Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
उत्पत्ति 1 उत्पत्ति 2 उत्पत्ति 3 उत्पत्ति 4 उत्पत्ति 5 उत्पत्ति 6 उत्पत्ति 7 उत्पत्ति 8 उत्पत्ति 9 उत्पत्ति 10 उत्पत्ति 11 उत्पत्ति 12 उत्पत्ति 13 उत्पत्ति 14 उत्पत्ति 15 उत्पत्ति 16 उत्पत्ति 17 उत्पत्ति 18 उत्पत्ति 19 उत्पत्ति 20 उत्पत्ति 21 उत्पत्ति 22 उत्पत्ति 23 उत्पत्ति 24 उत्पत्ति 25 उत्पत्ति 26 उत्पत्ति 27 उत्पत्ति 28 उत्पत्ति 29 उत्पत्ति 30 उत्पत्ति 31 उत्पत्ति 32 उत्पत्ति 33 उत्पत्ति 34 उत्पत्ति 35 उत्पत्ति 36 उत्पत्ति 37 उत्पत्ति 38 उत्पत्ति 39 उत्पत्ति 40 उत्पत्ति 41 उत्पत्ति 42 उत्पत्ति 43 उत्पत्ति 44 उत्पत्ति 45 उत्पत्ति 46 उत्पत्ति 47 उत्पत्ति 48 उत्पत्ति 49 उत्पत्ति 50Verse
उत्पत्ति 29:1 उत्पत्ति 29:2 उत्पत्ति 29:3 उत्पत्ति 29:4 उत्पत्ति 29:5 उत्पत्ति 29:6 उत्पत्ति 29:7 उत्पत्ति 29:8 उत्पत्ति 29:9 उत्पत्ति 29:10 उत्पत्ति 29:11 उत्पत्ति 29:12 उत्पत्ति 29:13 उत्पत्ति 29:14 उत्पत्ति 29:15 उत्पत्ति 29:16 उत्पत्ति 29:17 उत्पत्ति 29:18 उत्पत्ति 29:19 उत्पत्ति 29:20 उत्पत्ति 29:21 उत्पत्ति 29:22 उत्पत्ति 29:23 उत्पत्ति 29:24 उत्पत्ति 29:25 उत्पत्ति 29:26 उत्पत्ति 29:27 उत्पत्ति 29:28 उत्पत्ति 29:29 उत्पत्ति 29:30 उत्पत्ति 29:31 उत्पत्ति 29:32 उत्पत्ति 29:33 उत्पत्ति 29:34 उत्पत्ति 29:35



उत्पत्ति 29:35 पर टिप्पणी (HINIRV)
यह पद यह दिखाता है कि याकूब की पत्नी लाबन के यहाँ जन्मों के क्रम में अन्य पुत्रों के अतिरिक्त यहूदा का जन्म किस प्रकार उसकी आस्था और भविष्य की बोझिल यात्राओं में एक नयी आशा बनकर आता है। यहूदा नाम का अर्थ है “यहोवा का धन्यवाद” और यह विवाह-परिवार के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ है, जहाँ परमेश्वर के विश्वासयोग्य योजनाओं की प्रतीति फिर-फिर सामने आती है। इस आयत के संदर्भ में, जन्म-दर-जन्म की घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि गिनती सिर्फ संख्याओं की नहीं, बल्कि परमेश्वर की योजना के अगुवाई में परिवार के भविष्य की दिशा को भी निर्धारित करती है।
मुख्य अर्थ
लेखक बताता है कि जब शिशु पैदा होता है, तब संयास की चोट और आशा के बीच, रब्बी-याकूब ने यहूवा को धन्यवाद दिया। यहूदा का नाम उसके अनुभवों के सकारात्मक नतीजे का प्रतीक बनता है—ईश्वर की कृपा, निर्भरता और प्रभु के उद्धार के मार्ग की उम्मीद। यहूदा की कोख का “बन्द हो जाना” अंततः सामाजिक-परिवारिक जीवन में स्थिरता और नई योजना की प्रतीक है।
तीन प्रमुख विषय
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त, चार-पंक्ति उद्धरण नहीं)
- जननस्थल के आध्यात्मिक पाठ में “धन्यवाद” की आवाज़, जो भक्ति-जीवन को प्रेरित करती है।
- प्रेरित-विश्वास के पाठ जहां परिवार की नदी नयी दिशा पाती है और परमेश्वर की योजना के अनुसार आगे बढ़ती है।
- चेतावनी-उद्धार के उद्धरण जो यह स्पष्ट करते हैं कि यहूदा जैसे पवित्र नाम भी समय के साथ आस्था की कसौटियों को पार करने में साथ देते हैं।
व्यावहारिक विचार
संक्षिप्त निष्कर्ष
उत्पत्ति 29:35 न केवल जन्मकथा है, बल्कि यह यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर अपने लोगों के जीवन में कैसे आशा, आस्था और आशीर्वाद के नए चरण खोलता है। यहूदा नाम की स्वीकारोक्ति उनके परिवार के इतिहास में एक नई दिशा का पथ प्रशस्त करती है—यहोवा का धन्यवाद, और भविष्य के लिए विश्वास।
लेखक-नोट
यह टिप्पणी Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसे सार्वजनिक-डायरेक्ट विद्वानों के विचारों से प्रेरित समेकन के रूप में प्रस्तुत की गई है, ताकि पाठ की बहु-आयामी समझ सहज हो सके।