Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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उत्पत्ति 5:25 परिष्कारक विचार: मतूशेलह की संतान और समय का संकेत
मुख्य interpretive point: मतूशेलह एक सौ सत्तासी वर्ष का हुआ, तब उसने लेमेक को जन्म दिया—यह ‑कथन कई स्तरों पर आत्म-जीवन और मानववंश की धारा के मोड़ को संकेतित करता है। परम कल्याण के विचार से यह दिखाता है कि चिरकालिक आयु-रेखा के बीच भी परमेश्वर की योजना चलती है और प्रत्येक पीढ़ी अपने समय के साथ ईश्वर की करुणा और दायित्व की स्मृति दिलाती है।
साहित्यिक संदर्भ ( literary context )
यह वचनों का भाग जनसंहार रूपरेखा से थोड़ा अलग है; उत्पत्ति अध्याय 5 में मनुष्यों की जड़ें और उनके आयु-वृत्ति क्रम बताये गए हैं। मतूशेलह की जीवनी एक पंक्ति में उन लोगों के बारे में है जिन्होंने परमेश्वर के साथ रिश्ते में समय का हर पल गिना। लेमेक के जन्म की घटना एक नई पीढ़ी के आगमन का प्रतीक है, जो आगे चलकर नोआ के समय तक एक सुरक्षित पंथ बनाती है।
धार्मिक महत्त्व (theological significance)
- आयु का उल्लेख एक सामान्य समय-संकेत है, पर यह भी दर्शाता है कि परमेश्वर हर पीढ़ी को समय-सीमा के भीतर जीवन देता है और वह स्थिति उनके लिए विशेष मार्ग खोलती है।
- मतूशेलह के पुत्र के रूप में लेमेक, एक ऐसे चरण को चिह्नित करता है जब परिवार और कबीला एक नई सुरक्षा और उद्देश्य की ओर अग्रसर होता है।
ग्रन्थ-विचार (Cross-references) – तीन संक्षेप, संदर्भ के साथ
इन संदर्भों से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर की योजना पीढ़ी दर पीढ़ी चलती है और हमारे जीवन के समय की गिनती भी उद्देश्यपूर्ण होती है।
यहां से पूछे जाने वाले प्रश्न (reflection questions)
संक्षिप्त निष्कर्ष (conclusion)
मतूशेलह का जन्म और उसकी आयु का संकेत यह याद दिलाता है कि परमेश्वर हर पीढ़ी को नवजीवन और संरक्षा देता है। यह वंशावली भविष्य के बड़े कार्यों के लिए एक पृष्ठभूमि बनाती है—जितना पीछे जाओ, उतना ही आगे की ओर ईश्वर का प्रोत्साहन और दया स्पष्ट होता है।
अनिवार्य उद्धरण (noteworthy quotations)
यदि उपलब्ध: मैथ्यू हेनरी, एलबर्ट बार्न्स या एडम क्लार्क के शाब्दिक संक्षेप उद्धरण—यहाँ जरूरत अनुसार सीधे उद्धृत नहीं हैं; उनके सामान्य विचार मानव-वृत्ति के साथ परमेश्वर की स्थिरता पर प्रकाश डालते हैं।