Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीमत्ती 1:4 बाइबल पद की व्याख्या
मत्ती 1:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
एराम से अम्मीनादाब उत्पन्न हुआ, और अम्मीनादाब से नहशोन, और नहशोन से सलमोन उत्पन्न हुआ। (रूत 4:19-20)
मत्ती 1:4 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
मत्ती 1:4 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

गिनती 7:12 (HINIRV) »
इसलिए जो पुरुष पहले दिन अपनी भेंट ले गया* वह यहूदा गोत्रवाले अम्मीनादाब का पुत्र नहशोन था;

गिनती 2:3 (HINIRV) »
और जो पूर्व दिशा की ओर जहाँ सूर्योदय होता है, अपने-अपने दलों के अनुसार डेरे खड़े किया करें, वे ही यहूदा की छावनीवाले झण्डे के लोग होंगे, और उनका प्रधान अम्मीनादाब का पुत्र नहशोन होगा,

सीधे अर्थ का सार
मत्ती 1:4 में कहा गया है कि अराम से अब्राह्मिक धरोहर याहू से जुड़ी शृंखला में जन्म लेने वाले व्यक्ति अगली पीढ़ी से आते हैं—अराम से अम्मीनादाब, फिर अम्मीनादाब से नहशोन और नहशोन से सलमोन। यह गैरोह बताती है कि ईश्वर की योजना में राजा दाऊद और उसका वंश मार्गदर्शित क्रम से आगे बढ़ता रहा है, ताकि ईसा मसीह तक की आशा जुड़ी रहे।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पंक्ति मत्ती के प्रेषित के सुंदर दायरे में है, जहां मसीह के वंशावली का उद्देश्य यह दर्शाता है कि यीशु का जन्म दाऊद की वंशावली के अनुरूप है। मसीह के आगमन को यह दिखाने के लिए गिनती की गई है कि लाभकारी इतिहास ईश्वर के वादे के साथ मेल खाता है। रुत 4:19-20 में उल्लेखित नाम यहाँ संदर्भ बनते हैं, जो बताता है कि गवाही और चयन कैसे एक व्यवस्थित वंश रेखा के भीतर संगठित होता है।
व्याख्या के मुख्य बिंदु
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में और निष्कर्ष के साथ)
युफदा: मिसाल के तौर पर.
कथन-परिणाम और धर्मनिष्ठ मार्गदर्शन
इस अंश से सुस्मृति मिलती है कि ईश्वर के वादे दुनियावी इतिहास के अंकों में भी सुरक्षित रहते हैं; यह इतिहास भी यीशु मसीह के आगमन की ओर संकेत करता है। इसलिए विश्वासियों को यह सीख मिलती है कि इतिहास और धरोहरों को देखकर अपने समय की योजना में ईश्वर की महारचना को देखना चाहिए।
निष्कर्ष: व्यवहारिक takeaway
ईश्वर के वादे समय के साथ विकसित होते हैं; अक्सर अतीत के नाम और घटनाएं हमारी今日 की ज़िंदगी में हिम्मत और आशा की मिसाल बन जाते हैं। अपने जीवन में भी ईश्वर की योजना पर भरोसा रखें, भले ही मार्ग स्पष्ट न हो, क्योंकि वह क्रम-बद्ध होकर आगे बढ़ता है।
नोट: महत्त्वपूर्ण उद्धरण
अगर उपलब्ध हों, तो मत्ती हेनरी (Matthew Henry), अल्बर्ट बार्न्स (Albert Barnes) अथवा एडम क्लार्क (Adam Clarke) के छोटे स्पष्ट उद्धरण बिल्कुल आवश्यकतानुसार शामिल होंगे और उन्हें मूल स्वर में उद्धृत किया जाएगा।