यिर्मयाह 37:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

सिदकिय्याह राजा ने शेलेम्याह के पुत्र यहूकल और मासेयाह के पुत्र सपन्याह याजक को यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के पास यह कहला भेजा, “हमारे निमित्त हमारे परमेश्‍वर यहोवा से प्रार्थना कर।”

पिछला पद
« यिर्मयाह 37:2

यिर्मयाह 37:3 पद-दर-पद बाइबल टीका

अर्थ का संक्षिप्त स्पष्टिकरण

यह verse दिखाता है कि यिर्मयाह के पास भेंट लेकर आने वाला विचार है—राजा सयदकिय्याह और प्रमुख अधिकारी यहूकल तथा सपन्याह याजक एक साथ आकर परमेश्वर से प्रार्थना करने की गुहार कर रहे हैं। इसका मूल संदेश यह है कि संकट के समय कर्तव्यनिष्ठ प्रार्थना और धार्मिक नेतृत्व की संयुक्त पहल आवश्यक है, ताकि परमेश्वर की इच्छानुसार मार्ग दिखे।

परिप्रेक्ष्य मात्रात्मक पृष्ठभूमि

यिर्मयाह का संदेश यहूदियों के दबी और उथल-पुथल भरे समय में है जब बाबिलीयन शासन से सामना हो रहा था। इस वक्त राजा सिदकिय्याह का शासन चल रहा था और याजक-नेतृत्व भी समाज में प्रमुख भूमिका निभा रहा था। यह पंक्तियाँ एक fumbling—यात्रा के बीच—के समय की हैं, जहां सत्ता और आस्था एक साथ मिलकर उत्तर खोजती है।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • सिहायता का संकेत: यहोवा से प्रार्थना की उद्घोषणा महत्त्वपूर्ण है क्योंकि यह धार्मिक नेतृत्व की एकता और समुदाय की आस्था को दर्शाती है।
  • संघर्षशील समय: प्रार्थना का आह्वान दिखाता है कि बाहरी खतरे के समय भी परामर्श और आत्मिक निर्देशन आवश्यक है।
  • याजकों का भागीदारी: सपन्याह जैसे याजकों के साथ यहूकल का नाम यह दर्शाता है कि प्रार्थना के लिए आधिकारिक प्रतिष्ठान और राष्ट्र-नेतृत्व एक साथ आए हैं।

मुख्य थिमैटिक बिंदु

  1. धर्म–नेतृत्व की एकता आवश्यक है।
  2. आत्मीय प्रार्थना संकट के समय मार्गदर्शन का स्रोत है।
  3. संकीर्ण परिस्थितियों में भी परमेश्वर के विरुद्ध नहीं, उसकी योजना के अनुरूप चलना क्योंकि वह स्मरण-योग्य है।

अन्य सन्दर्भों से सम्बद्ध विचार

1) Jeremiah 29:7 प्रकार की सलाह से प्रेरणा मिलती है कि जिले को शांति और उद्धार के लिए प्रार्थना करनी चाहिए, क्योंकि यही परमेश्वर की योजना को सक्रिय करता है।

2) 2 Chronicles 20:3-4 में भी शासक और समुदाय की सामूहिक प्रार्थना से संकट के समय उद्धार का अनुभव होता है, जो इस घटनाक्रम के अनुरूप है।

3) James 5:16 में प्रार्थना की सामर्थ्य का उल्लेख है कि सच्ची प्रार्थना एक दूसरे के लिए प्राथना करने से शक्तिशाली होती है—जो यहाँ सामूहिक पहल का संकेत है।

शास्त्रीय टिप्पणी से संकलित प्रेरक विचार

यह पंक्ति दर्शाती है कि नेतृत्व और ईश्वर–उद्धार के लिए सामूहिक प्रार्थना का प्रारम्भक क्रिया है। पुरातन टिप्पणियों में यह कहा गया है कि राजा और याजक मिलकर धार्मिक और नागरिक आवश्यकताओं के समाधान के लिए परमेश्वर के सामने आते हैं, ताकि उनकी प्रार्थनाओं में एकता और विश्वसनीयता हो।

संक्षिप्त मार्गदर्शक निष्कर्ष

संकट के समय एक साथ आकर परमेश्वर से सहायता मांगना, न सिर्फ आधिकारिक नेतृत्व का कर्तव्य है बल्कि समुदाय की आध्यात्मिक एकता को भी मजबूत करता है। अपनी-अपनी भूमिका निभाते हुए प्रार्थना से मार्गदर्शन प्राप्त करें और परमेश्वर के योजना की आशा बनाए रखें।

क्रॉस-रेफरेंस (संक्षिप्त व्याख्या)

- यिर्मयाह 29:7: शांति और उद्धार के लिए शहर के लिए प्रार्थना करने की महत्त्वपूर्ण शिक्षा देती है।

- 2 क्रं 20:3-4: संकट के समय सामूहिक प्रार्थना से परमेश्वर की कृपा प्रकट होती है।

- याकूब 5:16: पारस्परिक प्राथना की शक्ति पर बल देता है—यह दिखाता है कि एक-दूसरे के लिए प्रार्थना करना प्रभावी है।

पाठ का व्यावहारिक निष्कर्ष

जब हमारी सामुदायिक आवश्यकताएँ बढ़ें, तब एकजुट होकर प्रार्थना करें; नेतृत्व और धार्मिक अधिकारी भी साथ आकर स्पष्ट मार्गदर्शन मांगें। परमेश्वर के प्रति आस्था बनाए रखें और उसकी योजना पर निर्भर रहें।

उद्धरण के लिए स्रोत-संदर्भ: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-domain टिप्पणी–कृतियों से मिलते-जुलते विचारों के संकलन ने इस पाठ के एकीकृत सार को आकार दिया है। ध्यान रहे कि यहाँ विधिवत छोटे उद्धरण केवल उन्हीं स्रोतों से लिए गए स्पष्ट वाक्यों के रूप में उल्लेखित हैं अगर उपलब्ध हों।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 37:3 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यिर्मयाह 21:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 21:1 (HINIRV) »
यह वचन यहोवा की ओर से यिर्मयाह के पास उस समय पहुँचा जब सिदकिय्याह राजा ने उसके पास मल्किय्याह के पुत्र पशहूर और मासेयाह याजक के पुत्र सपन्याह के हाथ से यह कहला भेजा,

यिर्मयाह 42:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 42:2 (HINIRV) »
यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के निकट आकर कहने लगे, “हमारी विनती ग्रहण करके अपने परमेश्‍वर यहोवा से हम सब बचे हुओं के लिये प्रार्थना कर, क्योंकि तू अपनी आँखों से देख रहा है कि हम जो पहले बहुत थे, अब थोड़े ही बच गए हैं।

1 राजाओं 13:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 राजाओं 13:6 (HINIRV) »
तब राजा ने परमेश्‍वर के जन से कहा, “अपने परमेश्‍वर यहोवा को मना और मेरे लिये प्रार्थना कर, कि मेरा हाथ ज्यों का त्यों हो जाए!” तब परमेश्‍वर के जन ने यहोवा को मनाया और राजा का हाथ फिर ज्यों का त्यों हो गया।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें