Old Testament
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2 राजाओं 24:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जब सिदकिय्याह राज्य करने लगा, तब वह इक्कीस वर्ष का था, और यरूशलेम में ग्यारह वर्ष तक राज्य करता रहा; उसकी माता का नाम हमूतल था, जो लिब्नावासी यिर्मयाह की बेटी थी।
2 राजाओं 24:18 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 राजाओं 24:18 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 राजाओं 23:31 (HINIRV) »
जब यहोआहाज राज्य करने लगा, तब वह तेईस वर्ष का था, और तीन महीने तक यरूशलेम में राज्य करता रहा; उसकी माता का नाम हमूतल था, जो लिब्नावासी यिर्मयाह की बेटी थी।

यिर्मयाह 52:1 (HINIRV) »
जब सिदकिय्याह राज्य करने लगा, तब वह इक्कीस वर्ष का था; और यरूशलेम में ग्यारह वर्ष तक राज्य करता रहा। उसकी माता का नाम हमूतल था जो लिब्नावासी यिर्मयाह की बेटी थी।

2 इतिहास 36:11 (HINIRV) »
जब सिदकिय्याह राज्य करने लगा, तब वह इक्कीस वर्ष का था, और यरूशलेम में ग्यारह वर्ष तक राज्य करता रहा।
2 राजाओं 24:18 पर दृष्टिकोण: राज्यונוती के अंश और उसका तात्पर्य
प्रमुख interpretive point: सिदकिय्याह के राज्याभिषेक के समय परिदृश्य स्पष्ट करता है कि यरूशलेम का नेतृत्व पतन की दिशा में आगे बढ़ रहा था, क्योंकि राजगद्दी पर बैठे राजा एक युवावस्था में थे और उनका शासन कम उम्र के साथ-साथ दायित्वों के प्रति विश्वासघातपूर्ण ढँग से निभ रहा था। यह पंक्ति हमें यह याद दिलाती है कि मातृ-महत्व के साथ शासकों की जातीय विरासतें भी सत्ता के उत्तराधिकार में उतार-चढ़ाव ला सकती हैं, और हर शासन की आस्था-जीवन, ईश्वर के आदेश और नीति-निर्णयों से प्रभावित होती है।
साहित्यिक संदर्भ (लिटरेरीकॉन्टेक्स्ट)
यह पंक्ति सिदकिय्याह के जन्म-काल के गढ़े हुए इतिहास का संकेत देती है: वह इक्कीस वर्ष की अवस्था में राज्य किया; वह ग्यारह वर्ष तक सिंहासन पर रहा। यह हैश-विवेक से भरा विवरण नहीं बल्कि राजनीतिक स्थिति की सत्यता है—राज्य सत्ता का कम उम्र में आना और दीर्घकाल तक शासन की अस्थिरता। यह लेखक-स्तर पर यह भी दर्शाता है कि यरूशलेम के बड़प्पन और वंश-परंपरा, जो अक्सर यरूशलेम की सुरक्षा के लिए आशीर्वाद मानी जाती है, अब सत्ता के ढांचे में दूरी बनाती जा रही थी।
धार्मिक-तत्व और theological significance
यह विवरण क्षय के समय का संकेत देता है। यदि राजाओं की आयु और उनके शासनकाल को देखें, तो यह दिखता है कि राजा की युवावस्था और माता—हमूतल की जाति—यिर्मयाह की बेटी—जैसे सामाजिक-परिवारिक तत्व सत्ता-निर्णयों पर प्रभाव डाल रहे थे। Bible के पाठक के लिए यह यहूदियों के राज्यतंत्र की कमजोरियों का संकेत है, जिसमें सांसारिक संसाधन और राजनीतिक सुरक्षा बहुधा ईश्वर की निर्देशना से अलग पड़ जाते थे।
Cross-scriptural connections (संयुक्त बाइबिल संदर्भ)
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि सत्ता के փոփոխ और विरासत के प्रभाव अक्सर धार्मिक-आध्यात्मिक जीवन के समेकन पर असर डालते हैं, और सामाजिक-परिवारिक संदर्भ इसे और गहराई प्रदान करते हैं।
सोच-विचार के प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
2 राजाओं 24:18 जीवन-रेखाओं के मध्य एक संकेतक है: सत्ता के क्षेत्र में उम्र, परिवार और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के कारण शासन-नीतियों का ढंग प्रभावित होता है। यह पाठ हमें याद दिलाता है कि वास्तविक शासन ईश्वर की सत्ता-प्रस्तुति के साथ संगत ढंग से चलना चाहिए, न कि समाज के तात्कालिक आक्रामक-प्रभाव से नियंत्रित।
पूर्व-टीका से संक्षेपक विचार
एडम क्लार्क, एल्बर्ट बार्न्स और मैथ्यू हेनरी जैसी सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणियों के साथ, यह पंक्ति निष्कर्ष देती है कि शासक के आयु और पारिवारिक पृष्ठभूमि के साथ राजनीतिक निर्णयों का मिश्रण, धार्मिक प्रतिबद्धता के साथ संयुक्त हो तो ईश्वर के निर्देश से भटकना कठिन हो जाता है। यदि आप में से कोई यह जानना चाहे कि कौन से संकेत शासन के साथ धर्म की संतुलन बनाते हैं, तो यह पाठ एक सरल सत्य सिखाता है: उच्च राजनीतिक पद केवल व्यक्तिगत योग्यता नहीं, बल्कि कर्तव्य और आस्था की दृढ़ता से संचालित होता है।
नोट: नीचे दिए गए तीनों उद्धरण स्पष्ट शब्दों में उद्धृत नहीं हैं, बल्कि संदर्भ-से प्रेरित सामान्य विचार हैं जो मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के समान सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणियों के दायरे में आते हैं।