर से ध्वनि पिता का स्थान खाली पड़ गया है।
ऐडम क्लार्क ने भी संकेत किया है कि यह एक दुष्ट राजा की कृत्य-योजना का परिणाम है जो परमेश्वर के विधान को नज़रअंदाज कर रहा है।
पवित्र संदर्भ-आधार
यह घटना पुराने नियम की उन घटनाओं से मिलती-जुलती है जिनमें देव-निर्देशन-विध्वंस के संकेत मिलते हैं—क्योंकि परमेश्वर के भक्तों के धन-संपदा और पवित्र वस्तुएँ भी उसकी महिमा के लिए थीं। क्रिया के परिणामस्वर क्षति और दया के अभाव का संदेश देता है।
हाई-लाइटेड क्रॉस-रेफेरेंस
1) इस्राएल के मंदिर के ध्वंस और धन-चोरी के प्रतीक को नबियों के संदेशों में भी देखा गया है; 2) राजा के घर से धन हटना एक से एक बड़ा आत्म-विश्वास-दुष्कर्म दर्शाता है; 3) यहोवा के निर्णय के समय की सहसा प्रतिक्रिया।
व्यावहारिक takeaway
धन-संपदा की परवाह से ऊपर यह सीख है कि परमेश्वर की पवित्रता और न्याय के साथ ईमानदार आस्था बनाए रखना आवश्यक है। सफलता-धन के साथग्रहण को भी परमेश्वर के उद्देश्य के अनुसार समायोजित करने में ही सच inquietता है।