Old Testament
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होशे 7:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जब वे जाएँ, तब उनके ऊपर मैं अपना जाल फैलाऊँगा; मैं उन्हें ऐसा खींच लूँगा जैसे आकाश के पक्षी खींचे जाते हैं; मैं उनको ऐसी ताड़ना दूँगा, जैसी उनकी मण्डली सुन चुकी है।
होशे 7:12 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
होशे 7:12 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहेजकेल 12:13 (HINIRV) »
और मैं उस पर अपना जाल फैलाऊँगा, और वह मेरे फंदे में फंसेगा; और मैं उसे कसदियों के देश के बाबेल में पहुँचा दूँगा; यद्यपि वह उस नगर में मर जाएगा, तो भी उसको न देखेगा।

व्यवस्थाविवरण 28:15 (HINIRV) »
“परन्तु यदि तू अपने परमेश्वर यहोवा की बात न सुने, और उसकी सारी आज्ञाओं और विधियों के पालन करने में जो मैं आज सुनाता हूँ चौकसी नहीं करेगा, तो ये सब श्राप तुझ पर आ पड़ेंगे।

प्रकाशितवाक्य 3:19 (HINIRV) »
मैं जिन जिनसे प्रेम रखता हूँ, उन सब को उलाहना और ताड़ना देता हूँ, इसलिए उत्साही हो, और मन फिरा। (नीति. 3:12)
होशे 7:12 का अर्थ और संदर्भ
सीधे शब्दों में कहूँ तो इस पद में परमेश्वर अपने दुर्भाग्यपूर्ण चेतावनी-भरे निर्णय को व्यक्त कर रहे हैं: जब यह लोग पलायन करेंगे, उनके ऊपर मैं अपना जाल डालूँगा और उन्हें खींच लूँगा; उन्हें ऐसी कठोर ताड़ना दी जाएगी जैसी उन्हें पहले सुना दी गई है। यह जाल-उद्धृत भाषा उनके अविश्वास, अराजकता और पाप के चलते उनके भाग्य को दर्शाती है: परमेश्वर उनके रास्ते पकड़ लेते हैं ताकि वे अपनी राहों के परिणाम को अनुभव करें।
पृष्ठभूमि और संपूर्ण संदर्भ
होशे की किताब में इस समय इस्राएल और यहुदा के apostasy, धार्मिक उल्लंघन और सामाजिक भ्रष्टाचार की बढ़ती खबरें हैं। होशे Prophetic आह्वान करते हैं कि वे जाति के भीतर पाप के कारण वितरित होने वाले आघातों से सीखें। इस पंक्ति में परमेश्वर की कड़ी चेतावनी उसकी विश्वासघाती संस्कार-चिन्हों के साथ जुड़ी है: जब वे भागेंगे, वे अपनी सीमा से बाहर निकलेंगे और परिणामस्वरूप उनकी योजनाओं के विरुद्ध फंदे लगेंगे।
अनुवादित पाठ की व्याख्या
“जब वे जाएँ, तब उनके ऊपर मैं अपना जाल फैलाऊँगा” — यह संदेश यह दिखाता है कि परमेश्वर अपनी न्याय-तरिका के अनुसार नियंत्रण में रहते हैं। यह जाल साधना का imagery है— न केवल शारीरिक अटकाव, बल्कि सामाजिक-आर्थिक और नैतिक दमन का संकेत भी। “मैं उन्हें ऐसा खींच लूँगा जैसे आकाश के पक्षी खींचे जाते हैं”— यह विवेचन स्पष्ट करता है कि यह पकड़ सहज नहीं, बल्कि कठोर और निर्णायक है ताकि वे अपनी गलती समझ सकें और परिणाम भुगत सकें। “मैं उनको ऐसी ताड़ना दूँगा, जैसी उनकी मण्डली सुन चुकी है”— पाप की पुनरावृत्ति पर चेतावनी: इतिहास में जो अनुभव वे चुके हैं, उसी यातना का पुनरावलोकन उनके लिए फिर से होगा।
interpretive observations
सम्बंधित हिस्से
• आशीर्वचन: परमेश्वर के किनारों से नहीं, बल्कि उनके निर्णयों से यहूदियों के लिए चेतावनी है कि वे अपने पापों से दूरी बनाएँ।
• उद्धार की पक्षधरता: यदि वे लौटते हैं, तो परमेश्वर की दया उनके लिए पुनः खुलती है।
• न्याय और दया का संतुलन: pade में न्याय की कठोरता और दयालुता के बीच संतुलन बना रहता है, ताकि उन्हें सचेत कर सके कि परिणाम से बचना संभव है यदि वे लौटें।
पहुँचने योग्य क्रॉस-रेफरेंस
• होशे 5:15 — परमेश्वर कहता है: “मैं उन्हें और अधिक खोज करूँगा... फिर वे मेरे पास लौटेंगे।” यह दिखाता है कि खोज और शर्मिंदगी के बाद वापसी संभव है।
• यूहन्ना 6:44 — “न तो कोई पिता के कारण आ सकता है अगर मुझे न बुलाए जाएँ”— दर्शाता है कि परमेश्वर की बुलाहट और उद्धार के क्रम में मानवीय प्रयास भी आवश्यक है।
• किरीज 3:19 — “पाप की ताड़ना गहरे परिणाम देती है”— नीतिगत चेतावनी की दीर्घकालीन महत्ता पर जोर देती है।
संक्षिप्त नैतिक निष्कर्ष
जो लोग पलायन और अविश्वास की राह चुनते हैं, उनके लिए परमेश्वर की ताड़ना एक स्पष्ट संकेत है कि रास्ते बदलना चाहिए। होशे की यह आवाज़ आज भी यह स्मरण कराती है कि परमेश्वर के न्याय से बचना कठिन है, परन्तु दया और लाइन-लाइन प्रोत्साहन के साथ लौटना संभव और आवश्यक है।
संयुक्त टिप्पणी
यहाँ होशे का संदेश एक साथ अगस्त चेतावनी और करुणा का सूत्र है: पाप के जाल से निकलना कठिन हो सकता है, परन्तु परमेश्वर की पकड़ संयमित और उद्देश्यपूर्ण है ताकि वे धर्म के रास्ते पर लौटें। आधुनिक पाठक इसे यह समझने के लिए उपयोग कर सकते हैं कि कठिनाई में ही सत्य की खोज और आत्म-प्रशासन का अवसर होता है।
उद्धृत कथनों का संकेत (जहाँ आवश्यक): Matthews Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के संकलित विचारों से मिलते-जुलते बिंदु नीचे खोजे जा सकते हैं, परन्तु यहाँ मूल शब्द-प्रवाह में इन्हें सीधे उद्धृत नहीं किया गया है; यदि आप चाहें तो उनके पूर्ण वक्तव्यों की संदर्भ-सूचियाँ दी जा सकती हैं।