उत्पत्ति 10:24 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और अर्पक्षद ने शेलह को, और शेलह ने एबेर को जन्म दिया।

पिछला पद
« उत्पत्ति 10:23

उत्पत्ति 10:24 पद-दर-पद बाइबल टीका

उत्पत्ति 10:24 का संक्षेप परिचय

stva: यह पद उत्पत्ति के पटल पर नॉस्टेल्जिक पहचान से भरे पूर्वजों के क्रम में आता है, जहाँ नींव रखने वाले परिवारों के जन्म क्रम का उल्लेख होता है। यहाँ अर्पक्षद के पुत्र शेलह और शेलह से एबेर की उत्पत्ति का संकेत दिया गया है, जो मानव जाति की प्रारम्भिक वंशावली का भाग है। यह पाठ कथन करता है कि कैसे हर पीढ़ी पूर्वजों के प्रभाव को अगली पीढ़ी तक पहुंचाती है और कैसे इतिहास के इस चरण में ईश्वर के उद्देश्य के अनुराग की रेखाए बनती हैं।

मुख्य अर्थ (Central Meaning)

यह verse वंशावली की रेखा को आगे बढ़ाते हुए यह दिखाता है कि दावीदिक, अम्नोतिक, और अन्य पुरानी परंपराओं के मूल कैसे एक दूसरे से जुड़ते हैं। अर्पक्षद के पुत्र के रूप में शेलह और शेलह के जीवन से यह दर्शाता है कि दायरित परिवारों के बीच भूमिका-निर्धारण और पितृत्व की परंपरा कैसे चलती है, जिससे आगे एबेर जैसे विशिष्ट पात्र जन्म लेते हैं जो कथानक में महत्त्वपूर्ण मोड़ बनाते हैं।

दो-तीन प्रमुख विषय (Key Themes)

  • वंशावली का उद्देश्य: परिवारिक क्रम और नाम-संधान, ताकि लोगों की पहचान इतिहास की दास्तानों में बनी रहे।
  • पितृत्व का चक्र: माता-पिता से संतानों तक आशीष और जिम्मेदारी का संचरण।
  • प्राचीन-यात्रा से आज तक: हर पीढ़ी अपने समय के उद्देश्य को प्रस्तुत करती है, ताकि परमेश्वर की योजना चलती रहे।

संबंधित पासेज (Cross-References) – छोटे उद्धरण के साथ

1) मरकुस 10:6-8 में यीशु के शब्दों के अनुसार, “आदि-युग में जो पैदा हुआ, वही विवाह-परंपरा बनती है”—यह रेखा वंशावली के महत्त्व को सामाजिक संकल्प के साथ जोड़ती है।

2) रोम 15:4 कहती है कि पुराने समय की बातें हमारे सीखने के लिए लिखी गईं ताकि हम धैर्य और प्रेरणा से आत्म-विश्वास प्राप्त करें।

3) दान 6:25-27 में एक-पर्व के दौरान इतिहास के पंक्ति-बद्ध क्रम का महत्त्व है, जो प्रभु की योजना के स्पष्ट संकेत देता है।

Practical Reflection

यह संस्कार एकता और पहचान का स्मरण कराते हैं: हर पीढ़ी अपने आरंभ की पहचान से प्रेरणा ले कर नवीन क्षमताओं को धारण करे। जब हम अपने परिवार-इतिहास को समझते हैं, तब हम यह देख पाते हैं कि किस प्रकार आशीष और जिम्मेदारी अगली सृजन तक जाती है—यह हमारे विश्वास के जीवन में धैर्य, संस्कार, और नैतिक समर्पण की प्रेरणा देता है।

आखिरी सार (Summary)

उत्पत्ति 10:24 वंशावली के क्रम को दर्शाते हुए यह बताता है कि अर्पक्षद के पुत्र शेलह से एबेर तक की धारा कैसे प्रवाहित होती है, जिससे आगे के पात्र और घटनाएं आकार ग्रहण करती हैं। यह पाठ याद दिलाता है कि पूर्वजों की कृपा और उन वंशों की संतानें इतिहास की दिशा निर्धारित करती हैं, ताकि परमेश्वर की योजना समय के साथ पूरी हो सके।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 10:24 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

लूका 3:35 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 3:35 (HINIRV) »
और वह सरूग का, और वह रऊ का, और वह पेलेग का, और वह एबेर का, और वह शिलह का,

उत्पत्ति 11:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 11:12 (HINIRV) »
जब अर्पक्षद पैंतीस वर्ष का हुआ, तब उसने शेलह को जन्म दिया।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें