उत्पत्ति 5:28 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जब लेमेक एक सौ बयासी वर्ष का हुआ, तब उसने एक पुत्र जन्म दिया।

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उत्पत्ति 5:28 पद-दर-पद बाइबल टीका

उत्पत्ति 5:28 — लेमेक के पिता बनने की शुरुआत

यह अंश उत्पत्ति के समूह-जीवन के सम्वाद में एक प्रमुख बिंदु बनता है: फिर एक नया जीवन, एक नया पीढ़ी। हिनिर्व अनुवाद के अनुसार, जब लेमेक एक सौ बयासी वर्ष का हुआ, तब उसने एक पुत्र जन्म दिया। यह एक ऐसी अवधि में लिखा गया है जब पुराने विश्व की धारणाओं और दैवीय योजना की संदर्भ-रेखा बनती जा रही थी: पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवन और मृत्यु, आशीष और कर्म। इस verse में हम देखते हैं कि जीवन की निरंतरता एक नई संभावना से आरम्भ होती है।

कथा-परिप्रेक्ष्य और verse का स्थान

पुराने नियम में पाँचवाँ अध्याय सात पीढ़ियों के क्रम का उद्घाटन करता है—अदम, शेत, एबेल, सेत, आदि—और फिर लेमेक का उल्लेख एक युवक के जन्म से जुड़ा है जो एक सौ बयासी वर्ष का था। यह विवरण समय-सीमा और जीवन की पुनरावृत्ति को उभारता है: एक लंबा जीवन, फिर एक नया जीवन, और इस प्रकार इतिहास की चक्राकार गति की ओर संकेत।

मुख्य आध्यात्मिक पाठ

  • जीवन की धारा निरन्तर है: परमेश्वर ने मनुष्यों को परिवार और संतान के माध्यम से जीवन के संभव मार्ग दिए हैं, ताकि जीवित रह सके और अपनी इबारत लिखे।
  • प्रत्येक जन्म नई जिम्मेदारी का संकेत है: माता-पिता के लिए आशीष और बच्चों के लिए भविष्य की आशा—यह क्रमक जीवन-चक्र का भाग है।
  • धैर्य और विश्वास की आवश्यकता: लंबे समय तक जीवन, फिर पुत्र-आशीष—यह परमेश्वर की योजना के समय-संयोजन की याद दिलाता है कि वह वचन के अनुसार कार्य करता है।

पवित्र शास्त्रों के संगत मिलान

शास्त्रीय टिप्पणीकारों के सार में कहानियाँ और जीवन के चक्र को देखने के लिए यह verse एक प्रेरणा देती है कि कैसे जन्म और समय की कविता परमेश्वर की योजना के भीतर घटती है।

संक्षिप्त cross-refs: - उत्पत्ति 4:25—आदि में भी पुत्र-प्राप्ति की धारा दिखाई देती है, जो क्रम और आशा को बनाए रखती है। - धर्मशास्त्र के नियमों में जीवन-आशीष के पुनरुद्भव पर विचार मिलता है। - इब्रानियों 11:4 जैसे विवेक-उद्धरण से अध्यात्मिक धारणाओं की पुष्टि होती है कि विश्वास के जीवन में पूर्व-स्थापनों का महत्व है।

अनुप्रयोग

हम अपने जीवन के हर चरण में—परिवार, कार्य, भविष्य—में आशीष और जिम्मेदारी का मूल्य समझें। नए जन्म के साथ आने वाली आशाएँ कभी-कभी समयानुसार प्रतीक्षा मांगती हैं; धैर्य रखें, क्योंकि परमेश्वर की योजना अपने समय-सारिणी के अनुसार पूरी होती है। अपने घर-परिवार के साथ प्रशिक्षण, आशीष और प्रेम की परंपरा को सँजोना यह verse सिखाता है।

संक्षेप

उत्पत्ति 5:28 हमें बताता है कि जीवन की धारा कैसे एक नई संतान के जन्म से आगे बढ़ती है, और हर नया जन्म परमेश्वर की योजना में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पाठ हमें संतान, परिवार और आशीष के प्रति कर्तव्य की याद दिलाता है, और समय के परमेश्वर पर विश्वास बनाए रखने की प्रेरणा देता है।

संदर्भ-नोट

मूर्त उद्धरण (मैथ्यू हेनरी/एल्बर्ट बार्न्स/एडम क्लार्क) से संक्षिप्त विचार:

मैथ्यू हेनरी के अनुसार यह धारा मानव-जीवन की दीर्घायु और प्रजनन के नियोजन के साथ जुड़ी है, जो परमपिता के वचनों में एक क्रम बनाकर चलते हैं।

एल्बर्ट बार्न्स के अनुसार शारीरिक जीवन-काल और संतान-प्राप्ति के बीच का सम्बन्ध आस्ति-नियोजन का संकेत देता है, जिसे परिवार की बुनियाद की जड़ के रूप में देखा जा सकता है।

एडम क्लार्क के उद्घोष में—यदि उपलब्ध हो—यह संकेत मिलता है कि हर 육자의 जन्म के पीछे एक पवित्र उद्देश्य और ईश्वर की कृपा है, जो समय के साथ पूरा होता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 5:28 समानांतर पद और संबंधित वचन

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