Old Testament
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न्यायियों 10:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जाओ, अपने माने हुए देवताओं की दुहाई दो; तुम्हारे संकट के समय वे ही तुम्हें छुड़ाएँ।” (यिर्म. 2:28, यशा. 10:3)
न्यायियों 10:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
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न्यायियों 10:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
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व्यवस्थाविवरण 32:37 (HINIRV) »
तब वह कहेगा, उनके देवता कहाँ हैं, अर्थात् वह चट्टान कहाँ जिस पर उनका भरोसा था,

व्यवस्थाविवरण 32:26 (HINIRV) »
मैंने कहा था, कि मैं उनको दूर-दूर तक तितर-बितर करूँगा, और मनुष्यों में से उनका स्मरण तक मिटा डालूँगा;

1 राजाओं 18:27 (HINIRV) »
दोपहर को एलिय्याह ने यह कहकर उनका उपहास किया, “ऊँचे शब्द से पुकारो, वह तो देवता है; वह तो ध्यान लगाए होगा, या कहीं गया होगा या यात्रा में होगा, या हो सकता है कि सोता हो और उसे जगाना चाहिए।”
न्यायियों 10:14 पर एक स्पष्ट संदेश
यह पद न्यायियों के एक अध्याय में उस समय की भूमिका को उजागर करता है जब इस्रायल के लोग बुरे समय में अपने असली स्रोतों से मदद मांगना छोड़कर अस्थिर देवताओं के पास भागते हैं। यहाँ प्रेरणा यह है कि जब व्यक्ति या समुदाय संकट में हो, तो वे अपने प्रभु पर भरोसा करें, न कि अस्थायी मनुष्यों या गलत देवताओं पर—the जो पीछे से नहीं उठाते और न ही संकट के समय सचमुच सहायता देते हैं।
कथानक के भीतर इस पद की स्थिति
इस अध्याय में मिसाल के रूप में यशाय और यिर्मय की एक तुलना या संदर्भ मिलता है: वे लोग अपने देवताओं की दुहाई देते हैं, किन्तु वे देवता जो वास्तव में उन पर कृपा कर सकते हैं, वे मौन रहते हैं। यह संदेश इस बात को समझाने के लिए है कि जब संकट आता है, तब हमारी विश्वसनीयता किस पर है—क्या हम यह मानते हैं कि प्रभु ही हमारा सहायताकर्ता है, या हम अन्य चीजों पर टिके रहते हैं?
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
इस पाठ का मूल पाठ यह चेतावनी है: संकट के समय अपने मानवनिर्मित देवताओं के हाथों में मदद खोजना बहुधा असफल रहा है। परमेश्वर लोगों से अपेक्षा करते हैं कि वे अपनी रक्षा और उद्धार के लिए उसी एक में आस्था रखें, जिसकी कृपा और सामर्थ्य सर्वदा बनी रहती है। यह एक आंतरिक विकल्प है—कत्ल, भय, या आत्म-निराशा में नहीं, बल्कि विश्वास के साथ परमेश्वर के सामने टिकना।
अन्य बाइबल संदर्भों के साथ तुलना
व्यावहारिक toepassing
- संकट के समय दुर्घट लक्ष्य न बनें: तुरंत परमेश्वर की निष्ठा को प्राथमिकता दें और प्रार्थना, पवित्र लिखित सत्य और समुदायिक समर्थन से मार्गदर्शन मांगें।
- अपने भरोसे के स्रोत की जाँच करें: क्या आप किसी भय या उद्वेग के कारण अस्थिर उपायों पर टिके रहते हैं, या परमेश्वर की कृतियों और वचनों पर टिके रहते हैं?
आउटकम और सार
इस पद की सीख यह है कि संकट के समय विश्वास सिर्फ शब्दों तक सीमित न हो, बल्कि चिंताओं के बीच परमेश्वर पर निर्भरता मजबूत हो। अस्थायी देवताओं के भरोसे से निकलकर, एक ठोस विश्वास बनना सीखना आवश्यक है—जो हमारे दैनिक जीवन की कसौटी पर प्रभु के प्रति निष्ठा और विश्वास को उभारता है।
संक्षिप्त क्रॉस-रेफरेंसे
यिर्मय 2:28, यशाय 10:3—दोनों संकेत देते हैं कि संकट के समय अस्थायी स्रोतों के स्थान पर परमेश्वर का ही उद्धार सर्वोपरि है; यह पाठ हमें सत्य के लिए सीधे uốngर रहा है।
हेडिंग्स के अंतर्गत संकलित विचार
- संकट के समय भरोसे की दिशा
- अस्थायी साधनों के बजाय परमेश्वर की सुरक्षा
नोट: इस प्रविष्टि में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट उद्धरणों से आवश्यक शाब्दिक अंश केवल आवश्यकता पड़ने पर संक्षेप में उद्धृत किए गए हैं। यदि किसी विशिष्ट पंक्ति का पूर्ण उद्धरण चाहिए, कृपया संकेत दें।