Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 राजाओं 24:5 बाइबल पद की व्याख्या
2 राजाओं 24:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यहोयाकीम के और सब काम जो उसने किए, वह क्या यहूदा के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखे हैं?
2 राजाओं 24:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
2 राजाओं 24:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 इतिहास 36:8 (HINIRV) »
यहोयाकीम के और काम और उसने जो-जो घिनौने काम किए*, और उसमें जो-जो बुराइयाँ पाई गईं, वह इस्राएल और यहूदा के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में लिखी हैं; और उसका पुत्र यहोयाकीन उसके स्थान पर राज्य करने लगा।

यिर्मयाह 22:13 (HINIRV) »
“उस पर हाय जो अपने घर को अधर्म से और अपनी उपरौठी कोठरियों को अन्याय से बनवाता है; जो अपने पड़ोसी से बेगारी में काम कराता है और उसकी मजदूरी नहीं देता।

यिर्मयाह 26:1 (HINIRV) »
योशिय्याह के पुत्र यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के आरम्भ में, यहोवा की ओर से यह वचन पहुँचा,
2 राजाओं 24:5 - संदर्भ में संक्षिप्त व्याख्या
यह पद यहूदा के राजाओं के इतिहास में यहूदा के पतन-युग की घटनाओं के संदर्भ में आता है। यहोयाकीम के राजा के उत्तरार्ध के समय, बंशीवृंद के शासन की किताबों में जो कुछ घटित हुआ, वह धार्मिक-इतिहास की किताबों में संकलित नहीं किया गया था। यहाँ निहित संकेत यह है कि कुछ घटनाओं, कार्यों या राजाओं के काल के चरितर का दूसरा संग्रह उपलब्ध नहीं है, या कुछ विवरण पुराने लेखों में दर्ज नहीं हुए। यह खुलासा दर्शाता है कि इतिहास लेखन तत्कालीन सत्ता-समय के भीतर नहीं बल्कि उन घटनाओं के प्रभाव और स्मृति के भीतर रहा।
मुख्य अर्थ
कुल मिलाकर verse यह बताता है कि यहोयाकीम और उसके कर्तुतों के बारे में कुछ तथ्य इतिहास की ख्यातिप्राप्त पुस्तकों में दर्ज नहीं हैं। यह दर्शाता है कि इतिहास के क्रम में कुछ विवरण या क्रियाएं संभवतः उस समय के लेखन-व्यवस्था के बाहर रह गईं, या उन पर अंतिम-बान नहीं चढ़ा गया। यह भी संकेत दे सकता है कि भविष्य के लेखन ने कौन-कौन से कथन संकलित करने चाहिए, इस पर असहमति या चयन-नियत हो सकती है।
तीन प्रमुख थीम
संदर्भित क्रॉस-रेफरेंसे
उपयुक्त क्रॉस-रेफरेंसेस निम्न विचारों को जोड़ती हैं:
व्यावहारिक विचार
हमें यह समझना चाहिए कि पवित्र इतिहास लेखन किसी संस्करण या स्मृति-याद का परिणाम है। यह अध्याय हमें विश्वस्त इतिहास-लेखन की विश्वास-योग्यता को समझने की प्रेरणा देता है: जो घटनाएं रिकॉर्ड में नहीं भी आतीं, वे भी विश्वसनीय रूप से हुई होंगी, किंतु लेखकों ने चुनिंदा दृष्टिकोण से उन्हें प्रस्तुत किया है। यह सीख हमें अपने जीवन-कार्य में ईश्वर के सामने ईमानदारी और स्मृति-निष्ठा बनाए रखने की प्रेरणा देती है।
संक्षिप्त समाप्ति
यह verse दर्शाता है कि इतिहास-रचना के समय कुछ विवरण लेखकों के चयन और उद्देश्य से बाहर रह गए। पाठक को याद रहे कि बाइबल के दायरे में घटनाओं का उद्देश्य उन पर प्रभाव डालना और आस्था को प्रेरित करना है, न कि हर छोटे-छोटे तथ्य का औपचारिक रिकॉर्ड देना।
पिछले परिशिष्ट के उद्धरण (संक्षेप)
यदि आप चाहें तो Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के समान विचारों की पवित्र-इतिहास पर भूमि-चिंतन देखें: इतिहास लेखन की चयन-प्रक्रिया, स्मृति एवं प्रेरणा का संबंध उनकी टिप्पणियों में उभरता है। इन commentators के छोटे-उद्धरणों से आप यह पाते हैं कि लेखन-कार्य में कौन-सी बातें उल्लेखनीय होती हैं और क्यों।