Old Testament
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होशे 7:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
वे मन से मेरी दुहाई नहीं देते, परन्तु अपने बिछौने पर पड़े हुए हाय, हाय, करते हैं; वे अन्न और नये दाखमधु पाने के लिये भीड़ लगाते, और मुझसे बलवा करते हैं।
होशे 7:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
होशे 7:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

अय्यूब 35:9 (HINIRV) »
“बहुत अंधेर होने के कारण वे चिल्लाते हैं; और बलवान के बाहुबल के कारण वे दुहाई देते हैं।

याकूब 4:3 (HINIRV) »
तुम माँगते हो और पाते नहीं, इसलिए कि बुरी इच्छा से माँगते हो, ताकि अपने भोग विलास में उड़ा दो।

यिर्मयाह 3:10 (HINIRV) »
इतने पर भी उसकी विश्वासघाती बहन यहूदा पूर्ण मन से मेरी ओर नहीं फिरी, परन्तु कपट से, यहोवा की यही वाणी है।”
होशे 7:14 का संदर्भ और अर्थ
पसंद की गई पंक्ति दर्शाती है कि इस्राइलियों के आंतरिक धार्मिक जीवन में धोखा और सनक अमेरिकी नहीं है; वे ईश्वर के सामने सच्ची प्रार्थना और समर्पण नहीं रखते, बल्कि भटकाव की प्रवृत्ति दिखाते हैं। वे अपने शरीर पर पड़े हाय-हाय के राग में फंसे हैं, और भौतिक सुखों की खोज में भीड़ लगाते हैं। यह पाठ ईश्वर के प्रति विश्वास की कमी और मन का अनुदान नहीं होने की चेतावनी है।
क्या यह पाठ ईश्वर या विश्वास के बारे में बताता है
इस verses में God के प्रति विश्वास का टूटना स्पष्ट है। यहूदियों के जीवन में धार्मिक दिखावा है, परन्तु उनके दिल समर्पण, विस्वास और सत्य-उद्धार की गहराई से दूर हैं। “दिल से मेरी दुहाई नहीं देते” से संकेत मिलता है कि बाहरी आचरण के पीछे आंतरिक समर्पण की कमी है। इसका परिणाम यह होता है कि वे सांसारिक सुखों के प्रेम में चंगाई और शांति की आवश्यकता भूल जाते हैं, और ईश्वर के साथ वास्तविक संबंध टूट जाता है।
खास शब्दों/छवियों की स्पष्टता
“दिल से दुहाई नहीं देना”—यह आत्मिक अस्थिरता और अंधविश्वासी आचरण का संकेत है। “अपने बिछौने पर पड़े हुए” प्रवृत्ति के आधार पर वे आराम और सोते समय भी ईश्वर के साथ नहीं जुड़ते, बल्कि खुद की जगह ढूंढ़ते हैं। “हाय, हाय” और “बलवा” से स्पष्ट है कि वे अंतर्मन में पाप के भार से मुक्त नहीं हैं, और नये दाखमधु की भीड़ उनके गलत संतोष का प्रतीक है।
संबद्ध आयतें (क्रॉस-रेफरेंस) और तात्पर्य
ये संदर्भ दिखाते हैं कि अनुशीलित आस्था केवल बाहरी धार्मिकता नहीं, बल्कि सत्य-संवेग और आराधना के सच्चे रूप की मांग करती है।
आज के लिए उपयोग और अनुप्रयोग
आज के दिन के लिए यह संदेश बताता है कि हमारी प्रार्थनाओं और उपासना को केवल शब्दों से नहीं, बल्कि दिल की गहराई से जोड़ना चाहिए। सचेत रहें कि सांसारिक सुख, आराम, और सामाजिक दबाव हमारे विश्वास को ढाल न दें। जीवन में ईश्वर के साथ एक जीवंत संबंध बनाए रखें—न केवल रविवार की आराधना, बल्कि प्रतिदिन की प्रार्थना, नैतिक व्यवहार और compassion से उसे प्रमाणित करें।
पंक्तियों की एक पंक्ति-आधार पर सार
होशे 7:14 हमें याद दिलाता है कि बाहरी चाक्षुषता और जगह-जगह की धार्मिकता यदि भीतर से ईश्वर के साथ सच नहीं है, तो वह नष्ट-प्राय है; वास्तविकता तब है जब हम दिल से परमेश्वर की दुहाई दें, और अपने जीवन के हर क्षेत्र में उनकी इच्छा पूरी करें।
उद्धृत टिप्पणीकारों से संक्षिप्त शब्द:
हार्नेस, बेरन, एडम क्लार्क—इनके सार्वजनिक-डायरेक्ट विचारों के कुछ हिस्से नीचे हाल में उद्धृत किए जाते हैं, परन्तु मूल पाठ की भावना को बनाए रखते हुए समेकित रूप से प्रस्तुत किए गए हैं। कोई भी विशिष्ट वाक्यांश अगर लिया गया है, तो उसे यहां स्पष्ट उद्धृत किया गया है:
“दिल से दुहाई नहीं देते”—यह भावनात्मक और नैतिक रूप से असंतुलन का संकेत है।