Old Testament
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न्यायियों 10:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यहोवा ने इस्राएलियों से कहा, “क्या मैंने तुम को मिस्रियों, एमोरियों, अम्मोनियों, और पलिश्तियों के हाथ से न छुड़ाया था?
न्यायियों 10:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
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न्यायियों 10:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
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निर्गमन 14:30 (HINIRV) »
इस प्रकार यहोवा ने उस दिन इस्राएलियों को मिस्रियों के वश से इस प्रकार छुड़ाया; और इस्राएलियों ने मिस्रियों को समुद्र के तट पर मरे पड़े हुए देखा।

न्यायियों 3:31 (HINIRV) »
उसके बाद अनात का पुत्र शमगर हुआ, उसने छः सौ पलिश्ती पुरुषों को बैल के पैने से मार डाला; इस कारण वह भी इस्राएल का छुड़ानेवाला हुआ। (न्या. 15:15, न्या. 10:17, 1 शमू. 4:1)

न्यायियों 10:11 पर टिप्पणी—प्रेरणा और स्मरण
यह भाग इस्राएल के इतिहास में एक बार फिर ईश्वर–याद दिलाने की ध्वनि है: परमेश्वर ने उन्हें दुष्ट पड़ोसियों के हाथ से बचाया था। इस verse में यहोवा का प्रश्न और वचन उन लोगों के लिए एक स्मरण-चेतावनी है जो एक बार उद्धार पाए, फिर भी उनकी चूक से दोहराते हैं।
पाठ-वाचन का संक्षेप (चैप्टर में कथा के साथ)
यूँ लगता है कि इस्राएलियों के अतीत के उद्धार, मिस्र से बंधन से मुक्ति, और फिर के आसपास के जनों से मिली चुनौतियाँ उनके लिए केवल इतिहास नहीं बल्कि आज भी स्मरणीय घटनाएं थीं। verse 11 में यहोवा पूछते हैं: “क्या मैंने तुम को मिस्रियों, एमोरियों, अम्मोनियों, और पलिश्तियों के हाथ से न छुड़ाया था?” यह सवाल उनके इतिहास की घटनाओं को एक ही संदेश में संयोजित करता है—यहोवा की कृपा और सुरक्षा के बिना वे कुछ नहीं कर सकते थे।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
अनुशंसा-तुलना: अन्य बाइबल पाठों से समरूपता
• यह पाठय सिंबलिक रूप से यह बताता है कि उद्धार केवल एक घटनात्मक स्मरण नहीं रहता; यह निरंतर विश्वास की निर्भरता है। अन्य जगहों में, जैसे यशायाह या भलामन के भागों में भी, उद्धारकर्ता की याद और उपस्थिति में निरंतर भरोसा रखने की बात मिलती है।
• परमेश्वर के अदम्य उद्धार के स्मारक के रूप में पवित्र विधान, और इस्राएल के इतिहास की हर मुसीबत में उनकी रक्षा के लिए दया का कारण होता है।
अनुभव से सीख: कैसे लागू करें
— अपने जीवन में बार-बार उन अवसरों को याद करें जब परमेश्वर ने संकट के समय में सहायता की है। उनकी कृपा को फिर से स्वीकारें और अपनी आस्था को ताजा करें।
— किसी भी समय जब आप निर्णय में उलझ जाएं, तब.pb अपने उद्धारकर्ता पर भरोसा बनाये रखें, न कि अपनी क्षमताओं पर।
— समुदाय के साथ मिलकर अपने इतिहास के आशीर्वाद और God's faithfulness को याद करें; यह प्रेरणा देता है कि संकट के समय में भी धैर्य और नीति बनी रहे।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप विवरण)
• चयनित अन्य संदर्भ बताते हैं कि उद्धार और स्मरण कैसे जीवित विश्वास को बनाए रखते हैं; इनसे यह स्पष्ट होता है कि उद्धारकर्ता के साथ संबद्ध रहने से ही आशीष मिलती है।
• पुराने क़ायदे में दम लेने वाले उद्धार के पल, और भविष्य के आशीर्वाद को जोड़ने वाले पाठ एक नैतिक मार्ग दिखाते हैं—यही है न्यायियों के पाठ का उद्देश्य।
कुल योग: एक संक्षेप निष्कर्ष
यह पाठ स्मरण करवाता है कि ईश्वर ने इस्राएलियों को पुरानी उन कठिनाइयों से बचाया था, और उसी स्मृति से उन्हें अगले दिनों में भी साहस और नैतिक ढांचा मिलता है। विश्वास की जीवन्तता—यही उद्धार की सच्ची पूर्व-चेतावनी है।
उद्धृत विचार-रेखा (public-domain टिप्पणीकारों से समरूप):Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के विचारों से प्रेरणा मिलती है कि उद्धार की स्मृति और निर्भरता नैतिक और आध्यात्मिक स्थिरता बनाये रखती है, और हर संकट एक अवसर है—स्वरूप में लौटने का।
याद रखें: यह पाठ भावनात्मक स्मरण नहीं, बल्कि सतत दृढ़ विश्वास की मांग करता है—प्रभु Yahweh के साथ का वह संबंध, जो उद्धार के समय भी बना रहता है।