यिर्मयाह 52:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

चौथे महीने के नौवें दिन से नगर में अकाल यहाँ तक बढ़ गई, कि लोगों के लिये कुछ रोटी न रही।

पिछला पद
« यिर्मयाह 52:5

यिर्मयाह 52:6 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 52:6 की दृष्टि में अकाल का घनिष्ट प्रभाव और आध्यात्मिक संदेश

यह पद यिर्मयाह के अभिलेख में नगर Babylon से बंधी निर्बलता और दुष्ट शासन के कारण यरूशलगम के भीतर उठे अकाल के दृश्य को स्पष्ट करता है। चौथे महीने के नौवें दिन से नगर में अत्यंत अभाव हो गया था; भूख इतनी कि लोगों के लिये कुछ भी रोटी नहीं बची थी। यह भ्रांतियों से भरे समय में भी ईश्वरीय नियमों के पीछे छिपे कोड़े को दिखाता है—क्योंकि पाप और दमन के कारण ही शहर पर यह कष्ट आया।

पंक्ति-विश्लेषण: अध्याय के संदर्भ में यह वाक्य

यिर्मयाह 52 अध्याय में बंधकों के नगर पर शासन के अंत और यरूशलगम के विनाश का दृश्य बारंबार आता है। इस विशेष वाक्य में अकाल का वर्णन है जो चाल-चाल के साथ बढ़ता गया, जब ईश्वर के लोग भी भोजन की कमी से जूझ रहे थे। यह रक्तपात, अत्याचार और असफल धार्मिक आचरण के परिणामस्वरूप दुष्ट राजा-प्रशासन की प्रतिक्रियाओं का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

मुख्य आध्यात्मिक पाठ (मुख्य शिक्षण)

  • स्वामित्व और दयालु शासन के अभाव में मानवीय आवश्यकताओं का असहाय होना। एक समाज जब ईश्वरतः उन्मुख नहीं रहता, तब सबसे कमजोर लोग भी भूखे रहते हैं।
  • ईश्वर के उद्धार-युग के लिए प्रतीक्षा की महत्ता—भले ही परिस्थिति कठिन हो, परमेश्वर की सृष्टि के उद्धारकारी समय का विश्वास आवश्यक है।

अनुशंसा तुलना: अन्य बाइबलीय संदर्भ

- लोकत उद्देश्य: डूबते समय का भगवान की देखरेख—यशायाह या लूकस के उद्धारक संदर्भों में भूख और दमन के बीच प्रभु की कृपा का स्मरण मिलता है।

- मिस्र से पिशाच और दमन के बीच निर्भरता की मांग: जैसे पवित्रशास्त्र के कुछ हिस्सों में भूख के क्रम से उद्धार की उम्मीद दिखती है, वैसा ही यिर्मयाह के समय में भी था।

- दया और न्याय की संतुलन—भूख एक संकेत है कि पाप के परिणाम समाज पर कितने गहरे लगते हैं और परमेश्वर की न्याय-इन्तेजार की आवश्यकता कितनी वास्तविक है।

पहचान योग्य क्रॉस-रेफरेंस (संक्षिप्त आवेदन)

अतः यह संदेश पहले इतिहास-परिप्रेक्ष्य से देखते हैं: भूख की घड़ी ने लोगों के विश्वास-आडंबर को बार-बार उजागर किया। अन्य संदर्भ भी भूख को दया, न्याय और उद्धार की चर्चा के साथ जोड़ते हैं—जैसे जहां भूखे को भोजन मिलने पर आशीर्वाद और दया के कारण एक नई आशा बनती है।

अनुप्रयोग: आधुनिक पंक्ति में नीति

1) समुदाय के भीतर असमानता को दूर करने के लिए स्थान-स्थानीय सहायता और साझा दान की खबरदारी रखें। भूख के समय में जो सहायता मिलती है वह सामाजिक बन्धुत्व को मजबूत करती है।

2) साहसिक रूप से विश्वास करें कि परमेश्वर अपनी योजना में पवित्रता और उद्धार की परिक्रमा करते हैं, भले कठिन समय हो।

संक्षेप सार

यिर्मयाह 52:6 में चौथे महीने के नौवें दिन नगर में अकाल की घनघोर स्थिति दिखाती है कि दमन और अभाव कैसे सामाजिक और आधिक्य-जीवन को प्रभावित करते हैं। यह पाठ हमें याद दिलाता है कि भूख के समय भी ईश्वर की व्यवस्था के अनुरूप आचरण, दया और उद्धार की आशा बनाये रखना आवश्यक है।

नोट: इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes तथा Adam Clarke के स्पष्ट उद्धरण को मिनिमम रूप में शामिल किया गया है जहाँ उनकी क्लासिक व्याख्या सीधे प्रासंगिक हो सके; आवश्यकतानुसार एक छोटी उद्धरण-चिन्हित पंक्ति (जहाँ उपलब्ध हो) को शामिल किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 52:6 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यशायाह 3:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 3:1 (HINIRV) »
सुनों, प्रभु सेनाओं का यहोवा यरूशलेम और यहूदा का सब प्रकार का सहारा और सिरहाना अर्थात् अन्न का सारा आधार, और जल का सारा आधार दूर कर देगा;

यिर्मयाह 38:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 38:9 (HINIRV) »
“हे मेरे स्वामी, हे राजा, उन लोगों ने यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता से जो कुछ किया है वह बुरा किया है, क्योंकि उन्होंने उसको गड्ढे में डाल दिया है; वहाँ वह भूख से मर जाएगा क्योंकि नगर में कुछ रोटी नहीं रही है।”

2 राजाओं 25:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 राजाओं 25:3 (HINIRV) »
चौथे महीने के नौवें दिन से नगर में अकाल यहाँ तक बढ़ गई, कि देश के लोगों के लिये कुछ खाने को न रहा।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें