मत्ती 1:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

एलीहूद से एलीआजर उत्‍पन्‍न हुआ, एलीआजर से मत्तान उत्‍पन्‍न हुआ, और मत्तान से याकूब उत्‍पन्‍न हुआ।

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मत्ती 1:15 पद-दर-पद बाइबल टीका

मत्ती 1:2-16 का संक्षिप्त अर्थ

यह पदक्रम बताता है कि यीशु का जन्मावली याकूब से शुरू होकर अब तक कैसे चली और मत्तान से याकूब तक आने वाले पूर्वजों को क्रमवार रेखांकित करता है। यहाँ यह स्पष्ट किया गया है कि यीशु का रिश्ता दैवीय वंशावली से जुड़ा है, ताकि मसीह का जन्म ठोस इतिहासिक धरोहर के रूप में प्रमाणित हो सके।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

मत्ती का उद्देश्य है-यहूदियों के सामने यीशु को दांवित इतिहास में मसीह के रूप में प्रस्तुत करना। इस पंक्ति में पूर्वज-क्रम एक संयमित रेखा बनाता है: एलीहूद—एलीआजर—मत्तान—याकूब—… तक। हर नाम एक विशिष्ट पीढ़ी को दर्शाता है, जो परमगणित वादे की पूर्ति की दिशा में एक कदम है।

मुख्य विचार और अर्थ शीर्षक

इस वंशावली का המרכז यह है कि यीशु का जन्म धरती के सच्चे उत्तराधिकारी के रूप में होता है, जो दुष्चक्र और विश्वास के इतिहास को नया रूप देता है। यह बताता है कि ईश्वर की योजना समय के साथ सतार्द्ध और पवित्रता के साथ आगे बढ़ती है।

विश्लेषणात्मक अवलोकन

  • वंशावली क्रम एक सुरक्षा-नियम के अनुसार रखा गया है ताकि हर पीढ़ी का योगदान स्पष्ट हो सके।
  • हर नाम एक ईमानदार व्यक्ति की याद दिलाता है, जो परमेश्वर की योजना से जुड़ा रहा।
  • उत्पत्ति-आकृतिकता के साथ यह भी संकेत देता है कि यीशु का जन्म सामान्य मानव-village lineage के भीतर होता है, परंतु वह मोड़ जो उद्धार को नया आयाम देता है, उसी पर केंद्रित है।

1. संबंधित कोर跨-उद्धरण (Cross-References)

– लूका 3:23-38: यीशु के वंशावली का तुलनात्मक दृष्टिकोण देता है; Luke में भी वंशावली का उद्देश्य यह है कि यीशु का मनुष्य-प्रकार और दूत-उपस्थिति एक साथ जुड़ी रहे।

– रोम 15:12: यह दिखाता है कि नाकाबिल-पूर्वज से लेकर यीशु तक की परंपरा विश्व-भर के लिए आशीर्वाद की आशा बनती है।

–idung 1:1-2: पुरानी वाचाओं के संदर्भ में यह दिखाता है कि मसीह के आगमन से पुराने वादे पूर्ण होते हैं।

2. संक्षिप्त विषय-वस्तु

  1. ईश्वर की वंशावली की पूर्ति
  2. विश्वास के माता-पिता और उनके जीवन का उदाहरण
  3. यीशु का जन्म इतिहास के भीतर सच है, पर उसकी दिव्यता के पीछे योजना-परक उद्देश्य है

3. व्यवहारिक takeaway

हममें से हर एक अपने इतिहास को ईश्वर के उद्देश्य के लिए समर्पित करे। भले ही हमारे रास्ते संघर्षपूर्ण लगें, ईश्वर के वादे और भविष्य-योजना हमारी उम्मीदें बनाते हैं।

संदर्भ-ध्यान: मत्ती 1:15-16 की पंक्तियाँ पुराने वंशावली के क्रम को स्पष्ट करती हैं ताकि यीशु का दायित्व और उद्धार की दिशा स्पष्ट रहे।

महत्वपूर्ण उद्धरण (यदि जगह मिले): “एलीहूद से एलीआजर उत्‍पन्‍न हुआ, एलीआजर से मत्तान उत्‍पन्‍न हुआ, और मत्तान से याकूब उत्‍पन्‍न हुआ।” यह लाइन वंशावली के रूप में तथ्यात्मक ऐतिहासिकता को पुष्ट करती है और मसीह के आगमन के Siddhanta-सम्बन्धी मार्ग को दर्शाती है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 1:15 समानांतर पद और संबंधित वचन

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