Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीमत्ती 1:2 बाइबल पद की व्याख्या
मत्ती 1:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
अब्राहम से इसहाक उत्पन्न हुआ, इसहाक से याकूब उत्पन्न हुआ, और याकूब से यहूदा और उसके भाई उत्पन्न हुए।
मत्ती 1:2 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मत्ती 1:2 समानांतर पद और संबंधित वचन
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प्रेरितों के काम 7:8 (HINIRV) »
और उसने उससे खतने की वाचा* बाँधी; और इसी दशा में इसहाक उससे उत्पन्न हुआ; और आठवें दिन उसका खतना किया गया; और इसहाक से याकूब और याकूब से बारह कुलपति उत्पन्न हुए। (उत्प. 17:10-11, उत्प. 21:4)

इब्रानियों 11:17 (HINIRV) »
विश्वास ही से अब्राहम ने, परखे जाने के समय में, इसहाक को बलिदान चढ़ाया, और जिस ने प्रतिज्ञाओं को सच माना था। (उत्प. 22:1-10)

उत्पत्ति 25:26 (HINIRV) »
पीछे उसका भाई अपने हाथ से एसाव की एड़ी पकड़े हुए उत्पन्न हुआ; और उसका नाम याकूब रखा गया। जब रिबका ने उनको जन्म दिया तब इसहाक साठ वर्ष का था।
मत्ती 1:2 — तत्काल परिस्थिति और पादरियों की पंक्तियाँ
इस वाक्य में दूतावाहक पंक्तियों के प्रारम्भ से शुरू होते हुए परमेश्वर के चयनित इतिहास की पंक्ति बुनते हैं। अब्राहम से इसहाक, इसहाक से याकूब, और याकूब से यहूदा और उसके भाइयों का जन्म क्रम हमारे उद्धार-योजना की पहली अवस्था है। यह शृंखला हमें दिखाती है कि परमेश्वर ने अपने वचन के अनुरूप पुरखों के माध्यम से अपने चयन और भविष्यवाणी को निरंतर आगे बढ़ाया है।
वस्तु और परमेश्वर की प्रेरणा
यह पाठ यह संकेत देता है कि परमेश्वर ने अपनी दया और पुष्टि से मानव इतिहास को संजोया है। पितृ-पंक्तियाँ एक सामूहिक परिवार के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रस्तावित राष्ट्र के जन्म के रूप में प्रस्तुत हैं—यही से यीशु मसीह के आने के लिए पवित्र रेखा बनती है। यह प्रेरणा बताती है कि विश्वासपूर्वक जीवन जीना एक ऐसी परम्परा है जिसमें पूर्वजों की आस्था और चुनौती दोनों शामिल होते हैं।
शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
- अब्राहम, इसहाक, याकूब: ये नाम देश-प्रदेशों का नहीं, बल्कि आस्थाओं के पितृ-वंश के प्रतीक हैं। इन नामों के पीछे परमेश्वर के वचन की पक्कीता है जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलती है।
- यहूदा और उसके भाइयों: याकूब की संतानें बताती हैं कि परमेश्वर अपने उद्धार-कार्य के लिए असमान और विरोधी परिस्थितियों में भी योजना चलाते हैं। यहूदा का उल्लेख विशेषतः मसीह-वंश के भविष्य की ओर संकेत करता है।
अन्य शोध-कथन और संदर्भ
• प्रेरित इतिहास में यह क्रम: अब्राहम–इसहाक–याकूब यहूदियों के इतिहास की नींव बनाते हैं और मसीह के आने के लिए आशा की पंक्ति बनाते हैं।
• पुराने नियम की वसीयत और नए नियम की योजना का संगम: यह पाठ यह दिखाता है कि मसीह के आगमन की लकीर पूर्वजों के उद्धार-फलों से जुड़ी है।
विश्वास के लिए_today का शिक्षण
1) परमेश्वर अपने वचनों के अनुसार समय-सारिणी में कार्य करता है। धैर्य और दृढ़ता के साथ एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक प्रार्थना और वेशभूषा से उसे आगे बढ़ाता है।
2) हमारे जीवन में भी पितृ-आस्था और परिवार ke अनुभवों का मूल्य है, जो आज हमारे विश्वास को मजबूत करते हैं।
3) कठिन परिस्थितियों में भी परमेश्वर की योजना के अनुरूप विश्वास बनाए रखना चाहिए, क्योंकि वह भविष्य के लिए उद्धार की योजना रखता है।
क्रॉस-रेफरेंसेस
• रोम 4:11-12 में यहूदा और उसके भाइयों की भूमिका पर प्रकाश मिलता है कि आस्था कैसे वंश-खण्ड से ऊपर उठकर आशीष बनाती है।
• गलातियों 3:29 में कहता है कि यदि आप मसीह के हों, तो आप आदि-अनुदान के सदस्य हैं, और यह वंश-रेखा हमारे विश्वास के दायरे को बढ़ाती है।
• Lukas 3:23-38 में यीशु के वंश-वृक्ष की परंपरा का पुनरुक्तिकार होता है, ताकि यह दिखे कि मसीह वही है जो इस शृंखला को पूर्ण करता है।
नवीन अनुप्रयोग
आज के चर्च के लिए यह संदेश देता है कि हमारी जीवन-रेखा केवल इतिहास नहीं, बल्कि परमेश्वर के उद्देश्यों के अनुरूप चलती है। परिवार, आस्था और उद्धार की योजना एक साथ मिलकर परमेश्वर के नाम को महिमा देती है। अपनी पीढ़ी के सामने सत्य और विश्वास की कड़ी बनाए रखें; प्रभु की वचन-निष्ठा को माँजती रहें।
प्रमुख उद्धरण (स्वतंत्र रूप से उपलब्ध)
यदि स्रोत से सीधे उद्धरण चाहिए हों, तो ध्यान दें कि नीचे के तीन शिक्षा-लेखकों से उद्धरण के लिए मौजूदा सार्वजनिक-डोमेन पाठ उपलब्ध हैं—मैथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क। इन लेखकों के सटीक संक्षिप्त वाक्यों का उल्लेख यहाँ आवश्यक हो तो किया जाएगा।