निर्गमन 4:31 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और लोगों ने उन पर विश्वास किया; और यह सुनकर कि यहोवा ने इस्राएलियों की सुधि ली और उनके दुःखों पर दृष्टि की है, उन्होंने सिर झुकाकर दण्डवत् किया। (निर्ग. 3:15, 18)

पिछला पद
« निर्गमन 4:30
अगला पद
निर्गमन 5:1 »

निर्गमन 4:31 पद-दर-पद बाइबल टीका

निर्गमन 4:31 का संक्षिप्त सार और संदर्भ

इस वाक्य में इस्राएली लोग तब दिखाई देते हैं जब משה ने ईश्वर के इशारे से लौटकर उनके बीच परमेश्वर की योजना सुनाई। पहले चरण में वे संकट-घिरे लोग थे, पर फिर ईश्वर के अद्भुत कार्यों के कारण उनका विश्वास पुनः जाग उठता है। निर्गमन 3:15, 18 में ईश्वर ने यह कहा कि वह तेरे साथ है और तू इस्राइलियों को निकाल देगा; अब 4:31 में लोग यह मान लेते हैं और दण्डवत् कर देते हैं, यह दर्शाता है कि ईश्वर के कदम उनके जीवन में स्पष्टता ला रहे हैं।

केंद्रीय अर्थ

वाक्य यह बताता है कि यह्राई लोगों ने केन्द्रीय रूप से विश्वास किया और उनकी सुधि लेने के ईश्वर के निर्णय पर आस्था व्यक्त की। दुख के समय में ईश्वर ने उनकी पुकार सुनी है, यह विश्वास का क्षण है कि दया और उद्धार प्रभु के निष्ठुर निर्णयों के पीछे है।

दो-तीन प्रमुख विषय

  • ईश्वर की耶 का ध्यान: दुखों में उनके दर्द का संज्ञान लेना और उद्धार की ओर उनका मार्गदर्शन करना।
  • विश्वास की प्रतिक्रिया: ईश्वर के कार्य को मानना, सिर झुकाकर दण्डवत् करना—आत्म-समर्पण और परमिश्रय के सामने विनय।
  • कायाकल्प का संकेत: यहूदियों की ओर से निकलना और उनके इतिहास में नया चरण आरम्भ होना।

related passages

• निर्गमन 3:15 — ईश्वर का “मैं हूँ” कहना और उनकी पहचान का उद्घाटन, जो उद्धार के वचन को स्थापित करता है।
• निर्गमन 3:18 — सहकारी यहूदियों को आश्वासन, कि वे निकासी के कारण को स्वीकारेंगे और उनके बीच ईश्वर के चिह्न होंगे।
• एंथनी/कैसी दया के पाठ: यह देखकर कि ईश्वर ने उनके दुःख पर दृष्टि डाली, वे जवाब में दण्डवत् करते हैं—आत्म-समर्पण की गवाही।

एक व्यावहारिक विचार

हम भी अपने जीवन के दुःखों में ईश्वर की सुधि पर निर्भर रहें। जब भी संकट ज़ोर पर हो, भले ही हलचल बढ़े, ईश्वर के उद्धार के योजनाओं को स्वीकारना और आस्था से आगे बढ़ना चाहिए। द marg में दण्डवत् करने की मुद्रा भावनात्मक-आस्था का प्रतीक है: भरोसा, विनम्रता और परम-नियोजक पर निर्भरता।

क्रॉस-रेफरेंसेज़

• निर्गमन 3:15 — ईश्वर की पहचान और उद्धार के वचन का आधार।

• निर्गमन 3:18 — विश्वास के साथ निकासी के लिए प्रेरणा और अग्रिम मार्गदर्शन।

• भजन 34:18 — दुख में भयमुक्त सहारा करने वाला उद्धारक की निकटता।

संक्षिप्त सार

यह वचन दर्शाता है कि ईश्वर ने इस्राएलियों के दुःखों पर दृष्टि डाली और उनकी सुधि ली—और वे उनकी निकासी की उम्मीद में विश्वासपूर्वक दण्डवत् करने लगे। यह घटना भविष्य में उनकी सामर्थ्य और परमेश्वर के साथ संबंध के पुनर्जागरण की शुरुआत है।

उद्धरण-नोट: नीचे के विश्लेषण में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के शब्दों से संक्षेपित विचार सम्मिलित हो सकते हैं, किंतु मूल पाठ की भाषा और भाव-गौरव बनाये रखा गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

निर्गमन 4:31 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

निर्गमन 3:18 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
निर्गमन 3:18 (HINIRV) »
तब वे तेरी मानेंगे; और तू इस्राएली पुरनियों को संग लेकर मिस्र के राजा के पास जाकर उससे यह कहना, 'इब्रियों के परमेश्‍वर, यहोवा से हम लोगों की भेंट हुई है; इसलिए अब हमको तीन दिन के मार्ग पर जंगल में जाने दे कि अपने परमेश्‍वर यहोवा को बलिदान चढ़ाएँ।'

लूका 8:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 8:13 (HINIRV) »
चट्टान पर के वे हैं, कि जब सुनते हैं, तो आनन्द से वचन को ग्रहण तो करते हैं, परन्तु जड़ न पकड़ने से वे थोड़ी देर तक विश्वास रखते हैं, और परीक्षा के समय बहक जाते हैं।

उत्पत्ति 24:26 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 24:26 (HINIRV) »
तब उस पुरुष ने सिर झुकाकर यहोवा को दण्डवत् करके कहा*,

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें