Old Testament
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मत्ती 1:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
अब्राहम से दाऊद तक सब चौदह पीढ़ी हुई, और दाऊद से बाबेल को बन्दी होकर पहुँचाए जाने तक चौदह पीढ़ी, और बन्दी होकर बाबेल को पहुँचाए जाने के समय से लेकर मसीह तक चौदह पीढ़ी हुई।
मत्ती 1:17 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मत्ती 1:17 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 राजाओं 24:14 (HINIRV) »
फिर वह पूरे यरूशलेम को अर्थात् सब हाकिमों और सब धनवानों को जो मिलकर दस हजार थे, और सब कारीगरों और लोहारों को बन्दी बनाकर ले गया, यहाँ तक कि साधारण लोगों में से कंगालों को छोड़ और कोई न रह गया।

यिर्मयाह 27:20 (HINIRV) »
जिन्हें बाबेल का राजा नबूकदनेस्सर उस समय न ले गया जब वह यहोयाकीम के पुत्र यहूदा के राजा यकोन्याह को और यहूदा और यरूशलेम के सब कुलीनों को बन्दी बनाकर यरूशलेम से बाबेल को ले गया था,

मत्ती 1:11 (HINIRV) »
और बन्दी होकर बाबेल जाने के समय में योशिय्याह से यकुन्याह*, और उसके भाई उत्पन्न हुए। (यिर्म. 27:20)
अर्थ का सीधा सार
मत्ती 1:17 में चार-चैरे पंक्तियों के साथ यह कहा गया है कि अब्राहम से दाऊद तक चौदह पीढ़ियाँ हैं, दाऊद से बाबेल की मध्यस्तता तक चौदह पीढ़ियाँ हैं, और बाबेल से यीशु मसीह तक चौदह पीढ़ियाँ हैं। इसका सरल अर्थ यह है कि यीशु की जन्मावली यह तय करती है कि वह दाऊद की राजशाही, वंशावली की लाइन, और परमेश्वर के वचनों के अनुरूप आती है—यानी वह भगवान के संकल्प के अंतर्गत, प्रतीक्षित मसीह है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
सूक्ति Matthäus 1:17 का उद्देश्य यह दर्शाना है कि यीशु का जन्म एक सामंजस्यपूर्ण वंशावली में आता है, जो पुरानी वाचा के समय-क्रम को पूरे बनाती है। “अब्राहम से दाऊद तक” खंड यह संकेत देता है कि वह परमेश्वर के निर्विवाद वंशानुक्रम को पूरा करती है; “दाऊद से बाबेल तक” भाग से प्रतीत होता है कि यह राजा दाऊद की गूढ़ वंशावली से जुड़ी है; “बाबेल के समय से मसीह तक” यह दर्शाता है कि प्रभु यीशु पुराने समय के दुख-दर्द और निर्वासन के बाद राज्य को फिर से स्थापित करने वाले परमेश्वर के उद्धारकर्ता की भूमिका में हैं।
व्याख्यात्मक विश्लेषण
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप व्याख्या)
• लूका 3:23-38 में यीशु की वंशावली भी दी है, जो मैथ्यू की सूची से भिन्न है, पर दोनों में मसीह के दायरे और राजसत्ता का लक्ष्य एक ही है।
• 2 समू 7:12-16 में दाऊद के घराने से परमेश्वर की स्थायी सत्ता की प्रतिज्ञा का स्मरण मिलता है, जो मसीह की राजसी विरासत से मेल खाती है।
• युवा योहन्ना 1:14 में शब्द बनकर आने की कल्पना का संकेत: परमेश्वर के वचन का मानव रूप में अवतरण, जो वंशावली के निर्णायक उद्देश्य को पूरा करता है।
संक्षिप्त व्याख्या
यह पद यह याद दिलाता है कि यीशु का जन्म इतिहास के धारण-रेखा में है, और वह परमेश्वर की भरोसेमंद योजना के अनुसार आया है। उसकी विरासत में पुरानी गाथाओं की पूर्ति है, जो दाऊद की स्थापना से लेकर बाबेल के उद्धार तक के समय को एक सूत्र में जोड़ती है।
वैचारिक निष्कर्ष और व्यवहारिक takeaway
संदर्भ उद्धरण (उद्धरण के लिए संक्षेप): Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के विचारों की भूमिका के बारे में आवश्यक छोटे-उद्धरण नीचे उद्धृत हैं:
“यह क्रम ईश्वर के योजना की एक गणना-युक्त प्रस्तुति है।” — हेनरी के अनुसार यह क्रम महान उद्देश्य को दर्शाता है।
“जन-गणना के द्वारा यीशु की गवाही विश्वसनीय बनती है, ताकि वह दाऊद की सीट पर बैठ सके।” — एलबर्ट बार्न्स के विचार के अनुरूप।
“मसीह का आगमन पुराने वाचा के साथ पूर्ति प्राप्त करता है, जहाँ सभी पीढ़ियाँ एक सूत्र में बंधती हैं।” — एडम क्लार्क के अनुसार।