Old Testament
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मत्ती 1:23 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
“देखो, एक कुँवारी गर्भवती होगी और एक पुत्र जनेगी, और उसका नाम इम्मानुएल रखा जाएगा,” जिसका अर्थ है - परमेश्वर हमारे साथ।
मत्ती 1:23 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मत्ती 1:23 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 7:14 (HINIRV) »
इस कारण प्रभु आप ही तुमको एक चिन्ह देगा। सुनो, एक कुमारी गर्भवती होगी और पुत्र जनेगी, और उसका नाम इम्मानुएल* रखेगी। (मत्ती 1:23, लूका 1:31)

यशायाह 9:6 (HINIRV) »
क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है; और प्रभुता उसके काँधे पर होगी*, और उसका नाम अद्भुत युक्ति करनेवाला पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा। (यूह. 1:45, इफि. 2:14)

भजन संहिता 46:11 (HINIRV) »
सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊँचा गढ़ है। (सेला)
मत्ती 1:23 पर निहित मुख्य बोध
यह पद बपतिज्ञापन-पूर्वक भविष्यवाणी का उद्घाटन है कि ईसा मसीह एक कुँवारी माता से जन्मेंगे और उनका नाम इम्मानुएल होगा, जिसका अर्थ है “परमेश्वर हमारे साथ।” यह वक्तव्य न सिर्फ शिशु के जन्म की वास्तविकता को उजागर करता है, बल्कि अकथित चंगाई के परम आध्यात्मिक उद्देश्य को भी स्पष्ट करता है: ईश्वर ने मानवीय स्थिति में कदम रखा ताकि हम अपनी कमजोरी में ही त्रस्त न रहें, बल्कि उनके साथ रहते हुए विश्वास में जीयें।
पाठ-संदर्भ: साहित्यिक संदर्भ और भावार्थ
यह वाक्यशैली इजरायली भविष्यवाणी की परंपरा से जुड़ा है—हाँ, एक शिशु के जन्म के माध्यम से परमेश्वर की उपस्थिति की गवाही। मत्ती यहूदियों के लिए एक स्पष्ट संकेत है कि यीशु यीशु-राज नहीं, बल्कि ईश्वर अपने लोगों के बीच सीधे कदम उठाते हुए आते हैं। कुँवारी से जन्म का संकेत भी यहूदियों के लिए एक अलौकिक चमत्कार का प्रमाण है, जो प्रभु की प्रेरणा और पवित्रता पर बल देता है।
धार्मिक महत्त्व: ईश्वर का साथ बनाम पृथक दूरी
इम्मानुएल का अर्थ “परमेश्वर हमारे साथ” है, यह दर्शाता है कि उद्धार केवल दूरस्थ विधेय नहीं, बल्कि क्रिस्त-आधारित सगुण सम्बन्ध है। मसीही विश्वास में यह वाक्यूदघाटन है कि ईश्वर ने इंसानी जीवन की हर हालत—खासकर जन्म से लेकर आस्था तक—में साथ रहने का वादा किया है। यह शिक्षा प्रेरणादायक है कि परमेश्वर की उपस्थिति हर समय हमारे साथ है, भले ही परिस्थिति कितनी भी कठोर क्यों न हो।
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चिंतन के लिए प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
मत्ती 1:23 हमें स्मरण कराता है कि उद्धार हिंदू-यहूदी धारणा से ऊपर है—यह ईश्वर का प्रत्यक्ष साथ है। कुँवारी जन्म के चमत्कार से यह उद्घोषणा पुख्ता होती है कि ईश्वर मानव इतिहास के केंद्र में है, और इम्मानुएल के माध्यम से वह हमारे साथ है। यीशु के आगमन से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर कीर्तन, वादा और क्रिया—तीनों का संगम एक व्यक्ति में हुआ है।
पवित्र पत्र के अन्य स्रोतों के साथ यह संदेश एकत्र करने पर: यह भरोसा कि परमेश्वर हमारे साथ रहता है, हमें भय को मात देने की शक्ति देता है और उद्धार के लक्ष्य की ओर अग्रसर करता है।
उद्धरण-संरक्षित उद्धरण: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के शब्द-चिह्न इस पंक्ति के सार को स्पष्ट करते समय संक्षेप में उनके निष्कर्षों पर आश्रय देते हैं।