Old Testament
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मत्ती 1:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
सुलैमान से रहबाम उत्पन्न हुआ, और रहबाम से अबिय्याह उत्पन्न हुआ, और अबिय्याह से आसा उत्पन्न हुआ।
मत्ती 1:7 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मत्ती 1:7 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 इतिहास 14:1 (HINIRV) »
अन्त में अबिय्याह मर कर अपने पुरखाओं के संग जा मिला, और उसको दाऊदपुर में मिट्टी दी गई; और उसका पुत्र आसा उसके स्थान पर राज्य करने लगा। इसके दिनों में दस वर्ष तक देश में चैन रहा।

1 राजाओं 15:8 (HINIRV) »
निदान अबिय्याम मर कर अपने पुरखाओं के संग जा मिला, और उसको दाऊदपुर में मिट्टी दी गई, और उसका पुत्र आसा उसके स्थान पर राज्य करने लगा।

1 राजाओं 14:31 (HINIRV) »
और रहबाम जिसकी माता नामाह नामक एक अम्मोनिन थी, वह मर कर अपने पुरखाओं के साथ जा मिला; और उन्हीं के पास दाऊदपुर में उसको मिट्टी दी गई: और उसका पुत्र अबिय्याम उसके स्थान पर राज्य करने लगा।
मुख्य व्याख्या बिंदु
मत्ती 1:7 में जो वंशावली दी गई है, वह शास्त्रीय अर्थ में न केवल राजवंशों की रेखा है, बल्कि परमेश्वर की योजनाओं की निरंतरता और विश्वासयोग्यता का प्रमाण भी है। सुलैमान से रहबाम और आगे के अगवा-जोड़े यह बताते हैं कि भ्रष्ट राजतंत्र के बावजूद ईश्वर का पालन-पोषण और उसके वचन से जुड़ा इतिहास कैसे चलता रहा। इस पंक्ति में यह स्पष्ट है कि दाऊद के घराने से आने वाले हर पुत्र के माध्यम से भविष्य का परमेश्वर-निर्विणायक उद्देश्य पूरा होता रहा।
साहित्यिक संदर्भ (लिटरेरी कंटेक्स्ट)
यह वंशावली मत्ती के पहले अध्याय में है, जो यीशु मसीह के जन्म से जुड़ी चेतना और विशेषतः दाऊद परिवार के साथ उसकी अन्वय-परम्परा को स्थापित करती है। यह तर्क देता है कि यीशु मानव इतिहास के एक निशानदार भाग के रूप में जन्म लेते हैं—जो परमेश्वर के वचन के अनुसार हुआ। हर नाम एक नये अध्याय का संकेत देता है, जहाँ वंश के हर पीढ़ी में अल्प-उल्लेख नहीं, बल्कि एक इसराइल के प्रतीकात्मक इतिहास का चित्रण जुड़ा है।
धार्मिक-तत्व का महत्व
शास्त्र में यह क्रम बताता है कि दिव्य योजना मनुष्य की कमज़ोरियाँ और राज-कुल के उतार-चढ़ाव के बावजूद भी दृढ़ रहती है। सुलैमान, रहबाम और अबिय्याह के क्रम से यथार्थ यह निकलता है कि दाऊद के घराने में प्रवेश करने वाले हर राजवंश के साथ परमेश्वर का उद्देश्य दो बार दोहराया गया है—धर्मसुख और शासन के साथ अनुशासन। यह पंक्ति यह भी संकेत करती है कि मसीहा के आगमन की राह पवित्र धर्म-परंपरा के भीतर से ही बनती है।
बाइबिल के अन्य हिस्सों के साथ सम्बन्ध
विचारयोग्य प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
यह पंक्ति दिखाती है कि यीशु का जन्म दाऊद के घराने के ऐतिहासिक और धार्मिक अनुष्ठान के भीतर हुआ है, जिससे पवित्र योजना की एक अखंडता स्थापित होती है। हर नाम एक कड़ी है जो यह याद दिलाती है कि परमेश्वर अपना वचन निभाने के लिए इतिहास के हर मोड़ पर काम करता आया है।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में)
1) दाऊद-वंशावली के संदर्भ: मसीह के दाऊद से होने का तर्क जीवन्त बनाता है—यही यह दिखाता है कि परमेश्वर ने किस तरह इतिहास को उद्धार के उद्देश्य के अनुरूप ढाला।
2) इस्राइल के राजतंत्र के इतिहास से यह संकेत मिलता है कि सत्ता के साथ ईश्वर की योजना निरंतर चलती रही है और मसीह के आगमन से वह पूर्ण होती है।
3) भविष्यवाणी और पूर्ति का समन्वय: पुराने नियम की प्रतीक्षा और नए नियम का उत्तर एक साथ स्पष्ट होता है—ईश्वर अपने वचनों को भरोसे के साथ पूरा करते हैं।
महत्वपूर्ण उद्धरण स्रोतों के कड़वे शब्द: यदि आपके पाठ में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के बिल्कुल शब्द दिए जाएँ, तो वे इस प्रवचन के भीतर संक्षेप में उद्धृत होंगे; परन्तु यहाँ पूर्ण वाक्यों से बचने के अनुकूल ही संक्षेप में संकेत दिया गया है।