Old Testament
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यिर्मयाह 35:15 — पथपर लौटने के लिए दास नबियों का संदेश
यिर्मयाह ने बर्बरतापूर्वक चल रहे इस्राएल की स्थिति के बीच परमेश्वर के दयालु धैर्य को देखा। इस वचनों में परमेश्वर अपने दास नबियों को भेजकर चेतावनी दे रहे हैं: स्थिति वही रहती है जब लोग अपनी बुरे चाल से लौटते नहीं—उसके पीछे दूसरी देवताओं की उपासना करते रहते हैं। यह संदेश इस बात पर केंद्रित है कि परमेश्वर ने बारहाब्दियों से अपने लोगों को एक ही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया है, परंतु लोग अपनी सोच और अहंकार के कारण उधर ही नहीं लौटते।
immediate setting (स्थिति का सीमांकन)
यह पंक्तियाँ ऐतिहासिक-प्रसंग में बुलाए गए दास नबियों के माध्यम से आती हैं, जिनकी भूमिका है राष्ट्र को सचेत करना और पथभ्रष्ट होने पर सचेत करना। परमेश्वर कह रहे हैं कि वे बार-बार अपने लोगों के पास जाकर सुधार का आह्वान कर रहे हैं, परंतु उन्होंने न सुना और न बदला।
पाठ का संदेश: ईश्वर और विश्वास का स्वर
- ईश्वर अपने लोगों के प्रति प्रिय और धैर्यवान है: बार-बार बुलावा भेजना, फिर भी नहीं सुनना।
- मोड़ तब आता है जब लोग अपनी बुरे चाल से लौटते हैं और दूसरे देवताओं के पीछे नहीं जाते—परमेश्वर का एक ही सत्य मार्ग छोड़ते नहीं।
- नबियों की भूमिका यह है कि वे समाज के लिए चेतावनी हों और उच्चतम की ओर पथस्थापन करें।
प्रमुख शब्दों का स्पष्टीकरण
संबंधित सेक्शन और क्रॉस-रेफरेंसेस
– यिर्मयाह 7:23-24: ईश्वर ने लोगों को अपना मार्ग अपनाने को कहा, पर वे नहीं मानते।
– यिर्मयाह 25:5: पन्थरहित राहों पर चलना; नबियाँ फिर चेतावनी देते हैं।
– डिन का संदर्भ: इस्राएल के इतिहास में बार-बार चेतावनी मिलने के बावजूद भी लोग बदलाव नहीं करते।
आज के संदर्भ में लागू करने योग्य बिंदु
हममें से हर कोई अपने जीवन के बाय-लाइन में एक स्पष्ट प्रश्न है: किन देवताओं के पीछे मैं अपनी प्राथमिकताओं को लगा रहा हूँ? क्या मैं अपने जीवन में रुककर परमेश्वर के मार्ग की गहराई से खोज करता हूँ, या मैं अपनी बुरी चाल के अनुसार चलते रहता हूँ?
इस पद में दी गई सीख आधुनिक जीवन पर भी लागू होती है—आत्म-परिवर्तन, भक्तिपूर्ण आचरण और अन्य देवताओं के बजाय एक ही सचेमार्ग की दिशा में लौटना।
सार-संक्षेप
यिर्मयाह 35:15 में ईश्वर बार-बार मुझ से कहता है: “अपनी बुरी चाल से फिरो, और अपने काम सुधारो”—परन्तु मनुष्यों की सुनवाई न होने पर भी वह धैर्यपूर्वक चेतावनी देता है। यह हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर एक सतर्क और कृपाशील पिता हैं, जो सही मार्ग पर लौटने के लिए बार-बार पुकारते हैं।
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke — संक्षिप्त संदर्भ नोट
• Henry: परमेश्वर के दयालु संदेश की निरंतरता और मनुष्यों की दया-फिल्म के बिना बाध्यता का संकेत। "क्योंकि मैं तुम्हें ताड़ता हूँ और तुम्हारी भलाई चाहता हूँ" की भावना।
• Barnes: यह दृश्य पंथ के परिवर्तन की आवश्यकता को दर्शाता है—भरोसे के मार्ग पर लौटना और देवताओं के पीछे भागना त्यागना।
• Clarke: नबियों के दूत के रूप में मिशन की गंभीरता—नबियों की आवाज़ एक समाज के नौ-सिखर चेतावनी की तरह है।