Old Testament
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2 राजाओं 24:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
बाबेल के राजा ने उसके स्थान पर उसके चाचा मत्तन्याह को राजा नियुक्त किया और उसका नाम बदलकर सिदकिय्याह रखा।
2 राजाओं 24:17 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 राजाओं 24:17 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यिर्मयाह 37:1 (HINIRV) »
यहोयाकीम के पुत्र कोन्याह के स्थान पर योशिय्याह का पुत्र सिदकिय्याह राज्य करने लगा, क्योंकि बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर ने उसी को यहूदा देश में राजा ठहराया था।

2 राजाओं 23:34 (HINIRV) »
तब फ़िरौन-नको ने योशिय्याह के पुत्र एलयाकीम को उसके पिता योशिय्याह के स्थान पर राजा नियुक्त किया, और उसका नाम बदलकर यहोयाकीम रखा; परन्तु यहोआहाज को वह ले गया। और यहोआहाज मिस्र में जाकर वहीं मर गया।

2 इतिहास 36:4 (HINIRV) »
तब मिस्र के राजा ने उसके भाई एलयाकीम को यहूदा और यरूशलेम का राजा बनाया और उसका नाम बदलकर यहोयाकीम रखा; परन्तु नको उसके भाई यहोआहाज को मिस्र में ले गया।
2 राजाओं 24:17 — संदर्भ और संदर्भात्मक प्रस्तुति
उत्पत्ति के बाद पलायन और प्रतिशोध के बीच, बाबेल के राजा ने यरूशलेम में नये शासन की स्थापना की और उसका नाम बदलकर सिदकिय्याह रखा गया। इस वच के पीछे की घटनाओं से एक महत्वपूर्ण सामाजिक-राजनीतिक बदलाव के साथ परमेश्वर की योजना का टकराव भी उभरकर आता है: कड़ा विरोध, सत्ता के प्रलोभन और नबी की आवाज की दिशा-निर्देशन का परीक्षण।
ईश्वर या विश्वास के बारे में दिखता संदेश
यह वचन बताता है कि परमेश्वर के सेवक की सत्ता परिवर्तन और राजनीतिक बदलाव के बावजूद उसकी नियन्त्रण में रहता है। राजा–परिवार की भू-राजनीति में मनुष्यों के निर्णय सामने आते हैं, पर परमेश्वर की योजना के अनुसार ही इतिहास घटित होता है। यह संकेत देता है कि सत्ता भले ही पृथ्वी पर बदली जाए, पर ईश्वर की सच्ची सत्ता वही रहती है, जिसकी ओर प्रजा को निष्ठा टिकानी चाहिए।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्ट व्याख्या
समरूपित cross-रेफरेंसेज़ (छोटे उल्लेख, पूर्ण पंक्तियाँ नहीं)
1) ईश्वर की सुरक्षा और सत्ता पर विश्वास — राजा के परिवर्तन के बावजूद सत्य वही रहा जो उसे 수행कर्ता के रूप में चाहिए।
2) पहचान और दायित्व — नया नाम एक नई जिम्मेदारी की ओर संकेत करता है, जो राष्ट्र के आत्म-धर्म से जुड़ा हो सकता है।
आधारिक स्रोतों से संबल
प्राचीन टिप्पणीकारों ने यह कहा है कि परिवर्तन चाहे जैसा हो, परमेश्वर के कार्य के क्रम को रोक नहीं सकता; विश्वासियों के लिए यह प्रेरणा है कि हमारा दृष्टिकोण परमेश्वर की बड़ी योजनाओं की ओर रहे, न कि केवल वर्तमान परिस्थितियों के हिसाब से।
वर्तमान में अनुप्रयोग
- कठिन राजनीतिक परिवर्तन के समय भी ईश्वर के उद्देश्य को याद रखें; दुविधा के बीच प्रार्थना और धैर्य रखें।
- अपनी पहचान को अपनी किरदार-संरचना के अनुरूप बनाए रखें: नए अवसर और जिम्मेदारी स्पष्ट हों, पर विश्वास के मूल्यों से विमुख न हों।
संक्षिप्त सार
2 राजाओं 24:17 में राजा के स्थानांतरण और नाम परिवर्तन की घटना एक ठंडी चेतावनी है कि पृथ्वी की सत्ता कितनी भी बदले, परमेश्वर की योजना अविचल रहती है। इस कथन से मित्र और विरोधी, दोनों के लिए संदेश निकलता है कि सत्य और दायित्व से पीछे न हटकर आस्था बनाए रखी जाए।
ध्यान दें: नीचे दिए गए उद्धरण केवल संदर्भ के लिए हैं; समानता बनाये रखने हेतु संक्षिप्त अभिधेय हैं:
उद्धरण (अगर उपलब्ध हो): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के संकलित विचारों से प्रेरित नमूने पाठ