Old Testament
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निर्गमन 4:7 का immediate setting और तात्पर्य
यह वाक्यांश उस सूचना-संकट के बीच आता है जिसमें मूसा (अरामियों) को यह बताने की आवश्यकता थी कि परमेश्वर उसके साथ है और उसे मिस्र की कैद से बहार निकालने की क्षमता है। हालांकि यह संदर्भ एक चिह्न के रूप में दिखते हैं, तब परमेश्वर ने मूसा को दो मौखिक चमत्कार देकर भरोसा दिलाया—ताकि वह अपने संदेह को दूर कर सके। पहले मूसा ने कहा था कि वे अपने दायित्व से डर रहा है; परमेश्वर उसे आश्वस्त करते हैं कि उनका चमत्कारिक संकेत उनके विश्वसनीय संकल्प के साथ जुड़ा है।
पवित्र लेखन में यह संकेत क्या दिखाता है?
यह चमत्कारिक क्रिया बताती है कि परमेश्वर अपने दासों के माध्यम से अपने उद्देश्य को पूरा करने का पक्का वादा रखते हैं। जब मूसा ने अपना हाथ छाती पर से निकालकर देखा, तो उसकी देह फिर लावारिस रोग-संक्रमण या दुर्बलता से मुक्त नहीं थी; बल्कि वह सामान्य और स्वस्थ दिखाई दिया। यह संकेत उसकी क्षमता और परमेश्वर की शक्ति के मिलन को दर्शाता है—जो आगे के कार्यों में मूसा की कमज़ोरी को भी दूर कर देगा।
महत्वपूर्ण शब्दों/प्रतीकों की व्याख्या
संबंधित आयतें
1) मरकुस 16:18 जैसे चमत्कार दर्शाते हैं कि प्रभु के नाम से रोग-शांति और चमत्कार संभव हैं।
2) प्रेरितों के काम 3:6 में पेत्रुस कहता है, "किसी के नाम से..."—ईश्वर की शक्ति किस तरह क्रिया में आ सकती है।
3) यशायाह 42:7, 9 की तरह प्रभु की रोशनी और उद्धार-यात्रा के संकेत यहां मूसा के साथ स्मरण होते हैं, जो भविष्य की बचावनी योजना का भाग हैं।
आज के संदर्भ में आत्म-आख्यान और आवेदन
- हमारे द्वार-कार्य में, यह वाक्य हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर अपने दासों के सामने आने वाली कठिनाइयों में शक्ति और संरक्षण प्रदान करते हैं।
- हमारे विश्वास की कसौटी यह है कि जब हम कमज़ोर पड़ते हैं, तब भी परमेश्वर के विचार और उसकी योजना के अनुरूप आगे बढ़ें।
- व्यावहारिक तौर पर, हमें अपने दायित्वों के लिए परमेश्वर की सहायता माँगनी चाहिए, ताकि हमारी कमज़ोरियाँ उसकी महिमा में बदल जाएँ।
संक्षिप्त मिश्रित टिप्पणी
यह दृश्य यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर अपने दास के लिए वह चमत्कारिक संकेत देने को तैयार रहते हैं जो विश्वास को पुष्ट करे। मूसा के लिए यह एक आत्म-विश्वास बढ़ाने वाला मोड़ था—कि प्रभु की शक्ति उनके साथ है और वही उन्हें काम सम्पन्न करा सकता है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (Matthew Henry/Albert Barnes/Adam Clarke): "जब आदमी अपने हाथ को छाती से ढांपकर देखता है, तब परमेश्वर वह अवस्था को नयी ताकत में बदलते हैं; क्योंकि ईश्वर की कृपा His servants में काम करती है।" (व्याख्या-सार, चयनित समांतर विचार)